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आग-आग का शोर ही मचाते रहे कर्मचारी
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आग-आग का बस शोर ही मचाते रहे कर्मचारी
विकास भवन में आग लगने का मामला
कर्मचारियों ने नहीं किया आग बुझाने का कोई प्रयास
नहीं थे पर्याप्त अग्निशमन यंत्र, लखनऊ ने मांगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। विकास भवन के डीपीआरओ दफ्तर में जिस वक्त आग लगी, उस वक्त काफी कर्मचारी वहां मौजूद थे। लेकिन वह आग पर काबू पाने के उपायों के बजाय आग-आग का शोर मचाते रहे। वहीं, आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण भी नहीं थे। बस शोर ही मचता रहा और कोई अंदर रिकार्ड रूम और ऑफिस में नहीं घुसा।
कर्मचारियों में कोई सजगता नहीं दिखी। वे धुआं देखकर भाग खड़े हुए। कुछ ही देर में आग फैली और पूरा कार्यालय चपेट में आ गया। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। जिला प्रशासन समय-समय पर आग की घटनाओं को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करता है। लेकिन यहां कोई जागरूकता नहीं दिखी। वहीं, आग लगने पर कार्यालय के शीशे आवाज के साथ चटकने शुरू हो गए। यह देख वहां मौजूद महिला कर्मचारी सहम गईं। फायर अधिकारियों के अनुसार दफ्तर में बने सिंथेटिक केबिन आग के फैलने की प्रमुख वजह थी। वहां काफी कुछ सामान ऐसा भी था जो आग की चपेट में आया और आग भड़कती चली गई। केबिन की दीवारें तक पिघल गईं। लखनऊ से भी आग लगने के कारणों और आग से हुए नुकसान के बारे में रिपोर्ट मांगी गई।
सीडीओ छुट्टी पर गईं
लोकसभा चुनाव में बतौर मुख्य कार्मिक अधिकारी रहीं आर्यका अखौरी 29 नवंबर 2019 तक अवकाश पर चली गई हैं। मंगलवार को विकास भवन कार्यालय से सभी अधिकारियों को पत्र प्राप्त हो गया कि उनके स्थान पर अब परियोजना अधिकारी भानु प्रताप सिंह कामकाज देखेंगे। उनके छुट्टी पर जाने के बाद ही आग की घटना हुई।
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कर्मचारी रिकॉर्ड लेकर भागे
विकास भवन परिसर में आग लगने के बाद कई विभागों के कर्मचारी अपने-अपने रिकॉर्ड लेकर भागने लगे। विकास भवन परिसर में मुख्य विकास अधिकारी, पशुपालन विभाग, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, जिला विकास अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी जैसे प्रमुख कार्यालय मौजूद हैं।
हाईकोर्ट गए थे डीपीआरओ
कर्मचारियों ने बताया कि जिला पंचायती राज अधिकारी चंद्रिका प्रसाद हाईकोर्ट गए हैं। इसके बाद ही यह घटना घटित हुई। इस दौरान जिला पंचायती राज अधिकारी का कार्यभार नितिन कुमार के पास है।
समय रहते पाया काबू
प्रारंभिक जांच में आग शार्ट सर्किट के कारण लगी। फायर ब्रिगेड ने समय रहते हुए आग पर काबू पा लिया नहीं तो और भी अधिक नुकसान हो सकता था। आग से नुकसान का आकलन किया जा रहा है। -अजय शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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विकास भवन में आग लगने का मामला
कर्मचारियों ने नहीं किया आग बुझाने का कोई प्रयास
नहीं थे पर्याप्त अग्निशमन यंत्र, लखनऊ ने मांगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। विकास भवन के डीपीआरओ दफ्तर में जिस वक्त आग लगी, उस वक्त काफी कर्मचारी वहां मौजूद थे। लेकिन वह आग पर काबू पाने के उपायों के बजाय आग-आग का शोर मचाते रहे। वहीं, आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण भी नहीं थे। बस शोर ही मचता रहा और कोई अंदर रिकार्ड रूम और ऑफिस में नहीं घुसा।
कर्मचारियों में कोई सजगता नहीं दिखी। वे धुआं देखकर भाग खड़े हुए। कुछ ही देर में आग फैली और पूरा कार्यालय चपेट में आ गया। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। जिला प्रशासन समय-समय पर आग की घटनाओं को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करता है। लेकिन यहां कोई जागरूकता नहीं दिखी। वहीं, आग लगने पर कार्यालय के शीशे आवाज के साथ चटकने शुरू हो गए। यह देख वहां मौजूद महिला कर्मचारी सहम गईं। फायर अधिकारियों के अनुसार दफ्तर में बने सिंथेटिक केबिन आग के फैलने की प्रमुख वजह थी। वहां काफी कुछ सामान ऐसा भी था जो आग की चपेट में आया और आग भड़कती चली गई। केबिन की दीवारें तक पिघल गईं। लखनऊ से भी आग लगने के कारणों और आग से हुए नुकसान के बारे में रिपोर्ट मांगी गई।
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सीडीओ छुट्टी पर गईं
लोकसभा चुनाव में बतौर मुख्य कार्मिक अधिकारी रहीं आर्यका अखौरी 29 नवंबर 2019 तक अवकाश पर चली गई हैं। मंगलवार को विकास भवन कार्यालय से सभी अधिकारियों को पत्र प्राप्त हो गया कि उनके स्थान पर अब परियोजना अधिकारी भानु प्रताप सिंह कामकाज देखेंगे। उनके छुट्टी पर जाने के बाद ही आग की घटना हुई।
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कर्मचारी रिकॉर्ड लेकर भागे
विकास भवन परिसर में आग लगने के बाद कई विभागों के कर्मचारी अपने-अपने रिकॉर्ड लेकर भागने लगे। विकास भवन परिसर में मुख्य विकास अधिकारी, पशुपालन विभाग, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, जिला विकास अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी जैसे प्रमुख कार्यालय मौजूद हैं।
हाईकोर्ट गए थे डीपीआरओ
कर्मचारियों ने बताया कि जिला पंचायती राज अधिकारी चंद्रिका प्रसाद हाईकोर्ट गए हैं। इसके बाद ही यह घटना घटित हुई। इस दौरान जिला पंचायती राज अधिकारी का कार्यभार नितिन कुमार के पास है।
समय रहते पाया काबू
प्रारंभिक जांच में आग शार्ट सर्किट के कारण लगी। फायर ब्रिगेड ने समय रहते हुए आग पर काबू पा लिया नहीं तो और भी अधिक नुकसान हो सकता था। आग से नुकसान का आकलन किया जा रहा है। -अजय शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी