फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   नौ साल पहले भी डूबे थे एक ही परिवार के सात सदस्य

नौ साल पहले भी डूबे थे एक ही परिवार के सात सदस्य

Sun, 26 May 2019 02:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2019 02:27 AM IST
विज्ञापन
नौ साल पहले भी डूबे थे एक ही परिवार के सात सदस्य
गंगनहर में कार समाने पर पांच लोगों की मौत का मामला
विज्ञापन

देवरिया निवासी रिटायर्ड मेजर के इकलौते बेटे संदीप थे कंप्यूटर शिक्षक
हादसे में संदीप के बेटे और भांजा-भांजी की मौत हुई तो बहन है लापता
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ/देवरिया। गंगनहर में कार गिरने के बाद पांच लोगों की मौत ने देवरिया के गुप्ता परिवार को जिंदगी भर का गम दे दिया। पल भर में सब कुछ चल गया। हादसे ने इकलौते बेटे और पोते को छीना तो बेटी अभी तक नहर में लापता है। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
देवरिया के पिंडी गांव निवासी कपूर चंद गुप्ता रिटायर्ड मेजर हैं। उनके इकलौते बेटे संदीप निजी विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षक थे। संदीप का स्कूल भी है जिसकी वह देखरेख करते थे। इस हादसे में संदीप की मौत तो हुई ही, गंगनहर में कार गिरने के बाद से संदीप की बहन रिंकी लापता हैं। जबकि संदीप के पुत्र आशुतोष के अलावा इस हादसे ने संदीप के भांजे अंश और भांजी अंशिका को भी छीन लिया।
विज्ञापन

बदहवास हुए, कुछ नहीं सूझ रहा
इकलौते बेटे की मौत के बाद से बदहवास कपूर चंद गुप्ता को कुछ भी नहीं सूझ रहा है। कपूर चंद्र की चार बेटियां अंजू, चित्रा, गुड़िया और रिंकी के अलावा एकमात्र बेटा संदीप था। संदीप ने आशा गुप्ता से प्रेम विवाह किया था। एक निजी स्कूल में कंप्यूटर शिक्षक थे। अंजू पत्नी राजेश निवासी नैनहा बनकटा की दो बेटियां सोनी (18) और शालिनी (21) मामा के घर रहकर पढ़ाई करती हैं। गर्मी की छुट्टी होने पर 23 मई को संदीप, आशा, बेटे आशुतोष, बेटी आराध्या और दोनों भांजियों को लेकर सबसे छोटे बहनोई देवी गुप्ता के पास गुरुग्राम गए थे। वहां से संदीप और देवी प्रसाद गुप्ता का पूरा परिवार हरिद्वार स्नान करने जा रहा था। शनिवार तड़के गंग नहर में कार गिरने से संदीप, आशुतोष, अंशू और अंशिका पुत्री देवीप्रसाद की मौत हो गई। कार चालक विक्की यादव भी हादसे का शिकार हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

सदमे में पूरा परिवार
हादसे की सूचना मिलने पर कपूर चंद मेरठ के लिए रवाना हो गए। देवी गुप्ता के भटवलिया स्थित आवास पर पिता दरबारी गुप्ता और बड़े भाई रमेश चंद गुप्त मिले। अंशू और अंशिका की मौत से सभी सदमे में हैं। पेशकार पद से सेवानिवृत्त अंशिका के बाबा दरबारी लाल ने बताया कि 20-25 दिन पहले देवी यहां आया था। शाम को वह बिना बताए चला गया। गुरुग्राम से आने पर ससुराल में ही ज्यादा रहता था। पोती की मौत की सूचना मिली है। हमारे परिवार पर तो वज्रपात हो गया है। देवी गुप्ता संदीप के बहनोई हैं। जो गुरुग्राम के पास रहते हैं।

तब डूबे थे सात लोग
सरूरपुर। गंगनहर पटरी पर न तो लाइट की व्यवस्था है और न कहीं स्पीड ब्रेकर हैं। कहीं भी बैरियर नहीं लगाए हैं। गति संकेतक भी नही हैं। ऐसे में लगातार हादसे हो रहे हैं और प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। 23 दिसंबर 2010 की शाम एक स्कॉर्पियो गाड़ी वाहन बचाने के दौरान अनियंत्रित होकर गंगनगर में जा गिरी थी। जिसमें सूजड़ू मुजफ्फरनगर के एक ही परिवार के चार बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई थी जबकि दो लोगों को मशक्कत से नहर से निकाला जा सका था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed