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छात्रवास पर निर्माण कराने के प्रस्ताव का किया विरोध, ज्ञापन सौंपा
Updated Fri, 07 Dec 2018 02:35 AM IST
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नगर पालिका परिषद ने इस छात्रावास की जमीन को अपनी बताकर निर्माण का रखा है प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना।
जन कल्याण एवं शिक्षा प्रणाली समिति मवाना के पूर्व प्रबंधक ने अधिशासी अधिकारी व चेयरमैन को ज्ञापन सौंपकर छात्रावास पर कब्जा कर निर्माण कराने के प्रस्ताव का विरोध जताया। अधिशासी अधिकारी ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
हाल ही में नगर पालिका की बोर्ड बैठक में दलित छात्रावास की जमीन को पालिका की जमीन बताकर वहां दुकान बनाने का बोर्ड ने प्रस्ताव पास किया था। जिसका कुछ सभासदों ने विरोध किया था, लेकिन सहमति के बाद प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई थी। बृहस्पतिवार को जन कल्याण एवं शिक्षा प्रणाली समिति के पूर्व प्रबंधक के नेतृत्व में दलित समाज के लोग नगर पालिका पहुंचे। उन्होंने अधिशासी अधिकारी व चेयरमैन को ज्ञापन सौंपा। पूर्व प्रबंधक धर्मप्रकाश ने बताया कि खसरा संख्या 1363 जिसका कुछ क्षेत्रफल 4800 वर्ग गज है, जिसमें 1800 वर्ग गज में दलित छात्रावास है व शेष 3000 वर्ग गज में अन्य आबादी है। छात्रवास के लिए भूमि विकास समिति नगर पालिका मवाना ने सन 1976 में जन कल्याण एवं शिक्षा प्रणाली समिति मवाना के नाम 1800 वर्ग गज भूमि का प्रस्ताव किया गया था। उक्त भूमि पर जन कल्याण एवं शिक्षा प्रणाली समिति का सन 1960 से कब्जा है। उक्त छात्रवास का निर्माण सन 1983 व 1984 में समाज के चंदे से समिति ने कराया था। जिसका शुभारंभ तत्कालीन डीएम ने किया था।
उन्होंने बताया कि डीएम का 19 मई, 2000 का आदेश खसरा संख्या 1363 पर है, अकेले छात्रावास पर नहीं है। न्यायालय मेरठ के 27 जुलाई, 2012 व 10 अगस्त, 2017 के आदेश द्वारा बैनामा दिनांक 15 जनवरी, 2004 को निरस्त किया गया है, जो 818.5 वर्ग गज भूमि का है। उक्त बैनामा भी जन कल्याण समिति के द्वारा निरस्त कराया गया है। नगर पालिका ने हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में छात्रावास पर कब्जा कर दुकानों का निर्माण कराने का प्रस्ताव पास किया था, जबकि नगर पालिका के पास न्यायालय का कोई आदेश नहीं है। उन्होंने बताया कि यह मामला अभी भी उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। अधिशासी अधिकारी हेमराज व चेयरमैन अय्यूब कालिया ने जांच का आश्वासन दिया है। रामफल सिंह, राजेंद्र कुमार, अशोक कुमार, संजय सैनी, दिनेश कुमार, चुन्नीलाल, सतपाल, अशोक, रामसरन, धर्मपाल, सुनील कुमार, सनी कुमार, आदेश, राजेश कुमार, सतीश, अमित आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
मवाना।
जन कल्याण एवं शिक्षा प्रणाली समिति मवाना के पूर्व प्रबंधक ने अधिशासी अधिकारी व चेयरमैन को ज्ञापन सौंपकर छात्रावास पर कब्जा कर निर्माण कराने के प्रस्ताव का विरोध जताया। अधिशासी अधिकारी ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
हाल ही में नगर पालिका की बोर्ड बैठक में दलित छात्रावास की जमीन को पालिका की जमीन बताकर वहां दुकान बनाने का बोर्ड ने प्रस्ताव पास किया था। जिसका कुछ सभासदों ने विरोध किया था, लेकिन सहमति के बाद प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई थी। बृहस्पतिवार को जन कल्याण एवं शिक्षा प्रणाली समिति के पूर्व प्रबंधक के नेतृत्व में दलित समाज के लोग नगर पालिका पहुंचे। उन्होंने अधिशासी अधिकारी व चेयरमैन को ज्ञापन सौंपा। पूर्व प्रबंधक धर्मप्रकाश ने बताया कि खसरा संख्या 1363 जिसका कुछ क्षेत्रफल 4800 वर्ग गज है, जिसमें 1800 वर्ग गज में दलित छात्रावास है व शेष 3000 वर्ग गज में अन्य आबादी है। छात्रवास के लिए भूमि विकास समिति नगर पालिका मवाना ने सन 1976 में जन कल्याण एवं शिक्षा प्रणाली समिति मवाना के नाम 1800 वर्ग गज भूमि का प्रस्ताव किया गया था। उक्त भूमि पर जन कल्याण एवं शिक्षा प्रणाली समिति का सन 1960 से कब्जा है। उक्त छात्रवास का निर्माण सन 1983 व 1984 में समाज के चंदे से समिति ने कराया था। जिसका शुभारंभ तत्कालीन डीएम ने किया था।
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उन्होंने बताया कि डीएम का 19 मई, 2000 का आदेश खसरा संख्या 1363 पर है, अकेले छात्रावास पर नहीं है। न्यायालय मेरठ के 27 जुलाई, 2012 व 10 अगस्त, 2017 के आदेश द्वारा बैनामा दिनांक 15 जनवरी, 2004 को निरस्त किया गया है, जो 818.5 वर्ग गज भूमि का है। उक्त बैनामा भी जन कल्याण समिति के द्वारा निरस्त कराया गया है। नगर पालिका ने हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में छात्रावास पर कब्जा कर दुकानों का निर्माण कराने का प्रस्ताव पास किया था, जबकि नगर पालिका के पास न्यायालय का कोई आदेश नहीं है। उन्होंने बताया कि यह मामला अभी भी उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। अधिशासी अधिकारी हेमराज व चेयरमैन अय्यूब कालिया ने जांच का आश्वासन दिया है। रामफल सिंह, राजेंद्र कुमार, अशोक कुमार, संजय सैनी, दिनेश कुमार, चुन्नीलाल, सतपाल, अशोक, रामसरन, धर्मपाल, सुनील कुमार, सनी कुमार, आदेश, राजेश कुमार, सतीश, अमित आदि मौजूद रहे।
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