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किनौनी शुगर मिल में समस्याओं की भरमार, किसानों की कोई नहीं सुनने को तैयार

Thu, 22 Nov 2018 01:51 AM IST
Updated Thu, 22 Nov 2018 01:51 AM IST
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किनौनी शुगर मिल में समस्याओं की भरमार, किसानों की कोई नहीं सुनने को तैयार

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पर्चियां नहीं मिलने से परेशान गन्ना किसान
- मिल प्रबंधन और मलियाना गन्ना समिति पर किसानों का शोषण करने का आरोप
रोहटा। किनौनी शुगर मिल में गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। अपनी समस्याओं को लेकर जब किसान अधिकारियों से शिकायत करने के लिए जाते है तो मिल के सुरक्षाकर्मी किसानों को अधिकारियों से मिलने ही नहीं देते। किसानों का कहना है कि मिल प्रबंधन और मलियाना गन्ना समिति किसानों का लगातार शोषण करते आ रहे हैं, जिसके चलते किसानों में मिल एवं समिति के अधिकारियों के प्रति भारी रोष व्याप्त है।
बता दें कि किनौनी शुगर मिल में गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों को सीजन 2017-18 में काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ा था। जिनमें किसानों को मिल में गन्ना आपूर्ति करने के लिए समय पर पर्ची न मिलना। मिल के मेन्यूअल टॉकिन के कर्मचारियों द्वारा साफ एवं ताजे गन्ने में कमी निकालना, मिल मालिकों द्वारा गन्ना भुगतान समय पर न किए जाने समेत शौचालय एवं पीने के साफ पानी की किल्लत जैसी कई अन्य जटिल समस्याएं शामिल थी।
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सीजन-2018-19 में भी किसानों के सामने समस्याएं बनी हुई है। किसानों का कहना है कि गन्ना सर्वेक्षण के दौरान मिल एवं मलियाना गन्ना समिति के कामदारों ने भारी अनियमित्ताएं बरती थी। जिसका खामियाजा किसानों को भुुगतना पड़ रहा है न ही तो पर्ची कलेंडर किसानों को दिए गए है और न ही मिल की साइट पर भी पर्चियों का कोई ब्यौरा दिखाई दे रहा है। बकाया गन्ना भुगतान नहीं मिलने के कारण बच्चों की फीस तक नहीं भरी गई है वहीं अगली फसल के लिए खाद बीज की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है।
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नहीं मिल रही पर्चियां
- मिल प्रबंधन अधिकारी किसानों का शोषण कर रहे हैं। किसानों को गन्ना पर्चियां नहीं मिल रही हैं। शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
अधिकारी एक दूसरे के पास भेजकर अपना पल्ला झाड रहे हैं। - किसान गुलाब सिंह

पानी की व्यवस्था नहीं
- मिल अधिकारियों का व्यवहार किसानों के साथ अच्छा नहीं है। मिल में पीने के साफ पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। किसानों के लिए शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। केवल दो शौचालय है जिनकी हालत खराब है। - बलजोर सिंह

किसानों में रोष
- मिल और समिति के अधिकारी किसानों का शोषण कर रहे है। किसानों में रोष व्याप्त है। बिना धरना-प्रदर्शन अधिकारियों की आंख नहीं खुलती। तानाशाही बंद नहीं हुई तो आंदोलन करेगें।- अमरजीत सिंह
नहीं मिल रहा भुगतान
बकाया गन्ना भुगतान न होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधि, अधिकारी सभी मात्र आश्वासन देते है लेकिन भुगतान कोई नहीं करवाता। वहीं गन्ना डालने के लिए पर्चियां समय पर नहीं मिल रही है। अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं।- डॉ. महकसिंह


गेहूं बुआई हो रही लेट
- किसानों का पिछले सीजन का बकाया भुगतान मिल मालिकों ने अभी तक नहीं किया है। समय पर गन्ना पर्चियां भी नहीं दी जा रही है जिससे गेहूं की बुआई लेट हो रही है। मिल के कर्मचारियों का व्यवहार किसानों के प्रति अच्छा नहीं है। किसान को परेशान किया जा रहा है। - यशवीर सिंह
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