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मलियाना समिति में मृतकों के नाम पर्ची को लेकर बैठक में हंगमा
Updated Tue, 30 Oct 2018 01:44 AM IST
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सरूरपुर। सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना में सोमवार को बोर्ड बैठक आयोजित की गई। जिसमें समिति द्वारा पहले ही इंडेंट में मृतकों के नाम से पर्ची जारी करने को लेकर हंगामा हुआ। इसके बाद किसानों ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान, नये गन्ना क्रय केन्द्रों को लगवाने, घटतौली पर अंकुश लगाने आदि मुद्दों पर चर्चा की।
सहकारी गन्ना समिति मलियाना में आयोजित बैठक में गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन बिजेेद्र प्रमुख ने कहा कि बजाज शुगर मिल किनौनी द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान नहीं किए जाने पर बैठक में नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रशासन बजाज ग्रुप की मनमानी के खिलाफ या तो अति शीघ्र कठोर कार्रवाई अमल में लाए वरना किसानों को मजबूरन उग्र आंदोलन के लिए विवश होना पडे़गा। आयुक्त ने सुरक्षण आदेश में नंगलामल एवं सिंभावली चीनी मिल को मलियाना गन्ना समिति के क्रय केंद्र स्थापित कर चलाने के आदेश दिए हैं। अभी तक इन चीनी मिलों ने ये केन्द्र नहीं लगाए हैं। इन्हें तत्काल लगाया जाए। बैठक की अध्यक्षता कर रहे समिति के चेयरमैन सतेंद्र सिंह ने कहा कि जो तौल लिपिक पिछले पेराई सत्र में घटतौली करते पकड़ा गया है। उसे इस सत्र में तौल करने के लिए पुन: लाइसेंस जारी करने पर अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बार यदि कोई तौल लिपिक घटतौली करता पकड़ा गया तो तौल लिपिक समेत उस चीनी मिल के जीएम गन्ना एवं मिल अध्यासी के खिलाफ मुकदमा कायम कराया जाएगा। किसानों ने आरोप लगाया कि समिति के कर्मचारी गन्ना माफिया से मिले हुए हैं। जिन्होंने पहले ही इंडेंट में गांव रोहटा, बाड़म में दशकों से मृतकों के बंद पडे़ बांड चालू कर पर्चियां जारी करने को बड़ा फर्जीवाड़ा बताया। बैठक में किसानों ने कहा कि जारी पर्चियों पर तौल करने का समय तीन से बढ़ाकर पांच दिन किया जाए। हालांकि कुछ किसानों ने कहा कि जिन छोटे किसानों की कलेंडर में मात्र पांच पर्चियां हैं। उन्हें पहले ही पखवाडे़ में लगवाकर एक माह के अंदर दिलाया जाए। इस पर बैठक में विचार किया गया। इसके अतिरिक्त किसान को डुप्लीकेट पर्चियां जारी करने तथा तौल की तिथि बदलने का अधिकार मिल को दिया जाए। इस पर सहमति नहीं बन सकी। समिति सचिव श्रीपाल सिंह ने कहा कि गत वर्षों में किसान बीच सीजन में एक चीनी मिल से दूसरी चीनी मिल पर ट्रांसफर कराकर दोहरा लाभ लेता था। अबकी बार बीच सीजन में कोई बांड दूसरी चीनी मिल पर ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। किनौनी चीनी मिल के इंडेंट में दर्जनों मृतकों की जारी की गई पर्चियों के मामले में जिला गन्ना अधिकारी आंनद कुमार शुक्ला ने जांच बैठा दी है। समिति के डिप्टी दिलीप कुमार को चौबीस घंटे में जांचकर प्रकरण से अवगत कराने की हिदायत दी है। वहीं, डिप्टी ने जंाच में रोहटा के अतिरिक्त बाड़म, पूठखास, रासना आदि गांवों में भी कुछ मामले पकड़ में आने पर बांड तत्काल बंद करा दिए हैं ओर गन्ना सुपरवाइजरों की टीमें गांवों में भेजकर के ऐसे मामलों को चिह्नित कर तत्काल बंद करने के आदेश दिए है। सोमवार को टीमें गावों में सत्यापन करने में जुटी रही। बैठक का संचालन डिप्टी दलीप कुमार ने किया। बैठक में नजाकत अली, नवीन सांगवान, अनिल सहारन, जगत सिंह, सुभाष चन्द पूर्व प्रधान, सलीम खां, नीरज सिह, राजपाल, आनंद शर्मा, प्रमोद सिह, बाकेलाल, वीरसैन, आदि थे।
मुख्य बातें
इंडेंट में मृतकों के नाम से पर्ची जारी करने पर जताई आपत्ति
बीच सीजन में बांड दूसरी चीनी मिल पर ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा
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सहकारी गन्ना समिति मलियाना में आयोजित बैठक में गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन बिजेेद्र प्रमुख ने कहा कि बजाज शुगर मिल किनौनी द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान नहीं किए जाने पर बैठक में नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रशासन बजाज ग्रुप की मनमानी के खिलाफ या तो अति शीघ्र कठोर कार्रवाई अमल में लाए वरना किसानों को मजबूरन उग्र आंदोलन के लिए विवश होना पडे़गा। आयुक्त ने सुरक्षण आदेश में नंगलामल एवं सिंभावली चीनी मिल को मलियाना गन्ना समिति के क्रय केंद्र स्थापित कर चलाने के आदेश दिए हैं। अभी तक इन चीनी मिलों ने ये केन्द्र नहीं लगाए हैं। इन्हें तत्काल लगाया जाए। बैठक की अध्यक्षता कर रहे समिति के चेयरमैन सतेंद्र सिंह ने कहा कि जो तौल लिपिक पिछले पेराई सत्र में घटतौली करते पकड़ा गया है। उसे इस सत्र में तौल करने के लिए पुन: लाइसेंस जारी करने पर अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बार यदि कोई तौल लिपिक घटतौली करता पकड़ा गया तो तौल लिपिक समेत उस चीनी मिल के जीएम गन्ना एवं मिल अध्यासी के खिलाफ मुकदमा कायम कराया जाएगा। किसानों ने आरोप लगाया कि समिति के कर्मचारी गन्ना माफिया से मिले हुए हैं। जिन्होंने पहले ही इंडेंट में गांव रोहटा, बाड़म में दशकों से मृतकों के बंद पडे़ बांड चालू कर पर्चियां जारी करने को बड़ा फर्जीवाड़ा बताया। बैठक में किसानों ने कहा कि जारी पर्चियों पर तौल करने का समय तीन से बढ़ाकर पांच दिन किया जाए। हालांकि कुछ किसानों ने कहा कि जिन छोटे किसानों की कलेंडर में मात्र पांच पर्चियां हैं। उन्हें पहले ही पखवाडे़ में लगवाकर एक माह के अंदर दिलाया जाए। इस पर बैठक में विचार किया गया। इसके अतिरिक्त किसान को डुप्लीकेट पर्चियां जारी करने तथा तौल की तिथि बदलने का अधिकार मिल को दिया जाए। इस पर सहमति नहीं बन सकी। समिति सचिव श्रीपाल सिंह ने कहा कि गत वर्षों में किसान बीच सीजन में एक चीनी मिल से दूसरी चीनी मिल पर ट्रांसफर कराकर दोहरा लाभ लेता था। अबकी बार बीच सीजन में कोई बांड दूसरी चीनी मिल पर ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। किनौनी चीनी मिल के इंडेंट में दर्जनों मृतकों की जारी की गई पर्चियों के मामले में जिला गन्ना अधिकारी आंनद कुमार शुक्ला ने जांच बैठा दी है। समिति के डिप्टी दिलीप कुमार को चौबीस घंटे में जांचकर प्रकरण से अवगत कराने की हिदायत दी है। वहीं, डिप्टी ने जंाच में रोहटा के अतिरिक्त बाड़म, पूठखास, रासना आदि गांवों में भी कुछ मामले पकड़ में आने पर बांड तत्काल बंद करा दिए हैं ओर गन्ना सुपरवाइजरों की टीमें गांवों में भेजकर के ऐसे मामलों को चिह्नित कर तत्काल बंद करने के आदेश दिए है। सोमवार को टीमें गावों में सत्यापन करने में जुटी रही। बैठक का संचालन डिप्टी दलीप कुमार ने किया। बैठक में नजाकत अली, नवीन सांगवान, अनिल सहारन, जगत सिंह, सुभाष चन्द पूर्व प्रधान, सलीम खां, नीरज सिह, राजपाल, आनंद शर्मा, प्रमोद सिह, बाकेलाल, वीरसैन, आदि थे।
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मुख्य बातें
इंडेंट में मृतकों के नाम से पर्ची जारी करने पर जताई आपत्ति
बीच सीजन में बांड दूसरी चीनी मिल पर ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा