{"_id":"5bd4c822bdec225d4c0a8db9","slug":"154067148520-sardana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किनौनी मिल ने पर्चियों का इंडेट जारी किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किनौनी मिल ने पर्चियों का इंडेट जारी किया
Updated Sun, 28 Oct 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
किनौनी मिल का इंडेंट जारी, किसानों को मिली पर्चियां
रोहटा। बजाज शुगर मिल किनौनी प्रबंधन ने अपने 15वें पेराई सत्र के संचालन हेतू शनिवार को गन्ना पर्चियों का इंडेंट जारी कर दिया है। पहली बार चीनी मिल एक नवंबर को अपना पेराई सत्र शुरू करने जा रही है।
किनौनी मिल नवंबर के तीसरे या चौथे सप्ताह से गन्ने की पेराई सत्र का संचालन करती रही है। मिल के देर से चलने से हमेशा किसानों के गन्ना काटकर गेहूं बोने में देरी होती रही है। गन्ना पर्चियों को लेकर भी मारामारी मची रही। लेकिन शनिवार को मिल प्रबंधन ने अपने 15 वें पेराई सत्र के संचालन हेतू गन्ना समिति मलियाना, दौराला, मलकपुर, बागपत के माध्यम से की जाने वाले गन्ने की खरीद के लिए बाह्य गन्ना क्रय केंद्रों के लिए 30 व 31 अक्तूबर व मिल के गेट पर आपूर्ति करने के लिए एक नंवबर से गन्ना पर्चियों का इंडेंट जारी कर अपने देरी से चलाने की चली आ रही परिपाटी पर विराम लगा दिया है। वही जहां किसानों में चीनी मिल के दीपावली से पूर्व चलने को लेकर उहापोह की स्थिति व्याप्त थी। पर्चियां मिलने से उस पर भी अंकुश लग गया है।
मिल के यूनिट हेड केपी सिह ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि चीनी मिल का 15 वां पेराई सत्र के संचालन हेतू प्रबंधन ने एक नंवबर से मिल में अग्नि प्रज्जवलित कर चलाने का निर्णय लिया है। जिसके लिए 30 व 31 अक्तूबर को खरीद करने के लिए 113 बाह्य गन्ना क्रय केंद्रों के लिए संबंधित गन्ना समितियों के माध्यम से गन्ने की पर्चियां किसानों को जारी कर दी है। उन्होंने बताया कि किसानों की गेहूं की बुवाई को समय से कराया जा सके। इस उद्देश्य से मिल प्रबंधन ने इस बार जल्द चीनी मिल चलाने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
गन्ना भुगतान के मुद्दे पर कहा कि गत सीजन का 24 फरवरी तक का भुगतान किसानों के खातों में भेज दिया है। अभी मिल के गोदामों में पर्याप्त चीनी अवशेष है, जिसकी ब्रिकी से किसानों के बकाया गन्ने का भुगतान किया जा सकेगा। जैसे-जैसे चीनी की ब्रिकी हो रही है। नियमानुसार गन्ने का भुगतान किसानों के खातों में भेजा जा रहा है।
रोहटा। बजाज शुगर मिल किनौनी प्रबंधन ने अपने 15वें पेराई सत्र के संचालन हेतू शनिवार को गन्ना पर्चियों का इंडेंट जारी कर दिया है। पहली बार चीनी मिल एक नवंबर को अपना पेराई सत्र शुरू करने जा रही है।
किनौनी मिल नवंबर के तीसरे या चौथे सप्ताह से गन्ने की पेराई सत्र का संचालन करती रही है। मिल के देर से चलने से हमेशा किसानों के गन्ना काटकर गेहूं बोने में देरी होती रही है। गन्ना पर्चियों को लेकर भी मारामारी मची रही। लेकिन शनिवार को मिल प्रबंधन ने अपने 15 वें पेराई सत्र के संचालन हेतू गन्ना समिति मलियाना, दौराला, मलकपुर, बागपत के माध्यम से की जाने वाले गन्ने की खरीद के लिए बाह्य गन्ना क्रय केंद्रों के लिए 30 व 31 अक्तूबर व मिल के गेट पर आपूर्ति करने के लिए एक नंवबर से गन्ना पर्चियों का इंडेंट जारी कर अपने देरी से चलाने की चली आ रही परिपाटी पर विराम लगा दिया है। वही जहां किसानों में चीनी मिल के दीपावली से पूर्व चलने को लेकर उहापोह की स्थिति व्याप्त थी। पर्चियां मिलने से उस पर भी अंकुश लग गया है।
विज्ञापन
मिल के यूनिट हेड केपी सिह ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि चीनी मिल का 15 वां पेराई सत्र के संचालन हेतू प्रबंधन ने एक नंवबर से मिल में अग्नि प्रज्जवलित कर चलाने का निर्णय लिया है। जिसके लिए 30 व 31 अक्तूबर को खरीद करने के लिए 113 बाह्य गन्ना क्रय केंद्रों के लिए संबंधित गन्ना समितियों के माध्यम से गन्ने की पर्चियां किसानों को जारी कर दी है। उन्होंने बताया कि किसानों की गेहूं की बुवाई को समय से कराया जा सके। इस उद्देश्य से मिल प्रबंधन ने इस बार जल्द चीनी मिल चलाने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
गन्ना भुगतान के मुद्दे पर कहा कि गत सीजन का 24 फरवरी तक का भुगतान किसानों के खातों में भेज दिया है। अभी मिल के गोदामों में पर्याप्त चीनी अवशेष है, जिसकी ब्रिकी से किसानों के बकाया गन्ने का भुगतान किया जा सकेगा। जैसे-जैसे चीनी की ब्रिकी हो रही है। नियमानुसार गन्ने का भुगतान किसानों के खातों में भेजा जा रहा है।