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पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में पावर कारपोरेशन ने उठाया गौदाम से सामान
Updated Sun, 28 Oct 2018 01:45 AM IST
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खरखौदा। पावर कारपोरेशन व लाइन का निर्माण कर चुके पेटी ठेकेदारों ने काफी दिन से विवाद चल रहा है। पेटी ठेकेदारों को पावर कारपोरेशन द्वारा बकाया नहीं दिए जाने के कारण उन्होंने गांव कैली में बने गोदाम पर ताला डाल दिया था। कई बार प्रयास के बाद भी पावर कारपोरेशन सामान पर कब्जा नहीं ले पा रहा था। शनिवार को भारी पुलिस बल व प्रशासन की मौजूदगी में पावर कारपोरेशन ने सामान उठाया।
2015 में यूपीपीटीसीएल द्वारा क्षेत्र में आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए सिंभावली से शताब्दीनगर, बाबूगढ़ छावनी से हापुड़, हापुड़ से पिलखुआ, हापुड़ से परतापुर व मेरठ से मुंडाली समेत कई बड़ी लाइनों का निर्माण का ठेका दक्षिण की कपंनी ईएमसी को दिया गया। जिसमें ईएमसी कपंनी ने इन लाइनों के निर्माण के लिए पेेठी ठेकेदरों को ठेका दे दिया था। सभी लाइनों में करीब 26 ठेकेदारों ने निर्माण कार्य कराया। ठेकेदारों ने सभी लाइनों को समय सेे पहले ही यूपीपीटीसीएल के हैंडओवर कर दिया। वहीं, कंपनी की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण यूपीपीटीसीएल नेे कपंनी के सभी खातों को होल्ड कर दिया। उधर, कंपनी ठेकेदारों को समय से भुगतान नहीं कर सकी। जिसमें हापुड़ से परतापुर को जा रही लाइन का निर्माण समय से पूरा नहीं हो सका। लाइन का कार्य समय से पूरा नहीं होने पर यूपीपीटीसीएल ने ईएमसी कंपनी से ठेका निरस्त कर दूसरी कंपनी को दे दिया था। वहीं, ईएमसी कपंनी को ही लेबर के साथ साथ सामान भी अपना ही लगाना था। कंपनी ने गांव कैली में सामान के लियेे गोदाम बनाया था। गांव कैली के ही एक किसान की जमीन को किराए पर लेकर गोदाम बनाया गया था। कंपनी का टेंडर निरस्त होने पर कंपनी ने पेेटी ठेकेदारों एवं जमीन स्वामी का बकाया रोक दिया। उधर, यूपीपीटीसीएल गोदाम पर पडे सामान को अपना बताकर सामान पर कब्जा करने लगा। जमीन स्वामी व पेटी ठेकेदारों ने भुगतान नहीं होने तक सामान उठने का विरोध किया। दो बार प्रयास के बाद भी यूपीपीटीसीएल सामान पर कब्जा नहीं ले सका था। शनिवार को एसडीएम सदर निशा अनंत, तहसीलदार संतोष कुमार एवं सीओ किठौर चक्रपाणि त्रिपाठी सहित कई थानों की फोर्स, पीएसी की मौजूदगी में यूपीपीटीसीएल के अधिकारियों ने गोदाम सेे सामान उठाया गया।
जिलाधिकारी के आदेश के बाद ही पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है तथा सामान उठाया है। विरोध कर रहे ठेकेदारों की बात भी सुनी गयी है। ठेकेदारों द्वारा दिए गए मांग पत्र पर जिलाधिकारी से इस मामले में बात की जाएगी। -निशा अनंत, एसडीएम सदर
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ठेकेदारों की मांग जायज है लेकिन अपनी मांग यूपीपीटीसीएल से न रखकर ईएमसी कंपनी से अपनी मांग रखें। गोदाम पर पड़ा सामान विभाग का है। क्षेत्र में विकास कार्य के लाइन निर्माण के लिए सामान कब्जे लेना ही होगा। -राहुल नंदा, अधिशासी अधिकारी यूपीपीटीसीएल
यूपीपीटीसीएल नेे कपंनी का करीब 25 करोड़ रुपया रोक रखा है। कंपनी ने विभाग को लिख दिया है कि कंपनी का बकाया उनके खाते में न डालकर सीधे ठेकेदारों को दे दो। -वैभव जैन , असिस्टेंट मैनेजर ईएमसी कपंनी।
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2015 में यूपीपीटीसीएल द्वारा क्षेत्र में आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए सिंभावली से शताब्दीनगर, बाबूगढ़ छावनी से हापुड़, हापुड़ से पिलखुआ, हापुड़ से परतापुर व मेरठ से मुंडाली समेत कई बड़ी लाइनों का निर्माण का ठेका दक्षिण की कपंनी ईएमसी को दिया गया। जिसमें ईएमसी कपंनी ने इन लाइनों के निर्माण के लिए पेेठी ठेकेदरों को ठेका दे दिया था। सभी लाइनों में करीब 26 ठेकेदारों ने निर्माण कार्य कराया। ठेकेदारों ने सभी लाइनों को समय सेे पहले ही यूपीपीटीसीएल के हैंडओवर कर दिया। वहीं, कंपनी की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण यूपीपीटीसीएल नेे कपंनी के सभी खातों को होल्ड कर दिया। उधर, कंपनी ठेकेदारों को समय से भुगतान नहीं कर सकी। जिसमें हापुड़ से परतापुर को जा रही लाइन का निर्माण समय से पूरा नहीं हो सका। लाइन का कार्य समय से पूरा नहीं होने पर यूपीपीटीसीएल ने ईएमसी कंपनी से ठेका निरस्त कर दूसरी कंपनी को दे दिया था। वहीं, ईएमसी कपंनी को ही लेबर के साथ साथ सामान भी अपना ही लगाना था। कंपनी ने गांव कैली में सामान के लियेे गोदाम बनाया था। गांव कैली के ही एक किसान की जमीन को किराए पर लेकर गोदाम बनाया गया था। कंपनी का टेंडर निरस्त होने पर कंपनी ने पेेटी ठेकेदारों एवं जमीन स्वामी का बकाया रोक दिया। उधर, यूपीपीटीसीएल गोदाम पर पडे सामान को अपना बताकर सामान पर कब्जा करने लगा। जमीन स्वामी व पेटी ठेकेदारों ने भुगतान नहीं होने तक सामान उठने का विरोध किया। दो बार प्रयास के बाद भी यूपीपीटीसीएल सामान पर कब्जा नहीं ले सका था। शनिवार को एसडीएम सदर निशा अनंत, तहसीलदार संतोष कुमार एवं सीओ किठौर चक्रपाणि त्रिपाठी सहित कई थानों की फोर्स, पीएसी की मौजूदगी में यूपीपीटीसीएल के अधिकारियों ने गोदाम सेे सामान उठाया गया।
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जिलाधिकारी के आदेश के बाद ही पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है तथा सामान उठाया है। विरोध कर रहे ठेकेदारों की बात भी सुनी गयी है। ठेकेदारों द्वारा दिए गए मांग पत्र पर जिलाधिकारी से इस मामले में बात की जाएगी। -निशा अनंत, एसडीएम सदर
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ठेकेदारों की मांग जायज है लेकिन अपनी मांग यूपीपीटीसीएल से न रखकर ईएमसी कंपनी से अपनी मांग रखें। गोदाम पर पड़ा सामान विभाग का है। क्षेत्र में विकास कार्य के लाइन निर्माण के लिए सामान कब्जे लेना ही होगा। -राहुल नंदा, अधिशासी अधिकारी यूपीपीटीसीएल
यूपीपीटीसीएल नेे कपंनी का करीब 25 करोड़ रुपया रोक रखा है। कंपनी ने विभाग को लिख दिया है कि कंपनी का बकाया उनके खाते में न डालकर सीधे ठेकेदारों को दे दो। -वैभव जैन , असिस्टेंट मैनेजर ईएमसी कपंनी।