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मढियाई में बारिश में गिरी मकान की छत
Updated Sun, 23 Sep 2018 02:05 AM IST
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मकान की छत गिरी, सामान दबा
सरधना। मंढियाई गांव में शुक्रवार की रात बारिश के कारण एक मकान की छत गिर गई। मकान की छत गिरने से परिवार में चीख पुकार मच गई। छत गिरने से उसके घर का सामान दब गया। मकान की छत गिर जाने के कारण पीड़ित परिवार ने आर्थिक मदद की मांग की है।
कोतवाली क्षेत्र के मंढियाई गांव निवासी रहीसुद्दीन मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसका मकान कच्चा बना हुआ है। शुक्रवार की रात हुई बारिश के कारण मकान की छत पर पानी भर गया और रात के समय पूरा परिवार मकान में सोया हुआ था। इसी दौरान अचानक से मकान की छत भरभराकर गिर गई। जिससे परिजनों में चीख-पुकार मच गई। उन्होंने किसी तरह वहां से भागकर जान बचाई। मगर मलबे में राशन, बिस्तर, कपड़े सभी जरूरत का सामान दब गया। जिससे परिवार के सामने सिर छिपाने के लिए भी जगह नहीं बची है। परिवार ने पड़ोसियों के यहां रहकर रात बिताई। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की है।
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सरधना। मंढियाई गांव में शुक्रवार की रात बारिश के कारण एक मकान की छत गिर गई। मकान की छत गिरने से परिवार में चीख पुकार मच गई। छत गिरने से उसके घर का सामान दब गया। मकान की छत गिर जाने के कारण पीड़ित परिवार ने आर्थिक मदद की मांग की है।
कोतवाली क्षेत्र के मंढियाई गांव निवासी रहीसुद्दीन मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसका मकान कच्चा बना हुआ है। शुक्रवार की रात हुई बारिश के कारण मकान की छत पर पानी भर गया और रात के समय पूरा परिवार मकान में सोया हुआ था। इसी दौरान अचानक से मकान की छत भरभराकर गिर गई। जिससे परिजनों में चीख-पुकार मच गई। उन्होंने किसी तरह वहां से भागकर जान बचाई। मगर मलबे में राशन, बिस्तर, कपड़े सभी जरूरत का सामान दब गया। जिससे परिवार के सामने सिर छिपाने के लिए भी जगह नहीं बची है। परिवार ने पड़ोसियों के यहां रहकर रात बिताई। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की है।
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