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वलक्षण महापर्व की तैयारी पूर्ण।
Updated Fri, 14 Sep 2018 02:00 AM IST
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पर्यूषण दशलक्षण महापर्व की तैयारियां पूर्ण
हस्तिनापुर। श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर प्रांगण में भगवान श्री मल्लिनाथ समवशरण प्रांगण में पर्यूषण दशलक्षण महापर्व के अवसर पर आज शुक्रवार से ग्यारह दिवसीय श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान की शुरूआत की जाएगी। इसकी तैयारियां पूर्ण कर ली गयी हैं।
समवशरण मंदिर सहित अन्य मंदिरों को भी सजाया गया है। परम सानिध्य मुनि श्री 108 भावभूषण महाराज के मंगल आशीर्वाद से प्रारंभ हो रहे विधान पाठ में देश के दूर दराज के क्षेत्रों से भक्तों का आना प्रारंभ हो गया है। शुक्रवार से प्रात: सात बजे ध्वजारोहण इंद्र प्रतिष्ठा मंडप प्रतिष्ठा आदि के साथ महामंडल विधान की शुरूआत की जाएगी। यह विधान समवशरण विधान है। जिसमें तीर्थंकरों की अंतरंग बहिरंग वैभव के साथ समवशरण विषद पूजा अर्चना की जाती है। इसलिए इस महोत्सव में अधिकांश जनता पधारकर पापों का प्रक्षालन करते हुए धर्म ज्ञान व संयम की त्रिवेणी में स्नान करके मोक्ष मार्ग के पथिक बनें। मंदिर प्रबंधक मुकेश कुमार जैन ने मंदिर की महिमा बताते हुए कहा कि यहां बडे़ बाबा श्री शांतिनाथ भगवान की 31 फीट मनोहारी भव्य प्रतिमा उतंग बाहुबली मंदिर भगवान महावीर का मनभावन जलमंदिर व कैलाश पर्वत रचना जहां 72 जिनालय एवं परम पूज्य धर्मभूषण जी महाराज की समाधि स्थल व प्राचीन चरण छतरी का दर्शन कर धर्मलाभ अर्जित करना चाहिए।
हस्तिनापुर। श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर प्रांगण में भगवान श्री मल्लिनाथ समवशरण प्रांगण में पर्यूषण दशलक्षण महापर्व के अवसर पर आज शुक्रवार से ग्यारह दिवसीय श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान की शुरूआत की जाएगी। इसकी तैयारियां पूर्ण कर ली गयी हैं।
समवशरण मंदिर सहित अन्य मंदिरों को भी सजाया गया है। परम सानिध्य मुनि श्री 108 भावभूषण महाराज के मंगल आशीर्वाद से प्रारंभ हो रहे विधान पाठ में देश के दूर दराज के क्षेत्रों से भक्तों का आना प्रारंभ हो गया है। शुक्रवार से प्रात: सात बजे ध्वजारोहण इंद्र प्रतिष्ठा मंडप प्रतिष्ठा आदि के साथ महामंडल विधान की शुरूआत की जाएगी। यह विधान समवशरण विधान है। जिसमें तीर्थंकरों की अंतरंग बहिरंग वैभव के साथ समवशरण विषद पूजा अर्चना की जाती है। इसलिए इस महोत्सव में अधिकांश जनता पधारकर पापों का प्रक्षालन करते हुए धर्म ज्ञान व संयम की त्रिवेणी में स्नान करके मोक्ष मार्ग के पथिक बनें। मंदिर प्रबंधक मुकेश कुमार जैन ने मंदिर की महिमा बताते हुए कहा कि यहां बडे़ बाबा श्री शांतिनाथ भगवान की 31 फीट मनोहारी भव्य प्रतिमा उतंग बाहुबली मंदिर भगवान महावीर का मनभावन जलमंदिर व कैलाश पर्वत रचना जहां 72 जिनालय एवं परम पूज्य धर्मभूषण जी महाराज की समाधि स्थल व प्राचीन चरण छतरी का दर्शन कर धर्मलाभ अर्जित करना चाहिए।
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