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सीआरपीएफ के जवान को अंतिम विदाई ।
Updated Tue, 28 Aug 2018 01:52 AM IST
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बौंद्रा। किठौर थाना क्षेत्र के गांव गोविंदपुर शकरपुर निवासी सीआरपीएफ जवान की शनिवार को लखनऊ में गोली लगने से संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उसका पार्थिव शरीर सोमवार को यहां पहुंचा। सीआरपीएफ के अधिकारियों एवं जवानों ने सलामी दी। उसके अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ी। इसके बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया। एसडीएम मवाना अरविंद कुमार, थाना प्रभारी आनंद प्रकाश मौके पर मौजूद रहे।
गांव गोविंदपुर शकरपुर निवासी अरविंद (44) पुत्र महेंद्र की लखनऊ में तैनाती थी। उसका शव पहुंचते ही पत्नी बदहवास हो गई। उसके पुत्र मनीष एवं पुत्री तुन हैं। सीआरपीएफ के जवानों ने सलामी देकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी। जवान अरविंद कुमार का अंतिम संस्कार गांव के बाहर स्थित खेत में किया। उसे पुत्र मनीष ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य डॉ. मनोज अधाना, पूर्व प्रधान, नौफिल हसन, किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष श्रीप्रधान, हरवीर सिंह, राकेश कुमार आदि सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
सलामी के बाद पहुंचे एसडीएम मवाना
जवान के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि के बाद एसडीएम मवाना अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की।
सीबीआई से जांच कराने की मांग
जवान अरविंद के भाई सतेंद्र ने इस मामले कि जांच सीबीआई से कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ अधिकारी खुदकुशी बता रहे हैं।
सीआरपीएफ के अधिकारियों से मिलकर बेटा रो-रोकर कह रहा था कि अब पापा कभी नहीं आएंगे। जिस पर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
मेस को लेकर हत्या तो नहीं
जानकारी के अनुसार अरविंद कुमार 13 सिंतबर 2016 को लखनऊ गया था। उसे कुछ दिन पूर्व दुर्व्यवहार का दोषी पाए जाने पर दंडित किया गया था। इसके अतिरिक्त मेस को काफी घाटा हो रहा था। इसकी जांच चल रही। इसके चलते भी वह तनाव में हो सकता है।
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गारद कमांडर की थी रायफल
जर्मन सिंह इंस्पेक्टर सीआरपीएफ ने बताया कि जिस एके47 रायफल से गोलियां चली थीं। वह गारद रूम के कमांडर अनिल कुमार की थी। वह रायफल गारद रूम में रखकर लघुशंका करने गया था। हालांकि अनिल कुमार को रायफल नहीं रखनी चाहिए थी। उसे अपनी रायफल किसी अन्य जवान के सुपुर्द करके लघुशंका के लिए जाना चाहिए था।
सलामी देने वाले जवान
जर्मन सिंह इंस्पेक्टर, सनी सिंह, जितेंद्र सिंह, ओमदत्त, गौरव कुमार, आरएफ, अजय शर्मा आरएफ, थाना प्रभारी आनंद प्रकाश, दारोगा, रामवीर सिंह आदि ने जवान को सलामी दी ।
मुख्य बातें
लखनऊ में गोली लगने से संदिग्ध हालात में हो गई थी मौत
जवानों ने अपने साथी को सलामी देकर अंतिम विदाई दी
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गांव गोविंदपुर शकरपुर निवासी अरविंद (44) पुत्र महेंद्र की लखनऊ में तैनाती थी। उसका शव पहुंचते ही पत्नी बदहवास हो गई। उसके पुत्र मनीष एवं पुत्री तुन हैं। सीआरपीएफ के जवानों ने सलामी देकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी। जवान अरविंद कुमार का अंतिम संस्कार गांव के बाहर स्थित खेत में किया। उसे पुत्र मनीष ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य डॉ. मनोज अधाना, पूर्व प्रधान, नौफिल हसन, किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष श्रीप्रधान, हरवीर सिंह, राकेश कुमार आदि सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
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सलामी के बाद पहुंचे एसडीएम मवाना
जवान के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि के बाद एसडीएम मवाना अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की।
सीबीआई से जांच कराने की मांग
जवान अरविंद के भाई सतेंद्र ने इस मामले कि जांच सीबीआई से कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ अधिकारी खुदकुशी बता रहे हैं।
सीआरपीएफ के अधिकारियों से मिलकर बेटा रो-रोकर कह रहा था कि अब पापा कभी नहीं आएंगे। जिस पर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
मेस को लेकर हत्या तो नहीं
जानकारी के अनुसार अरविंद कुमार 13 सिंतबर 2016 को लखनऊ गया था। उसे कुछ दिन पूर्व दुर्व्यवहार का दोषी पाए जाने पर दंडित किया गया था। इसके अतिरिक्त मेस को काफी घाटा हो रहा था। इसकी जांच चल रही। इसके चलते भी वह तनाव में हो सकता है।
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गारद कमांडर की थी रायफल
जर्मन सिंह इंस्पेक्टर सीआरपीएफ ने बताया कि जिस एके47 रायफल से गोलियां चली थीं। वह गारद रूम के कमांडर अनिल कुमार की थी। वह रायफल गारद रूम में रखकर लघुशंका करने गया था। हालांकि अनिल कुमार को रायफल नहीं रखनी चाहिए थी। उसे अपनी रायफल किसी अन्य जवान के सुपुर्द करके लघुशंका के लिए जाना चाहिए था।
सलामी देने वाले जवान
जर्मन सिंह इंस्पेक्टर, सनी सिंह, जितेंद्र सिंह, ओमदत्त, गौरव कुमार, आरएफ, अजय शर्मा आरएफ, थाना प्रभारी आनंद प्रकाश, दारोगा, रामवीर सिंह आदि ने जवान को सलामी दी ।
मुख्य बातें
लखनऊ में गोली लगने से संदिग्ध हालात में हो गई थी मौत
जवानों ने अपने साथी को सलामी देकर अंतिम विदाई दी