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खादर में गंगा के पानी से गांव के लोग परेशान।
Updated Thu, 23 Aug 2018 02:28 AM IST
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हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र में लगभग एक सप्ताह से गंगा का तटबंध टूटने से पानी लगातार किनारों से बाहर निकल रहा है। उसे रोकने में प्रशासन नाकाम रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बरसात से गंगा का जलस्तर काफी बड़ा हुआ है।
जगह-जगह से क्षतिग्रस्त तटबंध टूट जाने से लगभग दो सप्ताह पूर्व पानी बाहर आना शुरू हो गया था। प्रशासन के भरसक प्रयास के कारण एक जगह से तो तटबंध दुरुस्त कर दिया था परंतु लगभग एक सप्ताह पहले फिर से गंगा का जलस्तर बढ़ जाने से तटबंध टूट गया था। एक सप्ताह से पानी लगातार खादर क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। अब किसानों की फसलें भी गलनी शुरू हो गई हैं। दो सप्ताह से ज्यादा समय से पानी खड़ा रहने से फसलों में गलन रोग बढ़ने लगा है। क्षेत्रीय किसान सुंदर सिंह, प्रवीण, हरेंद्र, ध्यान सिंह, रणवीर सिंह, सतनाम सिंह आदि का कहना है कि यदि गंगा के टूटे तटबंध को जल्द से जल्द नहीं रोका गया तो किसानों के सामने समस्या पैदा हो जाएगी। उनकी गन्ना और धान की फसल गल जाएगी। जिससे उनकी पहले से ही खराब आर्थिक स्थिति और बदतर हो जाएगी। गंगा के टूटे तटबंध से पानी इतनी तेजी से बाहर निकल रहा है। जिससे ग्राम दबखेड़ी, हंसापुर और फतेहपुर प्रेम के स्कूलों में पानी भरा है। वहीं, ग्राम रठोड़ा कला के आसपास पानी जमा है। जिससे किसानों के सामने अब चारे का संकट गहराने लगा है। क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि गंगा का दो सप्ताह से टूटा तटबंध से इतना पानी बाहर आ चुका है कि फसल और हर खेत जलमग्न हैं। इससे पशुओं के लिए चारा जुटाना मुश्किल हो चुका है। जिस कारण कई किसानों ने अपने पशु रिश्तेदारों के यहां पहुंचा दिए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को पशुओं के लिए जल्द ही चारे की व्यवस्था करनी होगी। फिलहाल गंगा के जलस्तर में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है
मगरमच्छ का बच्चा दिखने से दहशत
क्षेत्र के गांव सराय खादर में मगरमच्छ का बच्चा तालाब के पास देखा गया है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीण उसे पकड़वाने की वन विभाग से मांग कर रहे हैं। ग्रामीण अशोक व ब्रजपाल तारापुर जा रहे थे। उन्हें गांव के बाहरी छोर स्थित तालाब किनारे मगरमच्छ का बच्चा दिखाई दिया। इसकी जानकारी पाकर सैकड़ों ग्रामीण आ पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे तालाब के किनारे से स्कूल तारापुर जाते हैं। इसलिए हादसा होने का डर बना हुआ है। ग्रामीण रविंद्र चौहान, सतीश, मामचंद, गजराज, सोमपाल, बबलू, जीतन, विनोद आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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युवाओं के नशे में फंसने पर चिंता जताई
हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र के गांव तारापुर में बुधवार को क्षेत्रीय कल्याण महासभा के युवाओं का परिचय सम्मेलन हुआ। इसमें दूर-दूर से आए ठाकुर समाज के युवाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर अध्यक्षता विनोद चौहान और हरेंद्र चौहान ने की। सम्मेलन में भाग लेने के लिए कई राज्यों से युवा आये। वक्ताओं ने समाज को आगे बढ़ाने के लिए नीतियां बनाईं। इस अवसर पर हरेंद्र चौहान ने कहा कि क्षेत्र ही नहीं देश के युवा नशे की लत में आ रहे हैं। इससे सामाजिक खतरा पैदा हो गया है। कई युवा जानलेवा बीमारियों की चपेट में भी आ रहे हैं। इसलिए उन्हें जागरूक करना बहुत जरूरी हो गया है। नशा समाज के युवाओं को असहाय बना रहा है। इससे समाज खोखला होता जा रहा है। समाज के युवाओं को एकजुट होना पड़ेगा। साथ ही आगे आ बुराइयों और कुप्रथाओं को दूर करना होगा। ठाकुर समाज इन कुप्रथाओं का विरोध करेगा। इस सम्मेलन में उत्तराखंड वे उत्तर प्रदेश के कई जिलों से आए ठाकुर समाज के युवाओं ने भाग लिया। यहां हरेंद्र चौहान, देवेंद्र चौहान, विनोद चौहान, रकम सिंह, धनीराम, नरेश कुमार, विजेंद्र कुमार, देवेंद्र चौहान, राजेश, अनंगपाल, अमरीश समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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जगह-जगह से क्षतिग्रस्त तटबंध टूट जाने से लगभग दो सप्ताह पूर्व पानी बाहर आना शुरू हो गया था। प्रशासन के भरसक प्रयास के कारण एक जगह से तो तटबंध दुरुस्त कर दिया था परंतु लगभग एक सप्ताह पहले फिर से गंगा का जलस्तर बढ़ जाने से तटबंध टूट गया था। एक सप्ताह से पानी लगातार खादर क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। अब किसानों की फसलें भी गलनी शुरू हो गई हैं। दो सप्ताह से ज्यादा समय से पानी खड़ा रहने से फसलों में गलन रोग बढ़ने लगा है। क्षेत्रीय किसान सुंदर सिंह, प्रवीण, हरेंद्र, ध्यान सिंह, रणवीर सिंह, सतनाम सिंह आदि का कहना है कि यदि गंगा के टूटे तटबंध को जल्द से जल्द नहीं रोका गया तो किसानों के सामने समस्या पैदा हो जाएगी। उनकी गन्ना और धान की फसल गल जाएगी। जिससे उनकी पहले से ही खराब आर्थिक स्थिति और बदतर हो जाएगी। गंगा के टूटे तटबंध से पानी इतनी तेजी से बाहर निकल रहा है। जिससे ग्राम दबखेड़ी, हंसापुर और फतेहपुर प्रेम के स्कूलों में पानी भरा है। वहीं, ग्राम रठोड़ा कला के आसपास पानी जमा है। जिससे किसानों के सामने अब चारे का संकट गहराने लगा है। क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि गंगा का दो सप्ताह से टूटा तटबंध से इतना पानी बाहर आ चुका है कि फसल और हर खेत जलमग्न हैं। इससे पशुओं के लिए चारा जुटाना मुश्किल हो चुका है। जिस कारण कई किसानों ने अपने पशु रिश्तेदारों के यहां पहुंचा दिए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को पशुओं के लिए जल्द ही चारे की व्यवस्था करनी होगी। फिलहाल गंगा के जलस्तर में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है
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मगरमच्छ का बच्चा दिखने से दहशत
क्षेत्र के गांव सराय खादर में मगरमच्छ का बच्चा तालाब के पास देखा गया है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीण उसे पकड़वाने की वन विभाग से मांग कर रहे हैं। ग्रामीण अशोक व ब्रजपाल तारापुर जा रहे थे। उन्हें गांव के बाहरी छोर स्थित तालाब किनारे मगरमच्छ का बच्चा दिखाई दिया। इसकी जानकारी पाकर सैकड़ों ग्रामीण आ पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे तालाब के किनारे से स्कूल तारापुर जाते हैं। इसलिए हादसा होने का डर बना हुआ है। ग्रामीण रविंद्र चौहान, सतीश, मामचंद, गजराज, सोमपाल, बबलू, जीतन, विनोद आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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युवाओं के नशे में फंसने पर चिंता जताई
हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र के गांव तारापुर में बुधवार को क्षेत्रीय कल्याण महासभा के युवाओं का परिचय सम्मेलन हुआ। इसमें दूर-दूर से आए ठाकुर समाज के युवाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर अध्यक्षता विनोद चौहान और हरेंद्र चौहान ने की। सम्मेलन में भाग लेने के लिए कई राज्यों से युवा आये। वक्ताओं ने समाज को आगे बढ़ाने के लिए नीतियां बनाईं। इस अवसर पर हरेंद्र चौहान ने कहा कि क्षेत्र ही नहीं देश के युवा नशे की लत में आ रहे हैं। इससे सामाजिक खतरा पैदा हो गया है। कई युवा जानलेवा बीमारियों की चपेट में भी आ रहे हैं। इसलिए उन्हें जागरूक करना बहुत जरूरी हो गया है। नशा समाज के युवाओं को असहाय बना रहा है। इससे समाज खोखला होता जा रहा है। समाज के युवाओं को एकजुट होना पड़ेगा। साथ ही आगे आ बुराइयों और कुप्रथाओं को दूर करना होगा। ठाकुर समाज इन कुप्रथाओं का विरोध करेगा। इस सम्मेलन में उत्तराखंड वे उत्तर प्रदेश के कई जिलों से आए ठाकुर समाज के युवाओं ने भाग लिया। यहां हरेंद्र चौहान, देवेंद्र चौहान, विनोद चौहान, रकम सिंह, धनीराम, नरेश कुमार, विजेंद्र कुमार, देवेंद्र चौहान, राजेश, अनंगपाल, अमरीश समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।