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नौकरी से इस्तीफा दिलाकर अटल बिहारी ने लड़वाया चुनाव
Updated Sat, 18 Aug 2018 02:00 AM IST
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मलखान सिंह भारद्वाज की चुनावी रैली में दौराला में आए थे पूर्व प्रधानमंत्री
मोदीपुरम। बात 1968 की है, भराला गांव के रहने वाले पंडित मलखान सिंह भारद्वाज दिल्ली सीपीडब्ल्यूडी में सर्विस करते थे। सर्विस करते हुए वह संघ के विस्तारक के रुप में दिल्ली में काम कर रहे थे। उनका संपर्क पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से हुआ तो उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दिलाकर वर्ष 1974 में भारतीय जनंसघ पार्टी से सरधना विधान सभा से चुनाव लड़ाया।
स्वर्गीय मलखान सिंह भारद्वाज मूल रुप से मोदीपुरम क्षेत्र के भराला गांव के थे। उनके बड़े बेटे भाजपा जेजे प्रकोष्ठ के सह संयोजक है। एमएलए के चुनाव में अटल बिहारी वाजपेयी दौराला के किसान इंटर कॉलेज में चुनावी सभा में शामिल हुए। जिसके बाद भराला गांव में पहुंचे। वहां पर मलखान सिंह भारद्वाज के पिता पंडित दयाराम शर्मा ने अटल बिहारी वाजपेयी को 2100 रुपये चंदा देकर उत्तर प्रदेश मे चुनाव के लिए जोरदार तरीके से जुटने का आग्रह किया था। स्वर्गीय मलखान सिंह की पत्नी प्रकाशवती ने बताया कि 1982 में मर्डर होने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने फोन पर परिवार का हाल चान जाना और उनकी हत्या में शामिल सभी के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद दिल्ली में अजय भारद्वाज के ताऊ पंडित महेश चंद्र शर्मा को दिल्ली बुलाकर इस मामले के मामले के बारे में जानकारी ली और पूरे परिवार के बारे में पूछा। प्रकाशवती ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी बहुत ही अच्छे व्यक्ति थे, भगवान उनकी आत्मा को शांति दे, ऐसे व्यक्तिव वाले लोग बहुत कम मिलते है।
रैली के बाद गुड़ के साथ पीया था मट्ठा
मोदीपुरम। भाजपा नेता सुनील भराला की माता प्रकाशवती ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने रैली के बाद गुड़ के साथ मट्ठा पिया था। उनके साथ में विजय राजे सिंधिया भी थे, उन्होंने भी मट्ठा पिया था। उस समय के बुजुर्गों ने बताया कि वह जब गांव आए थे तो ग्रामीणों से भी गले मिले थे। उनका स्वभाव बहुत ही अच्छा था और सबसे मिलनसार था।
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एक संदेश लेकर जा रहा हूं
मोदीपुरम। पंडित दयाराम शर्मा ने 2100 रुपये का चंदा दिया तो अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि यह मेरे लिए उत्तर प्रदेश के लिए एक संदेश लेकर जा रहा हूं और सरधना खेकड़ा लोनी होते हुए दिल्ली चले गए और उसके बाद फोन पर चुनाव के बारे में भी जानकारी ली। पंडित मलखान सिंह भारद्वाज ने विस्तारक रहते हुए काफी काम किया।
खास बातें:
भारतीय जनसंघ पार्टी से 1974 में लड़ा था चुनाव
मोदीपुरम। बात 1968 की है, भराला गांव के रहने वाले पंडित मलखान सिंह भारद्वाज दिल्ली सीपीडब्ल्यूडी में सर्विस करते थे। सर्विस करते हुए वह संघ के विस्तारक के रुप में दिल्ली में काम कर रहे थे। उनका संपर्क पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से हुआ तो उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दिलाकर वर्ष 1974 में भारतीय जनंसघ पार्टी से सरधना विधान सभा से चुनाव लड़ाया।
स्वर्गीय मलखान सिंह भारद्वाज मूल रुप से मोदीपुरम क्षेत्र के भराला गांव के थे। उनके बड़े बेटे भाजपा जेजे प्रकोष्ठ के सह संयोजक है। एमएलए के चुनाव में अटल बिहारी वाजपेयी दौराला के किसान इंटर कॉलेज में चुनावी सभा में शामिल हुए। जिसके बाद भराला गांव में पहुंचे। वहां पर मलखान सिंह भारद्वाज के पिता पंडित दयाराम शर्मा ने अटल बिहारी वाजपेयी को 2100 रुपये चंदा देकर उत्तर प्रदेश मे चुनाव के लिए जोरदार तरीके से जुटने का आग्रह किया था। स्वर्गीय मलखान सिंह की पत्नी प्रकाशवती ने बताया कि 1982 में मर्डर होने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने फोन पर परिवार का हाल चान जाना और उनकी हत्या में शामिल सभी के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद दिल्ली में अजय भारद्वाज के ताऊ पंडित महेश चंद्र शर्मा को दिल्ली बुलाकर इस मामले के मामले के बारे में जानकारी ली और पूरे परिवार के बारे में पूछा। प्रकाशवती ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी बहुत ही अच्छे व्यक्ति थे, भगवान उनकी आत्मा को शांति दे, ऐसे व्यक्तिव वाले लोग बहुत कम मिलते है।
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रैली के बाद गुड़ के साथ पीया था मट्ठा
मोदीपुरम। भाजपा नेता सुनील भराला की माता प्रकाशवती ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने रैली के बाद गुड़ के साथ मट्ठा पिया था। उनके साथ में विजय राजे सिंधिया भी थे, उन्होंने भी मट्ठा पिया था। उस समय के बुजुर्गों ने बताया कि वह जब गांव आए थे तो ग्रामीणों से भी गले मिले थे। उनका स्वभाव बहुत ही अच्छा था और सबसे मिलनसार था।
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एक संदेश लेकर जा रहा हूं
मोदीपुरम। पंडित दयाराम शर्मा ने 2100 रुपये का चंदा दिया तो अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि यह मेरे लिए उत्तर प्रदेश के लिए एक संदेश लेकर जा रहा हूं और सरधना खेकड़ा लोनी होते हुए दिल्ली चले गए और उसके बाद फोन पर चुनाव के बारे में भी जानकारी ली। पंडित मलखान सिंह भारद्वाज ने विस्तारक रहते हुए काफी काम किया।
खास बातें:
भारतीय जनसंघ पार्टी से 1974 में लड़ा था चुनाव