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किताबे नहीं पास, कैसे होगी सत्र परीक्षा पास

Mon, 30 Jul 2018 02:52 AM IST
Updated Mon, 30 Jul 2018 02:52 AM IST
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किताबे नहीं पास, कैसे होगी सत्र परीक्षा पास
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किताबें नहीं पास, बच्चों के भविष्य की आस
- चार माह बाद भी प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को नहीं मिली किताबें
- अगस्त माह में कभी भी हो सकती है सत्र परीक्षा शुरू
शरद गुप्ता
मवाना। सत्र शुरु हुए लगभग चार माह बीतने वाले है, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग अभी तक प्राइमरी व जूनियर के बच्चों को किताबें उपलब्ध नहीं करा सका है। अगस्त माह में हर वर्ष की तरह सत्र परीक्षा कभी भी कराई जा सकती है। किताबें उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में दिख रहा है।
सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत आने वाले प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में बच्चों की संख्या का ग्राफ बढ़ाने के लिए शासन के आदेश पर अमान्य स्कूलों पर शिकंजा कसा जा रहा है। इन स्कूलों में तालाबंदी के साथ-साथ शिक्षा विभाग अभिभावकों से बच्चों को प्राइमरी व जूनियर विद्यालय में दाखिला दिलानेे की अपील कर रहे है। अप्रैल माह से सत्र शुरू हो चुका है। लेकिन अभी तक शिक्षा विभाग कक्षा एक से कक्षा छह तक के बच्चों को किताबे उपलब्ध नहीं करा सका है। हालांकि कक्षा सात व आठ में कुछ किताबें वितरित की गई है।
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अगस्त में होती है सत्र परीक्षा
सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत हर वर्ष प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में अगस्त माह में परीक्षा कराई जाती है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य तारीख शिक्षा विभाग को देते है। जुलाई माह खत्म होने को है और परीक्षा का महीना सिर पर है। ऐसे में कभी भी परीक्षा की तारीख की घोषणा हो सकती है। परंतु किताबें नहीं होने के कारण बच्चे परीक्षा कैसे पास करेंगे।
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नौ हजार बच्चों का भविष्य दांव पर
मवाना ब्लाक की बात करें तो देहात में 72 प्राइमरी व 38 जूनियर स्कूल है। प्राइमरी स्कूलों में लगभग 55 सौ व जूनियर स्कूल में लगभग 25 सौ बच्चों की संख्या है। इसके अलावा नगर क्षेत्र में 14 प्राइमरी व तीन जूनियर स्कूल है। जिनमें कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भी शामिल है। प्राइमरी स्कूल में लगभग 750 व जूनियर में लगभग 250 बच्चों की संख्या है।

पुरानी किताबों के भरोसे बच्चे
नया सत्र शुरू होने के बाद भी नई किताबें नहीं आने के कारण स्कूल में तैनात शिक्षक बच्चों को पुरानी किताबों से ही पढ़ा रहे है। पुरानी कक्षा पास करके अगली कक्षा में प्रवेश लेने वाले बच्चों से पुरानी किताबें शिक्षकों ने ले ली और उन किताबों के भरोसे ही शिक्षक बच्चों का भविष्य सुधार रहे है।

किताबों के लिए कहा जा रहा है। जल्द ही किताबें उपलब्ध होगी। सत्र परीक्षा अगस्त में होनी है, परंतु उसकी तारीख डायट प्राचार्य तय करेंगे। जिसके बाद परीक्षा आयोजित कराई जाती है।
ध्यानचंद, एबीएसए मवाना
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