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अष्टान्हिका पर्व।
Updated Sat, 28 Jul 2018 02:20 AM IST
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श्री दिगंबर जैन मंदिर में हुआ अष्टान्हिका महापर्व
अमर उजाला ब्यूरो
हस्तिनापुर। श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में अष्टान्हिका महापर्व पर पूज्य मुनि श्री 108 भाव भूषण जी महाराज के सानिध्य में श्री 1008 सिद्ध चक्र महामंडल विधान का शुक्रवार को बड़े धूमधाम के साथ विश्व शांति महायज्ञ की पूर्ण आहुति दे कर समापन हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ नित्य प्रतिदिन की भांति जाप्य अनुष्ठान, अभिषेक, शांतिधारा से हुई। विधान के समापन पर शांतिधारा करनेे का सौभाग्य जयभगवान जैन, ऋषभ जैन, अजय किशोर जैन, शील जैन को प्राप्त हुआ। विधान में उपस्थित सभी धर्म प्रेमी बंधुओं माता और बहनों ने हवन की मांगलिक क्रियाएं कराईं। इस बीच विश्व शांति के लिए प्रार्थना की गई। हवन के बाद पुण्यहावाचन किया गया। इसका सौभाग्य श्याम लाल जैन और भारत जैन को प्राप्त हुआ। विश्व शांति महायज्ञ की पूर्ण क्रियाएं विधानाचार्य आशीष शास्त्री द्वारा कराई गईं। मंत्री प्रद्युमन कुमार जैन, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार जैन आदि रहे। इस दौरान मुनि श्री भावन भूषण महाराज ने कहा कि प्राणी में विद्यमान आत्मा का स्वभाव शांति स्वरूप, क्षमा स्वरूप और अहिंसा स्वरूप है। इस दौरान महामंत्री मुकेश कुमार जैन सराफ, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार जैन सराफ, जितेंद्र कुमार जैन, विजय कुमार जैन, मुकेश कुमार जैन, उमेश जैन, अतुल जैन, कमल जैन, मणिचंद जैन, नवनीत जैन, मुकेश जैन आदि रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
हस्तिनापुर। श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में अष्टान्हिका महापर्व पर पूज्य मुनि श्री 108 भाव भूषण जी महाराज के सानिध्य में श्री 1008 सिद्ध चक्र महामंडल विधान का शुक्रवार को बड़े धूमधाम के साथ विश्व शांति महायज्ञ की पूर्ण आहुति दे कर समापन हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ नित्य प्रतिदिन की भांति जाप्य अनुष्ठान, अभिषेक, शांतिधारा से हुई। विधान के समापन पर शांतिधारा करनेे का सौभाग्य जयभगवान जैन, ऋषभ जैन, अजय किशोर जैन, शील जैन को प्राप्त हुआ। विधान में उपस्थित सभी धर्म प्रेमी बंधुओं माता और बहनों ने हवन की मांगलिक क्रियाएं कराईं। इस बीच विश्व शांति के लिए प्रार्थना की गई। हवन के बाद पुण्यहावाचन किया गया। इसका सौभाग्य श्याम लाल जैन और भारत जैन को प्राप्त हुआ। विश्व शांति महायज्ञ की पूर्ण क्रियाएं विधानाचार्य आशीष शास्त्री द्वारा कराई गईं। मंत्री प्रद्युमन कुमार जैन, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार जैन आदि रहे। इस दौरान मुनि श्री भावन भूषण महाराज ने कहा कि प्राणी में विद्यमान आत्मा का स्वभाव शांति स्वरूप, क्षमा स्वरूप और अहिंसा स्वरूप है। इस दौरान महामंत्री मुकेश कुमार जैन सराफ, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार जैन सराफ, जितेंद्र कुमार जैन, विजय कुमार जैन, मुकेश कुमार जैन, उमेश जैन, अतुल जैन, कमल जैन, मणिचंद जैन, नवनीत जैन, मुकेश जैन आदि रहे।
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