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शिवलिंग के ऊपर दूसरा शिवलिंग स्थापित करने पर श्रद्धालुओं में रोष
Updated Sat, 21 Jul 2018 07:32 PM IST
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परीक्षितगढ़। नगर के समीप शृंग ऋषि आश्रम में महाभारतकालीन शिवलिंग को खंडित बताकर उसके ऊपर दूसरा शिवलिंग स्थापित करने पर श्रद्धालुओं में रोष उत्पन्न हो गया। जिस पर दर्जनों लोग आश्रम पहुंचे और विरोध जताकर पुन: शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा कराने की मांग की।
ग्राम आलमगीरपुर बढ़ला मार्ग स्थित शृंग ऋषि आश्रम में महाभारतकालीन मंदिर में शिवलिंग स्थापित था। वहीं, आश्रम का पर्यटन विभाग द्वारा सुधार कराया जा रहा है। बताया कि किसी व्यक्ति ने महाभारतकालीन शिवमंदिर में स्थित शिवलिंग को खंडित होने की जानकारी देकर उसके ऊपर दूसरा शिवलिंग स्थापित करा दिया। जिसके चलते भाजपा नेता चीकू बढ़ला के नेतृत्व में दर्जनों लोग आश्रम पहुंचे और विरोध जताया। भाजपा नेता चीकू बढ़ला ने कहा कि कोई भी विद्वान शिवलिंग को खंडित नहीं बता सकता है। किसी भी शिवलिंग के ऊपर दूसरा शिवलिंग स्थापित नहीं किया जा सकता है। जिन लोगों ने ऐसे किया है वे पाप के भागीदार हैं। अखिल विद्या समिति के अध्यक्ष विष्णु अवतार रूहेला ने बताया कि प्राचीन शिवलिंग देश की ऐतिहासिक धरोहर है। उसे इस प्रकार से दबा देना इतिहास के साथ खिलवाड़ है। शिवलिंग को पुन: स्थापित कराना चाहिए। पंडित जगदीश प्रसाद ने कहा कि नव शिवलिंग को किसी अन्य स्थान पर स्थापित किया जा सकता है। वहीं, प्राचीन शिवलिंग की पुन: प्राण-प्रतिष्ठा कर जीर्णोद्वार किया जाना उचित होगा। एक शिवलिंग के ऊपर दूसरा शिवलिंग स्थापित नहीं किया जाना चाहिए। श्रद्धालुओं ने कहा कि पांच अगस्त तक नगर और देहात क्षेत्र के लोगों के सहयोग से प्राचीन शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा कर स्थापित किया जाएगा। इस मौके पर पंडित राजेश प्रसाद, हरीश प्रसाद, देवेंद्र, मुुनु, अभिषेक आदि मौजूद रहे।
मुख्य बातें
ऐतिहासिक शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा कराए जाने की मांग की
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ग्राम आलमगीरपुर बढ़ला मार्ग स्थित शृंग ऋषि आश्रम में महाभारतकालीन मंदिर में शिवलिंग स्थापित था। वहीं, आश्रम का पर्यटन विभाग द्वारा सुधार कराया जा रहा है। बताया कि किसी व्यक्ति ने महाभारतकालीन शिवमंदिर में स्थित शिवलिंग को खंडित होने की जानकारी देकर उसके ऊपर दूसरा शिवलिंग स्थापित करा दिया। जिसके चलते भाजपा नेता चीकू बढ़ला के नेतृत्व में दर्जनों लोग आश्रम पहुंचे और विरोध जताया। भाजपा नेता चीकू बढ़ला ने कहा कि कोई भी विद्वान शिवलिंग को खंडित नहीं बता सकता है। किसी भी शिवलिंग के ऊपर दूसरा शिवलिंग स्थापित नहीं किया जा सकता है। जिन लोगों ने ऐसे किया है वे पाप के भागीदार हैं। अखिल विद्या समिति के अध्यक्ष विष्णु अवतार रूहेला ने बताया कि प्राचीन शिवलिंग देश की ऐतिहासिक धरोहर है। उसे इस प्रकार से दबा देना इतिहास के साथ खिलवाड़ है। शिवलिंग को पुन: स्थापित कराना चाहिए। पंडित जगदीश प्रसाद ने कहा कि नव शिवलिंग को किसी अन्य स्थान पर स्थापित किया जा सकता है। वहीं, प्राचीन शिवलिंग की पुन: प्राण-प्रतिष्ठा कर जीर्णोद्वार किया जाना उचित होगा। एक शिवलिंग के ऊपर दूसरा शिवलिंग स्थापित नहीं किया जाना चाहिए। श्रद्धालुओं ने कहा कि पांच अगस्त तक नगर और देहात क्षेत्र के लोगों के सहयोग से प्राचीन शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा कर स्थापित किया जाएगा। इस मौके पर पंडित राजेश प्रसाद, हरीश प्रसाद, देवेंद्र, मुुनु, अभिषेक आदि मौजूद रहे।
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मुख्य बातें
ऐतिहासिक शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा कराए जाने की मांग की