{"_id":"5b4f66744f1c1b1e308b57a0","slug":"153193022411u-mawana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व सचिव समेत छह को नोटिस जारी, जवाब मांगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व सचिव समेत छह को नोटिस जारी, जवाब मांगा
Updated Wed, 18 Jul 2018 09:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मवाना/मेरठ। मवाना गन्ना समिति में ऋणी किसानों के नाम पर रसूखदार किसानों को पर्ची दिलाने में गन्ना समिति सचिव, गन्ना समिति चेयरमैन और गन्ना विकास परिषद् चेयरमैन समेत अन्य तमाम दोषियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस का दस दिन के अंदर जवाब मांगा गया है। इस मामले में गन्ना आयुक्त की सख्ती से हड़कंप मचा हुआ है।
गन्ना विभाग कुल गन्ना इंडेंट में 20 फीसदी पर्ची उन किसानों को प्राथमिकता से जारी करता है जिनके पास समिति का ऋण होता है। यह व्यवस्था ऋणी किसान से ऋण वसूलने के लिए की गई है। ऋणी किसान द्वारा डाली गई पर्चियों के अमाउंट से समिति अपना बकाया वसूल कर लेती है। बाकी पर्चियों का अमाउंट किसान के खाते में भेज दिया जाता है। सहकारी गन्ना विकास समिति मवाना में पेराई सत्र 2017-18 में इसी सुविधा के नाम पर बड़ा खेल खेला गया। गन्ना समिति चेयरमैन, गन्ना विकास परिषद् चेयरमैन और तत्कालीन समिति सचिव के साथ समिति बाबुओं पर ऋणी किसानों के नाम पर उन रसूखदार किसानों को पर्ची का लाभ देने का आरोप लगा था। हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक के हस्तक्षेप के बाद यह मामला लखनऊ तक गूंजा था और गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा ने भी समिति पहुंचकर किसानों से बात की थी। इसके बाद राणा ने मामले की जांच करने के आदेश दिए थे। उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र हरपाल सिंह ने मामले की जांच कराई तो पर्ची का बड़ा फर्जीवाड़ा निकला। इस संबंध में कोऑपरेटिव की धारा 38 के तहत कार्रवाई करते हुए पूर्व सचिव एवं दो चेयरमैन समेत छह लोगों को बुधवार को नोटिस जारी किए गए। सभी से दस दिन में जवाब मांगा गया है, जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
क्या बोले अधिकारी
मवाना समिति में ऋणी किसानों को प्राथमिकता से दी जाने पर्ची की बंदरबांट का मामला पकड़ में आया है। इस संबंध में समिति व परिषद् चेयरमैन के साथ समिति सचिव और बाबुओं को नोटिस दिए गए हैं। दस दिन के अंदर जवाब नहीं देने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -हरपाल सिंह, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र
विज्ञापन
मुख्य बातें
गन्ना विभाग कुल गन्ना इंडेंट में 20 फीसदी पर्ची ऋणी किसानों को प्राथमिकता से करता है जारी
विज्ञापन
गन्ना विभाग कुल गन्ना इंडेंट में 20 फीसदी पर्ची उन किसानों को प्राथमिकता से जारी करता है जिनके पास समिति का ऋण होता है। यह व्यवस्था ऋणी किसान से ऋण वसूलने के लिए की गई है। ऋणी किसान द्वारा डाली गई पर्चियों के अमाउंट से समिति अपना बकाया वसूल कर लेती है। बाकी पर्चियों का अमाउंट किसान के खाते में भेज दिया जाता है। सहकारी गन्ना विकास समिति मवाना में पेराई सत्र 2017-18 में इसी सुविधा के नाम पर बड़ा खेल खेला गया। गन्ना समिति चेयरमैन, गन्ना विकास परिषद् चेयरमैन और तत्कालीन समिति सचिव के साथ समिति बाबुओं पर ऋणी किसानों के नाम पर उन रसूखदार किसानों को पर्ची का लाभ देने का आरोप लगा था। हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक के हस्तक्षेप के बाद यह मामला लखनऊ तक गूंजा था और गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा ने भी समिति पहुंचकर किसानों से बात की थी। इसके बाद राणा ने मामले की जांच करने के आदेश दिए थे। उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र हरपाल सिंह ने मामले की जांच कराई तो पर्ची का बड़ा फर्जीवाड़ा निकला। इस संबंध में कोऑपरेटिव की धारा 38 के तहत कार्रवाई करते हुए पूर्व सचिव एवं दो चेयरमैन समेत छह लोगों को बुधवार को नोटिस जारी किए गए। सभी से दस दिन में जवाब मांगा गया है, जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
विज्ञापन
क्या बोले अधिकारी
मवाना समिति में ऋणी किसानों को प्राथमिकता से दी जाने पर्ची की बंदरबांट का मामला पकड़ में आया है। इस संबंध में समिति व परिषद् चेयरमैन के साथ समिति सचिव और बाबुओं को नोटिस दिए गए हैं। दस दिन के अंदर जवाब नहीं देने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -हरपाल सिंह, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र
विज्ञापन
मुख्य बातें
गन्ना विभाग कुल गन्ना इंडेंट में 20 फीसदी पर्ची ऋणी किसानों को प्राथमिकता से करता है जारी