{"_id":"5b4f52af4f1c1b572f8b52f6","slug":"15319251638-sardana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर्रा नगर पंचायत अधिकारी के खिलाफ लोगो ने खोला मोर्चा, मण्डलायुक्त से शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर्रा नगर पंचायत अधिकारी के खिलाफ लोगो ने खोला मोर्चा, मण्डलायुक्त से शिकायत
Updated Wed, 18 Jul 2018 08:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
सरूरपुर। नगर पंचायत हर्रा की अधिशासी अधिकारी के खिलाफ नगर के लोगों ने कमिश्नर से शिकायत की है। कस्बे के लोगों ने जहां विकास कार्यों और टेंडर प्रक्रिया में धांधली को लेकर कमिश्नर को शिकायत पत्र भेजा है। वहीं, कस्बे में कराये गये विकास कार्यों में कमीशनखोरी एवं एक ही ठेकेदार को सभी ठेके देने का आरोप लगाते हुए सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी है।
नगर पंचायत हर्रा के लोगों का आरोप है कि नगर में इन दिनों विकास कार्य नहीं कराए रहे हैं। वहीं, कस्बे के मुख्य रास्तों पर जलभराव और गंदगी के कारण लोगों का जीना मुहाल है। जिसके चलते स्वच्छता सर्वेक्षण में भी नगर को जनपद में सबसे आखिरी स्थान मिला था। कस्बे ने कमिश्नर से शिकायत की कि कस्बे में होने वाले विकास कार्यों के ठेके कमिशनखोरी के चलते रसूखदार ठेकेदार को दिए जा रहे हैं। साथ ही यदि कस्बे के लोग अधिशासी अधिकारी से कार्यालय में सम्पर्क करने का प्रयास करते हैं तो उन्हें प्रोटोकॉल का पाठ पढ़ाकर चलता कर दिया जाता है। जिसके चलते नगर के लोग गांव से नगर पंचायत बनने के बाद अधिकारी के रवैये से खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। जिसे लेकर कस्बे के लोगों ने मामले की शिकायत मेरठ मंडलायुक्त से करके फैक्स मुख्यमंत्री को भी भेजा है। वहीं, कस्बा हर्रा निवासी जावेद चौधरी ने पांच बिंदुओं पर सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 में हुए विकास कार्यों, ठेकों का विवरण, भुगतान, अधूरे पडे़ कार्य समेत कई अन्य बिंदुओं पर सूचना मांगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कस्बे में विकास कार्यों में घोटाले किए गए हैं। हालांकि गत वर्षों में एक ही ठेकेदार को समस्त ठेके दिए गए हैं। सूचना के तहत जानकारी मिलने पर कस्बे में हुए घोटालों की पोल जनता के सामने होगी। वहीं, कमिश्नर से शिकायत करने वालों में इरफान, जावेद चौधरी, सल्लू, फरमान, राहूल, मनोज, प्रदीप, भूरे, मंजूर, सलीम, काले खां आदि शामिल रहे। कस्बे के लोगों का आरोप है कि कार्यालय में तैनात लिपिक और चेयरपर्सन पति शौचालयों एवं मकान के नाम पर रुपये मांगते हैं। उधर, इस बारे में अधिशासी अधिकारी पवित्रा त्रिपाठी ने कोई जवाब नहीं दिया है।
मुख्य बातें
कस्बावासियों ने मंडलायुक्त से शिकायत की
विज्ञापन
सरूरपुर। नगर पंचायत हर्रा की अधिशासी अधिकारी के खिलाफ नगर के लोगों ने कमिश्नर से शिकायत की है। कस्बे के लोगों ने जहां विकास कार्यों और टेंडर प्रक्रिया में धांधली को लेकर कमिश्नर को शिकायत पत्र भेजा है। वहीं, कस्बे में कराये गये विकास कार्यों में कमीशनखोरी एवं एक ही ठेकेदार को सभी ठेके देने का आरोप लगाते हुए सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी है।
नगर पंचायत हर्रा के लोगों का आरोप है कि नगर में इन दिनों विकास कार्य नहीं कराए रहे हैं। वहीं, कस्बे के मुख्य रास्तों पर जलभराव और गंदगी के कारण लोगों का जीना मुहाल है। जिसके चलते स्वच्छता सर्वेक्षण में भी नगर को जनपद में सबसे आखिरी स्थान मिला था। कस्बे ने कमिश्नर से शिकायत की कि कस्बे में होने वाले विकास कार्यों के ठेके कमिशनखोरी के चलते रसूखदार ठेकेदार को दिए जा रहे हैं। साथ ही यदि कस्बे के लोग अधिशासी अधिकारी से कार्यालय में सम्पर्क करने का प्रयास करते हैं तो उन्हें प्रोटोकॉल का पाठ पढ़ाकर चलता कर दिया जाता है। जिसके चलते नगर के लोग गांव से नगर पंचायत बनने के बाद अधिकारी के रवैये से खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। जिसे लेकर कस्बे के लोगों ने मामले की शिकायत मेरठ मंडलायुक्त से करके फैक्स मुख्यमंत्री को भी भेजा है। वहीं, कस्बा हर्रा निवासी जावेद चौधरी ने पांच बिंदुओं पर सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 में हुए विकास कार्यों, ठेकों का विवरण, भुगतान, अधूरे पडे़ कार्य समेत कई अन्य बिंदुओं पर सूचना मांगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कस्बे में विकास कार्यों में घोटाले किए गए हैं। हालांकि गत वर्षों में एक ही ठेकेदार को समस्त ठेके दिए गए हैं। सूचना के तहत जानकारी मिलने पर कस्बे में हुए घोटालों की पोल जनता के सामने होगी। वहीं, कमिश्नर से शिकायत करने वालों में इरफान, जावेद चौधरी, सल्लू, फरमान, राहूल, मनोज, प्रदीप, भूरे, मंजूर, सलीम, काले खां आदि शामिल रहे। कस्बे के लोगों का आरोप है कि कार्यालय में तैनात लिपिक और चेयरपर्सन पति शौचालयों एवं मकान के नाम पर रुपये मांगते हैं। उधर, इस बारे में अधिशासी अधिकारी पवित्रा त्रिपाठी ने कोई जवाब नहीं दिया है।
विज्ञापन
मुख्य बातें
कस्बावासियों ने मंडलायुक्त से शिकायत की