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पुराने शौचालयों पर लगा दी नई तख्ती, सड़कों पर जलभराव बना मुसीबत
Updated Fri, 06 Jul 2018 02:08 AM IST
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खुले में शौच मुक्त नहीं हुए गांव
फलावदा। प्रधानों के ढाई वर्ष से अधिक कार्यकाल के बाद भी गांव आज भी विकास से अछूते है। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौच से मुक्त कराना चाहती है, लेकिन प्रधान व अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे है। फलावदा थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव के ग्रामीण समस्याओं से जूझ रहे है। कार्याकाल को तीन वर्ष पूरे होने वाले है, परंतु अभी भी ग्रामीण विकास को तरस रहे है।
ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए सभी गांवों में शौचालयों का निर्माण किया गया था। रसूलपुर के ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय निर्माण के नाम पर जनता को छला गया है। शौचालय बिना बनाए ही कागजों में दर्शाकर शौचालयों के पैसे हड़प लिए गए। जिन लोगों के शौचालय बने है, उनको मात्र छह हजार रुपये दिए गए हैं। कुछ शौचालय ऐसे भी हैं जो पहले बने हुए थे, लेकिन उनकी दीवार पर नए शौचालय बनाने की तख्ती लगा दी गई। गांव निवासी फरहान का कहना है कि शौचालय बनाने के नाम पर मात्र छह हजार रुपये दिए गए हैं, जबकि शौचालय की रिपेयर तक नहीं हुई है। वहीं पूर्व प्रधान मोहर्रम की पत्नी शकीला का कहना है कि उनके यहां शौचालय पहले से ही बना हुआ था। एक टूटा हुआ गेट लगाकर नया शौचालय दर्शाकर उस पर तख्ती लगा दी गई। नंगली को जाने वाले रास्ते पर नाला निर्माण के नाम पर पैसे का छल किया गया है।
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तालाब की नहीं हुई सफाई
रसूलपुर के ग्रामीणों का कहना है कि गांव के गंदे पानी की निकासी वाला तालाब गंदगी से पूरी तरह अटा पड़ा है। मानसून सिर पर है और बारिश होने के कारण तालाब की स्थिति और भी अधिक भयावह हो जाएगी। जिस कारण गांव में तालाब का पानी आने की पूरी आशंका बनी हुई है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन तालाब की सफाई नहीं हुई। इसके अलावा नाले का निर्माण न होने के कारण सड़कों पर हर वक्त जलभराव की स्थिति बनी रहती है। ग्रामीण निसार का कहना है कि जलभराव के कारण ग्रामीणों में संक्रमण रोग फैलने की आशंका बनी हुई है।
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प्रधान अशुथामा का कहना है कि सभी आरोप गलत है। चुनाव में किए गए वादों को पूरा किया गया है। गांव में 126 शौचालय बनाने की योजना आई थी। बावजूद इसके 131 शौचालय बनाए गए। नाली, सड़कों पर पानी भरा हुआ है यह मैं स्वीकार करता हूं। जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा। तालाब की सफाई हो चुकी है।