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एक सप्ताह से नहीं है खाली बोरे, क्रय केंद्र से वापस लौट रहे हैं किसान
Updated Fri, 01 Jun 2018 11:20 PM IST
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क्रय केंद्र से वापस लौट रहे है किसान
- एक सप्ताह से नहीं है बोरे
खरखौदा। खरखौदा व बिजौली गांव में पीसीएफ के दोनों गेहूं क्रय केंद्र पर पिछले एक सप्ताह से खाली बोरा नहीं है। जिससे किसान आए दिन वापस लौट रहे है। वहीं पिछले एक सप्ताह से किसानों का पैमेंट भी नहीं हुआ है। किसानों का आरोप है कि अधिकारियों पर सरकार दबाव बना रही है। जिस कारण गेहूं खरीद में प्रतिदिन नई परेशानी आ रही है।
खरखौदा कस्बा व गांव बिजौली में इस वर्ष पीसीएफ द्वारा गेहूं खरीदा जा रहा है। दोनों स्थानों पर क्रय केंद्र बने हुए हैं। खरखौदा व गांव बिजौली को 13-13 हजार क्विंटल गेहूं खरीदारी का लक्ष्य दिया गया। इस वर्ष मौसम अनुकूल न होने के बाद भी गेहूं की बंपर फसल रही। सरकार ने खरीदारी से पहले वादा किया था कि जब तक किसान का गेहूं क्रय केंद्र पर पहुुंचेगा तब तक गेहूं खरीदारी जारी रहेगी। दोनों केंद्रों पर पहले हजारों क्विंटल गेहूं खुले में ही पड़ा रहा। जिस कारण प्लांट में जगह न होने के कारण कई बार खरीदारी बंद करनी पड़ी। कई बार खाली बोरे व पैसा नहीं पहुंच सका उस समय भी क्रय केंद्र पर खरीदारी रोकनी पड़ी थी। लेकिन किसानों के हंगामे व जन प्रतिनिधियों से शिकायत करने के बाद डीएम सहित कई अधिकरी क्रय केंद्रों पर पहुंचे थे तथा किसानों को आ रही समस्या का निस्तारण भी किया गया था। खरखौदा व बिजौली दोनों केंद्रों पर दो माह गेहूं खरीदारी की गई। लेकिन इन दो माह में दोनों केंद्र अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर सके। शुक्रवार तक खरखौदा क्रय केंद्र पर करीब 11 हजार क्विंटल की खरीदारी की जा चुकी है। लेकिन पिछले एक सप्ताह से दोनों क्रय केंद्रों पर खाली बोरे व पैमेंट नहीं है जिससे प्रति दिन किसान वापस लौट रहे है।
सरकार की मंशा क्रय केंद्र बंद करने की तो नहीं है
परेशान किसानों का आरोप है कि कहीं सरकार की मंशा किसानों को परेशान कर क्रय केंद्र को बंद करने की तो नहीं है। सरकार के सभी गोदाम भर चुके है। अधिकतर क्रय केंद्रों पर लक्ष्य से अधिक की खरीदारी हो चुकी है।
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अधिकारी हैं मौन
अधिकारियों का दावा है कि पूरे जिले में खाली बोरा नहीं है। लेकिन एफसीआई गोदामों पर अभी भी उचित खाली बोरा उपलब्ध है तथा गेहूं खरीदारी की जा रही है। उधर जिले के सभी अधिकारी इस मामले में मौन हैं।
खाली बोरों की खरीदारी आरएफसी द्वारा की जाती है। इलाहबाद से बोरों की खरीदारी की जाती है। शुुक्रवार को खाली बोरा खरीदा गया है। शनिवार को बोरे केंद्र तक पहुंच जाएंगे। किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। -रविंद्र सिंह क्षेत्रिय प्रबंधक सहकारिता मेरठ।
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- एक सप्ताह से नहीं है बोरे
खरखौदा। खरखौदा व बिजौली गांव में पीसीएफ के दोनों गेहूं क्रय केंद्र पर पिछले एक सप्ताह से खाली बोरा नहीं है। जिससे किसान आए दिन वापस लौट रहे है। वहीं पिछले एक सप्ताह से किसानों का पैमेंट भी नहीं हुआ है। किसानों का आरोप है कि अधिकारियों पर सरकार दबाव बना रही है। जिस कारण गेहूं खरीद में प्रतिदिन नई परेशानी आ रही है।
खरखौदा कस्बा व गांव बिजौली में इस वर्ष पीसीएफ द्वारा गेहूं खरीदा जा रहा है। दोनों स्थानों पर क्रय केंद्र बने हुए हैं। खरखौदा व गांव बिजौली को 13-13 हजार क्विंटल गेहूं खरीदारी का लक्ष्य दिया गया। इस वर्ष मौसम अनुकूल न होने के बाद भी गेहूं की बंपर फसल रही। सरकार ने खरीदारी से पहले वादा किया था कि जब तक किसान का गेहूं क्रय केंद्र पर पहुुंचेगा तब तक गेहूं खरीदारी जारी रहेगी। दोनों केंद्रों पर पहले हजारों क्विंटल गेहूं खुले में ही पड़ा रहा। जिस कारण प्लांट में जगह न होने के कारण कई बार खरीदारी बंद करनी पड़ी। कई बार खाली बोरे व पैसा नहीं पहुंच सका उस समय भी क्रय केंद्र पर खरीदारी रोकनी पड़ी थी। लेकिन किसानों के हंगामे व जन प्रतिनिधियों से शिकायत करने के बाद डीएम सहित कई अधिकरी क्रय केंद्रों पर पहुंचे थे तथा किसानों को आ रही समस्या का निस्तारण भी किया गया था। खरखौदा व बिजौली दोनों केंद्रों पर दो माह गेहूं खरीदारी की गई। लेकिन इन दो माह में दोनों केंद्र अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर सके। शुक्रवार तक खरखौदा क्रय केंद्र पर करीब 11 हजार क्विंटल की खरीदारी की जा चुकी है। लेकिन पिछले एक सप्ताह से दोनों क्रय केंद्रों पर खाली बोरे व पैमेंट नहीं है जिससे प्रति दिन किसान वापस लौट रहे है।
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सरकार की मंशा क्रय केंद्र बंद करने की तो नहीं है
परेशान किसानों का आरोप है कि कहीं सरकार की मंशा किसानों को परेशान कर क्रय केंद्र को बंद करने की तो नहीं है। सरकार के सभी गोदाम भर चुके है। अधिकतर क्रय केंद्रों पर लक्ष्य से अधिक की खरीदारी हो चुकी है।
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अधिकारी हैं मौन
अधिकारियों का दावा है कि पूरे जिले में खाली बोरा नहीं है। लेकिन एफसीआई गोदामों पर अभी भी उचित खाली बोरा उपलब्ध है तथा गेहूं खरीदारी की जा रही है। उधर जिले के सभी अधिकारी इस मामले में मौन हैं।
खाली बोरों की खरीदारी आरएफसी द्वारा की जाती है। इलाहबाद से बोरों की खरीदारी की जाती है। शुुक्रवार को खाली बोरा खरीदा गया है। शनिवार को बोरे केंद्र तक पहुंच जाएंगे। किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। -रविंद्र सिंह क्षेत्रिय प्रबंधक सहकारिता मेरठ।