{"_id":"5b0b19f54f1c1bfd6e8b4e4f","slug":"15274542031-city-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तम्बाकू से दूरी बनाएं, जिंदगी के करीब आएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तम्बाकू से दूरी बनाएं, जिंदगी के करीब आएं
Updated Mon, 28 May 2018 02:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रैली निकालकर किया जाएगा तंबाकू के प्रति जागरूक
मेरठ। तंबाकू निषेध सप्ताह शुरू हो गया है। इसके तहत शहर में जगह-जगह कैंप लगाकर लोगों को तंबाकू के खतरों से अवगत कराया जाएगा। जागरूक करने के उद्देश्य से रैलियां निकाली जाएंगी और पंफ्लेट बांटे जाएंगे। 31 मई को विश्व तंबाकू दिवस मनाया जाएगा, जिसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि तंबाकू सामाजिक विकास के लिए खतरा है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में पता चला है कि मेरठ में करीब चार लाख लोग तंबाकू का सेवन करते हैं। धूम्रपान करने वालों के फेफड़े हमेशा उन लोगों से कम काम करते हैं, जिन्होंने धूम्रपान नहीं किया। धूम्रपान करने वाले जिन व्यस्कों को दिल की बीमारी घेरती है उसकी नींव किशोरावस्था में किए गए धूम्रपान के दौरान ही रखी जाती है। तंबाकू उत्पादों के नुकसान से बचाने के लिए साल 2003 में कोटपा अधिनियम बनाया गया था।
नशा छुड़ाने के लिए शुरू होगा क्लीनिक
तंबाकू छुड़ाने के लिए जिला अस्पताल में ओपीडी शुरू होने वाली है। पुरुष सर्जिकल वार्ड के एक कमरे में इसे चलाया जाएगा। काउंसलिंग की जाएगी और विशेष प्रकार की एक च्विंगम दी जाएगी, जिससे उनकी तंबाकू सेवन और धूम्रपान करने की लत छूट जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को दो लाख रुपये मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। तंबाकू निषेध सप्ताह शुरू हो गया है। इसके तहत शहर में जगह-जगह कैंप लगाकर लोगों को तंबाकू के खतरों से अवगत कराया जाएगा। जागरूक करने के उद्देश्य से रैलियां निकाली जाएंगी और पंफ्लेट बांटे जाएंगे। 31 मई को विश्व तंबाकू दिवस मनाया जाएगा, जिसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि तंबाकू सामाजिक विकास के लिए खतरा है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में पता चला है कि मेरठ में करीब चार लाख लोग तंबाकू का सेवन करते हैं। धूम्रपान करने वालों के फेफड़े हमेशा उन लोगों से कम काम करते हैं, जिन्होंने धूम्रपान नहीं किया। धूम्रपान करने वाले जिन व्यस्कों को दिल की बीमारी घेरती है उसकी नींव किशोरावस्था में किए गए धूम्रपान के दौरान ही रखी जाती है। तंबाकू उत्पादों के नुकसान से बचाने के लिए साल 2003 में कोटपा अधिनियम बनाया गया था।
विज्ञापन
नशा छुड़ाने के लिए शुरू होगा क्लीनिक
तंबाकू छुड़ाने के लिए जिला अस्पताल में ओपीडी शुरू होने वाली है। पुरुष सर्जिकल वार्ड के एक कमरे में इसे चलाया जाएगा। काउंसलिंग की जाएगी और विशेष प्रकार की एक च्विंगम दी जाएगी, जिससे उनकी तंबाकू सेवन और धूम्रपान करने की लत छूट जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को दो लाख रुपये मिले हैं।
विज्ञापन