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भगवान में ध्यान होगा तो भगवान धाम वैकूंठ मिलेगा---आचार्य संजीव नारायण महाराज
Updated Tue, 22 May 2018 02:16 AM IST
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दौराला में श्रीमद् भागवत कथा में जमकर झूमे श्रद्धालु
फोटो समाचार
अमर उजाला ब्यूरो
दौराला। रेलवे स्टेशन के निकट स्थित शिव मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में रविवार रात कथा व्यास आचार्य संजीव नारायण महाराज ने भक्त भरत की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भरत भगवान के बहुत बड़े भक्त हैं, लेकिन एक गर्भवती हिरनी जो शेर की दहाड़ के कारण भागी और उसके बच्चे का जन्म हुआ। हिरनी पानी में कूदकर मर गई। इसके बाद भरत को उस पर दया आई। उन्होंने हिरनी के बच्च्े को पाला। बाद में अपने अंतिम समय भक्त भरत को ध्यान आया कि अब इसकी सेवा कौन करेगा। जिसके बाद भरत को हिरण के रूप में जन्म लेना पड़ा। मित्रों आपका ध्यान अंतिम समय में अगर पशु पक्षी या पेड़ पर होगा तो आपको उसी के रूप में जन्म लेना पड़ेगा। आपका ध्यान अगर भगवान में होगा तो आपको भगवान का धाम बैकुंठ मिलेगा। रविवार शाम को कथा का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित करके राधेश्याम अग्रवाल ने किया। व्यासपीठ का पूजन नीरज भारद्वाज व संजय गुप्ता ने किया। इस दौरान मुकेश, गजेंद्र सिंह, सत्येंद्र शर्मा, अजय गुप्ता, ऋषिपाल कश्यप आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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दौराला। रेलवे स्टेशन के निकट स्थित शिव मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में रविवार रात कथा व्यास आचार्य संजीव नारायण महाराज ने भक्त भरत की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भरत भगवान के बहुत बड़े भक्त हैं, लेकिन एक गर्भवती हिरनी जो शेर की दहाड़ के कारण भागी और उसके बच्चे का जन्म हुआ। हिरनी पानी में कूदकर मर गई। इसके बाद भरत को उस पर दया आई। उन्होंने हिरनी के बच्च्े को पाला। बाद में अपने अंतिम समय भक्त भरत को ध्यान आया कि अब इसकी सेवा कौन करेगा। जिसके बाद भरत को हिरण के रूप में जन्म लेना पड़ा। मित्रों आपका ध्यान अंतिम समय में अगर पशु पक्षी या पेड़ पर होगा तो आपको उसी के रूप में जन्म लेना पड़ेगा। आपका ध्यान अगर भगवान में होगा तो आपको भगवान का धाम बैकुंठ मिलेगा। रविवार शाम को कथा का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित करके राधेश्याम अग्रवाल ने किया। व्यासपीठ का पूजन नीरज भारद्वाज व संजय गुप्ता ने किया। इस दौरान मुकेश, गजेंद्र सिंह, सत्येंद्र शर्मा, अजय गुप्ता, ऋषिपाल कश्यप आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।