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भूत नहीं चाइल्ड हैल्प लाइन की जांच में मामला थाना के एक कर्मचारी से जुडा मिला

Tue, 22 May 2018 02:16 AM IST
Updated Tue, 22 May 2018 02:16 AM IST
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भूत नहीं चाइल्ड हैल्प लाइन की जांच में मामला थाना के एक कर्मचारी से जुडा मिला
खरखौदा।कस्बा स्थित कस्तूूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में रात्रि में भूत बनकर छात्राओं को डराने के मामले में डीएम के नाम लिखी चिट्ठी में चाइल्ड हेल्पलाइन टीम सोमवार को जांच करने पहुंची। उन्हें मामला भूत का नहीं बल्कि थाने के किसी कर्मचारी से जुड़ा मिला। जिसमें टीम ने जांच करके रिपोर्ट बाल कल्याण समिति को सौंपने की जानकारी दी है।
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कस्बे के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के बच्चों ने पिछले माह डीएम के नाम चिट्ठी लिखी। जिसमें छात्राओं ने आरोप लगाया था कि स्कूल में वार्डन के पास में किसी बाहरी व्यक्ति का आना जाना है। बच्चों ने आरोप लगाया कि युवक और स्कूल वार्डन रात में भूत बनकर उन्हें डराते हैं। स्कूल के पास स्थित खंडहर से टार्च की रोशनी मारकर बच्चों को डराया जाता है। छात्राओं ने वार्डन पर पढ़ाने के बजाय रात्रि में मालिश कराने आदि समेत कई आरोप लगाए। चिट्ठी में बताया था कि बाहरी व्यक्ति का स्कूल परिसर में आने का कुछ छात्राओं ने विरोध किया तो वार्डन ने चार छात्राओं का नाम काटकर स्कूल से बाहर कर दिया। बच्चों ने इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी अवगत कराया था। जिसमें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी को जांच के लिए भेजा था। खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच रिपोर्ट सौंप दी थी। हालांकि विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर छात्राओं ने डीएम को पत्र भेजकर शिकायत की थी।
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सुरक्षा का नहीं है कोई प्रबंध
विद्यालय में इस सत्र में करीब 98 बच्चे पंजीकृत हैं। इस डर से महज 50 से 52 बच्चे ही विद्यालय में रहते हैं। सुुरक्षा के नाम पर रात्रि में विद्यालय में न तो कोई चौकीदार और न ही पुलिसकर्मी तैनात है। यहां छात्राओं और शिक्षिकाओं की सुरक्षा रामभरोसे है।
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सोमवार को स्कूल खुलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन की दो सदस्यीय टीम पहुंची। टीम ने एक-एक बच्चे से मामले के बारे में पूछताछ की। चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्यों के अनुसार बच्चों ने बताया कि रात्रि में थाने से जुड़ा कोई कर्मचारी छात्रावास में आता-जाता है। कई बार दूसरे शिक्षकों और छात्राओं ने विरोध जताया। इस पर वार्डन ने कई बच्चों को स्कूल से निकाल दिया। वहीं, छोटी छात्राओं को रात्रि में डराया जाता है। कई छात्राओं ने बताया कि शिकायत करने पर जान से मारने तक की धमकी दी जाती है। टीम ने गोपनीय रिपोर्ट तैयार कर बाल कल्याण समिति को भेजनेे की जानकारी दी है।
इस मामले में कई दिन से शिकायत मिल रही थी। जिसमें एबीएसए को जांच के लिए भेजा है। एबीएसए ने रिपोर्ट तैयार कर दी है। वहीं, विद्यालय जाकर वार्डन समेत सभी शिक्षिकाओें और बच्चों से पूछताछ की गई है। वहीं, वार्डन से स्पष्टीकरण मांगा गया है। -सतेंद्र ढाका, बेसिक शिक्षा अधिकारी।

वार्डन समेत सभी शिक्षिकाओं और छात्राओं से पूछताछ कर ली है। रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेज दी है। -डा. संतोष गोयल, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा
सभी आरोप निराधार हैं। मुझे विद्यालय से हटाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। स्टाफ के लोग ही इस साजिश में शामिल हैं। मैंने बायोमेट्रिक शुरू होने के बाद सेे विद्यालय में अतिरिक्त सख्ती कर दी थी। इसके चलते यह आरोप लगाया जा रहा है। -पूनम भारती, वार्डन
मुख्य बातें
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में रात में भूत बनकर छात्राओं को डराने का मामला
डीएम से शिकायत करने पर चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने जांच करके रिपोर्ट तैयार की
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