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नरकीय जिदंगी जी रहेख्न रामराज के वाशिंदे

Sat, 14 Apr 2018 07:31 PM IST
Updated Sat, 14 Apr 2018 07:31 PM IST
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नरकीय जिदंगी जी रहेख्न रामराज के वाशिंदे
बहसूमा।
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कस्बा रामराज का दो जिलों की सीमा पर बसना अभिशाप बन गया है। 31 हजार आबादी वाले इस कस्बे के मुख्य बाजार की सड़क जनपद मुजफ्फरनगर के लोक निर्माण विभाग के अधीन है। वहीं, मुख्य बाजार हस्तिनापुर रोड मेरठ जनपद में पड़ता है। कई दशकों से रामराज के लोगों को दो जिलो की सीमा पर बसने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
दो दिन पहले हुई बरसात की वजह से मुख्य मार्ग पर कीचड़ फैली हुई है। हालात ये हैं कि इसके चलते लोगों का पैदल निकलना भी दुश्वार हो गया है। इसके अतिरिक्त उन्हें बाजार में लगे गदंगी के ढेर, जल निकासी नहीं होने का दंश झेलना पड़ रहा है। रामराज की हस्तिनापुर रोड स्थित मुख्य बाजार मेरठ जनपद में है। हस्तिनापुर रोड मुजफ्फरनगर जनपद के लोक निर्माण विभाग के अधीन है। जिस पर प्रत्येक शनिवार को साप्ताहिक पैठ लगती है। तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार ने साप्ताहिक पैठ की तय बाजारी समाप्त कर दी थी। उक्त तय बाजारी की रकम से बाजार की सफाई एवं रखरखाव होता था। अब शनिवार को लगने वाली पैठ के बचे अवशेषों के गंदगी के ढेर चारों ओर लगे रहते हैं। पानी की निकासी नहीं होने से सड़क पर पसरी कीचड़ से प्रतिदिन हस्तिनापुर, तारापुर के लिए दर्जनों प्राइवेट बसों को गुजरना पड़ता है। पूरे खादर क्षेत्र के सैकड़ों लोगों का आवागमन पैदल, बाइक, ट्रैक्टर एवं अन्य वाहनों से लगा रहता है। रामराजवासी मुख्य बाजार में गंदगी और पसरी कीचड़ से कस्बे के लोग नारकीय जिंदगी जीने को मजबूर हैं। मुख्य बाजार की सड़क पीडब्लूडी के अधीन होने से मामला उलझा रहता है।
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व्यापारी राजीव छाबड़ा, अजय अग्रवाल, रोहित बंसल का कहना है कि उन्होंने मुख्य सड़क के निर्माण के लिए कई बार तहसील दिवस एवं समाधान दिवस में अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। मामला दो जनपदों से जुड़ा होने के कारण बार-बार लटक जाता है। वहीं, इस संबंध में ग्राम प्रधान संगीता रानी का कहना है कि पूरे रामराज के लिए केवल एक सफाई कर्मचारी तैनात है। बाजार की सफाई के लिए अलग से कोई फंड नहीं है। व्यापारियों और खादर क्षेत्र से आने वाली महिलाओं एवं ग्रामवासियों के लिए सुलभ शौचालय की खातिर भूखंड की तलाश भी कराई जा रही है।
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मुख्य बातें
मेरठ और मुजफ्फरनगर जिले की सीमा पर बसा है कस्बा रामराज
कस्बे में गंदगी, कीचड़ और जलभराव से नारकीय बनी जिंदगी
सफाई के लिए महज एक कर्मचारी की ही तैनाती
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