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वर्षीतप पारणा महोत्सव।
Updated Sun, 15 Apr 2018 07:35 PM IST
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हस्तिनापुर।
ऐतिहासिक पावन जैन तीर्थ क्षेत्र के श्री जैन श्वेतांबर तीर्थ और अष्टापद पर चल रहे वर्षीतप पारणा महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को अष्टापद में श्री आदीश्वर भगवान का प्रक्षाल पूजन किया गया। वहीं, श्वेतांबर मंदिर में विराजमान भगवान की प्रतिमा पर मुकुट पहनाकर धर्म लाभ अर्जित किया गया। महोत्सव में देश के कोने-कोने से आए वर्षीतप के तपस्वियों नेे पारणा मंदिर में भगवान की मंगल आरती की।
पारणा महोत्सव के दूसरे दिन प्रात: सात बजे श्री शांतिनाथ और आदिनाथ भगवान का पूजा प्रक्षाल कर महोत्सव कीे शुरूआत की। इस बीच महाराज श्री गच्छाधिपति जैनाचार्य श्रीमद विजय नित्यानंद सूरीश्वर जी महाराज एवं आचार्य श्रीमद विजय वसंत सूरीश्वर जी महाराज जी ने प्रवचन किए। इसमें कहा कि भारतीय संस्कृति अध्यात्म प्रधान है। आत्मा को परमात्मा बनने के लिए अनेक प्रकार के साधन एवं धर्म भारतीय मनीषियों ने बताएं हैं। उनमें महापुरुषों का नामस्मरण, उनकी भक्ति, पूजा, गुणानुवाद आदि का महत्व माना गया है। हम परमात्मा बनने चाहते हैं तो परमात्मा के प्रति हमारा अत्यधिक आकर्षण प्रेम या तदरूप होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जहां 16वें तीर्थकर श्री शांतिनाथ, 17वें तीर्थंकर कुन्थुनाथ जी और 18 तीर्थंकर श्री अरहनाथ जी भगवंतों के च्यवन, जन्म, दीक्षा, केवल ज्ञान की पवित्र भूमि है। आदि तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव जी के वर्षीतप पारणों का मूलस्थल होने का गौरव प्राप्त है। ऐसी पुण्य भूमि पर आयोजित होने वाले अक्षय तृतीया पारणा महोत्सव और अन्य धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर मनुष्य को धर्मलाभ अर्जित करना चाहिए। महोत्सव में कल्पेश भाई विधिकारक एंड पार्टी अहमदाबाद व श्री पार्श्व पदमावती महापूजन का लाभ नरपतराय खैरातीलाल जैन एवं नवकारसी और साधर्मिक वात्सल्य का लाभ स्वर्गीय माता जी सविता बेन, बाबूलाल, शंकर चंद शाह परिवार, मनीष भाई बाबूलाल शाह, कल्याणी धवल शाह, श्वेतल मनीष भाई शाह समेत सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया।
परशुराम महोत्सव समारोह 18 को
हस्तिनापुर। बैशाख सुदि तीज पर बुधवार को यहां भगवान परशुराम जागृति समिति द्वारा परशुराम जयंती हर्षोल्लास से मनाए जाने के लिए समिति के अध्यक्ष दर्शन भारद्वाज के निवास पर बैठक हुई। जिसमें निर्णय किया गया कि 18 अप्रैल को भगवान श्री परशुराम का जन्मोत्सव समारोह श्री कृष्ण मंदिर में धूमधाम से मनाया जाएगा। यह समारोह बीते 15 वर्षों से मनाया जा रहा है। जिसमें सुंदरकांड का आयोजन होता है। उन्होंने बताया कि उस दिन प्रात 10 बजे से हवन भी कराया जाएगा।
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ऐतिहासिक पावन जैन तीर्थ क्षेत्र के श्री जैन श्वेतांबर तीर्थ और अष्टापद पर चल रहे वर्षीतप पारणा महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को अष्टापद में श्री आदीश्वर भगवान का प्रक्षाल पूजन किया गया। वहीं, श्वेतांबर मंदिर में विराजमान भगवान की प्रतिमा पर मुकुट पहनाकर धर्म लाभ अर्जित किया गया। महोत्सव में देश के कोने-कोने से आए वर्षीतप के तपस्वियों नेे पारणा मंदिर में भगवान की मंगल आरती की।
पारणा महोत्सव के दूसरे दिन प्रात: सात बजे श्री शांतिनाथ और आदिनाथ भगवान का पूजा प्रक्षाल कर महोत्सव कीे शुरूआत की। इस बीच महाराज श्री गच्छाधिपति जैनाचार्य श्रीमद विजय नित्यानंद सूरीश्वर जी महाराज एवं आचार्य श्रीमद विजय वसंत सूरीश्वर जी महाराज जी ने प्रवचन किए। इसमें कहा कि भारतीय संस्कृति अध्यात्म प्रधान है। आत्मा को परमात्मा बनने के लिए अनेक प्रकार के साधन एवं धर्म भारतीय मनीषियों ने बताएं हैं। उनमें महापुरुषों का नामस्मरण, उनकी भक्ति, पूजा, गुणानुवाद आदि का महत्व माना गया है। हम परमात्मा बनने चाहते हैं तो परमात्मा के प्रति हमारा अत्यधिक आकर्षण प्रेम या तदरूप होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जहां 16वें तीर्थकर श्री शांतिनाथ, 17वें तीर्थंकर कुन्थुनाथ जी और 18 तीर्थंकर श्री अरहनाथ जी भगवंतों के च्यवन, जन्म, दीक्षा, केवल ज्ञान की पवित्र भूमि है। आदि तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव जी के वर्षीतप पारणों का मूलस्थल होने का गौरव प्राप्त है। ऐसी पुण्य भूमि पर आयोजित होने वाले अक्षय तृतीया पारणा महोत्सव और अन्य धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर मनुष्य को धर्मलाभ अर्जित करना चाहिए। महोत्सव में कल्पेश भाई विधिकारक एंड पार्टी अहमदाबाद व श्री पार्श्व पदमावती महापूजन का लाभ नरपतराय खैरातीलाल जैन एवं नवकारसी और साधर्मिक वात्सल्य का लाभ स्वर्गीय माता जी सविता बेन, बाबूलाल, शंकर चंद शाह परिवार, मनीष भाई बाबूलाल शाह, कल्याणी धवल शाह, श्वेतल मनीष भाई शाह समेत सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया।
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परशुराम महोत्सव समारोह 18 को
हस्तिनापुर। बैशाख सुदि तीज पर बुधवार को यहां भगवान परशुराम जागृति समिति द्वारा परशुराम जयंती हर्षोल्लास से मनाए जाने के लिए समिति के अध्यक्ष दर्शन भारद्वाज के निवास पर बैठक हुई। जिसमें निर्णय किया गया कि 18 अप्रैल को भगवान श्री परशुराम का जन्मोत्सव समारोह श्री कृष्ण मंदिर में धूमधाम से मनाया जाएगा। यह समारोह बीते 15 वर्षों से मनाया जा रहा है। जिसमें सुंदरकांड का आयोजन होता है। उन्होंने बताया कि उस दिन प्रात 10 बजे से हवन भी कराया जाएगा।
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