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छात्रावास में दुकानें बनाने पर आपति जताई
Updated Sun, 25 Mar 2018 07:51 PM IST
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मवाना। जनकल्याण एवं शिक्षा प्रचारिणी समिति ने चेयरमैन के नाम दिए पत्र में हरिजन छात्रावास के संबंध में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यदि नगर पालिका ने उक्त संपत्ति पर दुकानें बनाए जाने का दलित समाज एवं समिति विरोध करती है।
जनकल्याण एवं शिक्षा प्रचारिणी समिति तथा दलित समाज की ओर से नगर पालिका चेयरमैन के नाम दिए ज्ञापन में हरिजन छात्रावास के संबंध में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि समिति उक्त छात्रावास पर 1960 से काबिज है। हरिजन छात्रावास आज भी नगर पालिका सीमा से बाहर है। समस्त जोहड़, पंजायों, खाद के गड्ढों एवं हड़वारों पर अवैध रूप से कब्जा कर बडे भवन बनाए जा चुके हैं। फिर केवल हरिजन छात्रावास पर ही कब्जे का प्रयास पूर्णत: अनुचित एवं भेदभाव पूर्ण है। उनको जानकारी हुई है कि नगर पालिका प्रस्ताव लाकर उक्त छात्रावास में नगर पालिका की दुकानें बनाने हेतु प्रयासरत है। पालिका की इस भेदभावपूर्ण कार्रवाई का समिति और दलित समाज विरोध करता है। पत्र में पालिका अभिलेखों में से नगर पालिका शब्द हटाकर छात्रावास अंकित करने तथा छात्रावास पर अनुचित कब्जा नहीं किए जाने की मांग की है। पत्र पर समिति के पूर्व प्रबंधक धर्मप्रकाश, ब्रह्म सिंह, शीलचंद, अनिल कुमार, राजकुमार शर्मा, धर्मेंद्र, चतर सिंह आदि के नाम हैं।
मुख्य बातें
जनकल्याण एवं शिक्षा प्रचारिणी समिति एवं दलित समाज ने किया विरोध
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जनकल्याण एवं शिक्षा प्रचारिणी समिति तथा दलित समाज की ओर से नगर पालिका चेयरमैन के नाम दिए ज्ञापन में हरिजन छात्रावास के संबंध में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि समिति उक्त छात्रावास पर 1960 से काबिज है। हरिजन छात्रावास आज भी नगर पालिका सीमा से बाहर है। समस्त जोहड़, पंजायों, खाद के गड्ढों एवं हड़वारों पर अवैध रूप से कब्जा कर बडे भवन बनाए जा चुके हैं। फिर केवल हरिजन छात्रावास पर ही कब्जे का प्रयास पूर्णत: अनुचित एवं भेदभाव पूर्ण है। उनको जानकारी हुई है कि नगर पालिका प्रस्ताव लाकर उक्त छात्रावास में नगर पालिका की दुकानें बनाने हेतु प्रयासरत है। पालिका की इस भेदभावपूर्ण कार्रवाई का समिति और दलित समाज विरोध करता है। पत्र में पालिका अभिलेखों में से नगर पालिका शब्द हटाकर छात्रावास अंकित करने तथा छात्रावास पर अनुचित कब्जा नहीं किए जाने की मांग की है। पत्र पर समिति के पूर्व प्रबंधक धर्मप्रकाश, ब्रह्म सिंह, शीलचंद, अनिल कुमार, राजकुमार शर्मा, धर्मेंद्र, चतर सिंह आदि के नाम हैं।
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जनकल्याण एवं शिक्षा प्रचारिणी समिति एवं दलित समाज ने किया विरोध