राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारियो ने 2018-19 बजट का विरोध किया।

Meerut Bureau Updated Thu, 15 Feb 2018 08:52 PM IST
मवाना। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारियों ने तहसील पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें किसानों को उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिलने की बात कही।
उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव को बताया कि उनको उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिलने पर किसान कर्ज में दब गया है। इस कारण करीब बीस साल में लाखों किसान आत्महत्या कर चुके हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव मेें प्रधानमंत्री ने सबका साथ सबका विकास के आधार पर किसानों की कर्जमुक्ति एवं स्वामीनाथन कमीशन की सिफारिश के अनुरूप फसल की लागत पर 50 फीसदी मुनाफा दिलाने की घोषणा की थी। चुनाव जीतने के बाद सरकार ने ऐसा नहीं किया। किसानों को कहना है कि उनको 2018-19 के बजट से बहुत उम्मीदें थीं। हालांकि सरकार ने बजट में किसान हित में ठोस प्रावधान नहीं किया। उन्होंने कहा कि आत्महत्या जैसे कदम से बचाने के लिए किसानों की राष्ट्रीयकृत बैंक, सहकारी बैंक, गन्ना समितियां, सहकारी समितियों एवं साहूकारों से संपूर्ण कर्जमुक्ति की व्यवस्था कराने की मांग की। इस दौरान ज्ञापन देने वालों में संगठन के मंडल अध्यक्ष राजवीर सिंह, विजयपाल सिंह, ओमप्रकाश, कृष्णपाल एवं विनेश कुमार आदि रहे।

किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान कराएं
मवाना। किसानों ने तहसील में सांकेतिक धरना देकर एसडीएम मवाना को ज्ञापन सौंपा। एसडीए मवाना अंकुर श्रीवास्तव को किसानों ने बताया कि गन्ना, भुगतान, ऋणमाफी योजना, समय पर पर्ची नहीं मिलना एवं ओवरलोड काटा जाना आदि समस्याओं से परेशानी हो रही है। इनका जल्द समाधान कराने की मांग की। इस दौरान ज्ञापन देने वालों में अमित पंवार, शौकीन गुर्जर, देव शर्मा, फूंदन मावी, तिलकराम गुर्जर, मंागेराम, मिंटू व चंद्रप्रकाश आदि रहे।

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