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टिकौला शुगर मिल का पेराई सत्र पुन: पटरी पर लौटा
Updated Sat, 10 Feb 2018 10:08 PM IST
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बहसूमा।
टिकौला शुगर मिल का पेराई सत्र दो दिन बाद पुन: पटरी पर लौट चुका है। मिल ने शनिवार को गन्ने की तौल तथा मिल के अंदर का सभी कार्य सुचारू हो गया है।
उल्लेखनीय है कि टिकौला शुगर संविदा कर्मचारी यूनियन के तत्वावधान में तीन दिन पूर्व गांव पूठी स्थित कार्यालय पर बेज बोर्ड लागू करने तथा हटाए गए 26 कर्मचारियों को पुन: बहाली समेत छह सूत्री मांगों को लेकर मिल के सभी लगभग 800 कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे। जिससे मिल की पेराई ठप हो गई थी। मिल पूरी तरह बंद हो गया था। जिससे किसानों के सामने भारी परेशानी सामने आ गई थी। मिल परिसर में गन्ने से लदे वाहनों की लंबीं कतारें लग गई थीं। मिल को सुचारू करने के लिए गत शुक्रवार को किसानों ने एकत्र होकर प्रबंधन से मिल को सुचारु करने तथा मिल कर्मचारियों से किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए हड़ताल समाप्त करने की अपील की थी। हालांकि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटे थे। देर शाम जानसठ ब्लॉक प्रमुख योगेश गुर्जर की मध्यस्थता रंग लाई। हड़ताली कर्मचारियों से वार्ता करने से कतरा रहे मिल अधिकारी रवि कुमार कथूरिया को उनके बीच ले गए। उन्होंने साठ कर्मचारियों को वरीयता के आधार पर शर्तों के साथ वेज बोर्ड लागू करने एवं कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने की सहमति पर हड़ताल समाप्त करा दी थी। शनिवार को मिल का पेराई सत्र पुन: पुरानी रंगत में लौट गया। मिल के सभी कर्मचारी कार्य में जुटे हुए थे। मिल में गन्ने की तौल, गन्ने की चेन समेत मिल के सभी कार्य सुचारू हो गए थे। किसानों एवं कर्मचारियों ने जानसठ ब्लॉक प्रमुख योगेश गुर्जर का आभार जताया है। वहीं, इस संबंध में मिल के अधिशासी अधिकारी रवि कुमार कथूरिया का कहना है कि मिल का पेराई सत्र को सुचारु हो गया है।
मुख्य बातें
किसानों ने मिल प्रबंधन का सहयोग के लिए आभार जताया
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टिकौला शुगर मिल का पेराई सत्र दो दिन बाद पुन: पटरी पर लौट चुका है। मिल ने शनिवार को गन्ने की तौल तथा मिल के अंदर का सभी कार्य सुचारू हो गया है।
उल्लेखनीय है कि टिकौला शुगर संविदा कर्मचारी यूनियन के तत्वावधान में तीन दिन पूर्व गांव पूठी स्थित कार्यालय पर बेज बोर्ड लागू करने तथा हटाए गए 26 कर्मचारियों को पुन: बहाली समेत छह सूत्री मांगों को लेकर मिल के सभी लगभग 800 कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे। जिससे मिल की पेराई ठप हो गई थी। मिल पूरी तरह बंद हो गया था। जिससे किसानों के सामने भारी परेशानी सामने आ गई थी। मिल परिसर में गन्ने से लदे वाहनों की लंबीं कतारें लग गई थीं। मिल को सुचारू करने के लिए गत शुक्रवार को किसानों ने एकत्र होकर प्रबंधन से मिल को सुचारु करने तथा मिल कर्मचारियों से किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए हड़ताल समाप्त करने की अपील की थी। हालांकि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटे थे। देर शाम जानसठ ब्लॉक प्रमुख योगेश गुर्जर की मध्यस्थता रंग लाई। हड़ताली कर्मचारियों से वार्ता करने से कतरा रहे मिल अधिकारी रवि कुमार कथूरिया को उनके बीच ले गए। उन्होंने साठ कर्मचारियों को वरीयता के आधार पर शर्तों के साथ वेज बोर्ड लागू करने एवं कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने की सहमति पर हड़ताल समाप्त करा दी थी। शनिवार को मिल का पेराई सत्र पुन: पुरानी रंगत में लौट गया। मिल के सभी कर्मचारी कार्य में जुटे हुए थे। मिल में गन्ने की तौल, गन्ने की चेन समेत मिल के सभी कार्य सुचारू हो गए थे। किसानों एवं कर्मचारियों ने जानसठ ब्लॉक प्रमुख योगेश गुर्जर का आभार जताया है। वहीं, इस संबंध में मिल के अधिशासी अधिकारी रवि कुमार कथूरिया का कहना है कि मिल का पेराई सत्र को सुचारु हो गया है।
मुख्य बातें
किसानों ने मिल प्रबंधन का सहयोग के लिए आभार जताया