{"_id":"5a68a0154f1c1b88268b65cb","slug":"15168063618-kithor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाइक पास पर अंडरपास के निर्माण की मांग को लेकर किसानों का बाइपास पर कब्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाइक पास पर अंडरपास के निर्माण की मांग को लेकर किसानों का बाइपास पर कब्जा
Updated Wed, 24 Jan 2018 08:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खरखौदा।
राष्ट्रीय राजमार्ग 235 पर बन रहे बाईपास पर एनएचएआई द्वारा नक्शे में कहीं भी अंडरपास नहीं है। एनएचएआई लिंक मांर्ग, संपर्क मार्ग एवं चकरोड को सीधे हाइवे पर चढ़ाने का आश्वासन दे रहा है। वहीं, किसान तथा विभिन्न गांवों के लोग बाईपास पर अंडरपास की मांग को लेकर अडिग हैं। जहां भी किसान मांग को लेकर आंदोलन करते हैं। वहीं, एनएचएआई महज आश्वासन देकर काम शुरू कर देती है। वहीं, बुधवार को भी ग्रामीणों ने निर्माण कार्य बंद कराकर धरना दिया।
राष्ट्रीय राजमार्ग 235 पर कस्बा खरखौदा, गांव फफूंडा एवं कैली में बन रहे बाईपास पर प्रतिदिन किसी न किसी गांव के ग्रामीण अंडरपास की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इन अंडरपास से कई गांवों को जोड़ने वालेे मार्ग, लिंक मार्ग, सर्विस रोड एवं चकरोड क्रास कर रही हैं। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से अभी तक बाईपास पर इन सभी मार्गों के लिए कोई अंडरपास नहीं दिया गया है। जब-जब राजमार्ग का निर्माण कर रही कंपनी जिस गांव का रास्ता बंद करने का प्रयास करती है उसी गांव के ग्रामीण बाईपास पर धरना देकर बैठ जाते हैं। इन ग्रामीणों की मांग न तो निर्माण कंपनी ही सुन रही है और न ही एनएचएआई के अधिकारी। ग्रामीणों ने जिले के आधा अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों तक सभी से अंडरपास की मांग की है, लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं कर रहा है। बाईपास निर्माण कर रही कंपनी ने तीन दिन पहले खरखौदा और बिजौली सहित आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाले रास्ते पर मिट्टी डालकर उसे बंद करने का प्रयास किया। कस्बे से लोगों ने निर्माण कंपनी का विरोध करते हुए अंडरपास की मांग की थी। हालांकि निर्माण कंपनी ने एनएचएआई द्वारा स्वीकृत मानचित्र अनुसार ही काम करना बताया था तथा अंडरपास की मांग के लिए परियोजना निदेशक से मुलाकात करने के लिए कहा था। जिस पर किसान परियोजना निदेशक के पास पहुंचे थे। हालांकि परियोजना निदेशक ने किसानों की समस्या सुनने के बजाय एक अंडरपास की लागत आठ करोड़ रुपये बताकर बाईपास के दोनों ओर रैंप बनाने की बात कही थी। बाद में कस्बे के लोग अपनी मांग लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचे थे तथा समस्या का हल नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी।
कस्बे के सैकड़ों लोग बुधवार को नगर पंचायत अध्यक्ष रमेश ठेकेदार के नेतृत्व में खरखौदा-बिजौली मार्ग पर पहुंचे तथा अंडरपास की मांग को लेकर टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। काम बंद होने की सूचना पाकर निर्माण कंपनी के लाइजनिंग आफिसर सतीश चौरसिया मौके पर पहुंचे तो किसानों ने उन्हें बंधक बना लिया। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जिम्मेदार अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की। जिस पर एनएचएआई से अभियंता राहुल मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की मांगों का प्रस्ताव तैयार अधिकारियों तथा शासन को भेजने का आश्वासन दिया। आंदोलनकारियों ने बाईपास के साथ सर्विस रोड की, जंक्शन, 45 मीटर का रैंप यू टर्न की भी मांग की। इस मौके पर रामनिवास त्यागी, इंद्रमुनि त्यागी, प्रह्लाद त्यागी, प्रबोध शास्त्री, रामकुमार शर्मा, जगदेव त्यागी, अशोक त्यागी, सुनील त्यागी, महेश त्यागी, जयप्रकाश त्यागी, विष्णु दत्त स्वामी, दीपक त्यागी, रविंद्र प्रजापति, धर्मपाल त्यागी, संजय त्यागी, होतीलाल मुंडे, अब्दुल रहूप, अमरीश त्यागी, श्रीओम त्यागी, मूलराज त्यागी, अरविंद त्यागी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुख्य बातें
किसानों ने निर्माण कंपनी के अधिकारी को बंधक बनाया
एनएचएआई के अवर अभियंता के आश्वासन पर माने ग्रामीण
विज्ञापन
राष्ट्रीय राजमार्ग 235 पर बन रहे बाईपास पर एनएचएआई द्वारा नक्शे में कहीं भी अंडरपास नहीं है। एनएचएआई लिंक मांर्ग, संपर्क मार्ग एवं चकरोड को सीधे हाइवे पर चढ़ाने का आश्वासन दे रहा है। वहीं, किसान तथा विभिन्न गांवों के लोग बाईपास पर अंडरपास की मांग को लेकर अडिग हैं। जहां भी किसान मांग को लेकर आंदोलन करते हैं। वहीं, एनएचएआई महज आश्वासन देकर काम शुरू कर देती है। वहीं, बुधवार को भी ग्रामीणों ने निर्माण कार्य बंद कराकर धरना दिया।
राष्ट्रीय राजमार्ग 235 पर कस्बा खरखौदा, गांव फफूंडा एवं कैली में बन रहे बाईपास पर प्रतिदिन किसी न किसी गांव के ग्रामीण अंडरपास की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इन अंडरपास से कई गांवों को जोड़ने वालेे मार्ग, लिंक मार्ग, सर्विस रोड एवं चकरोड क्रास कर रही हैं। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से अभी तक बाईपास पर इन सभी मार्गों के लिए कोई अंडरपास नहीं दिया गया है। जब-जब राजमार्ग का निर्माण कर रही कंपनी जिस गांव का रास्ता बंद करने का प्रयास करती है उसी गांव के ग्रामीण बाईपास पर धरना देकर बैठ जाते हैं। इन ग्रामीणों की मांग न तो निर्माण कंपनी ही सुन रही है और न ही एनएचएआई के अधिकारी। ग्रामीणों ने जिले के आधा अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों तक सभी से अंडरपास की मांग की है, लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं कर रहा है। बाईपास निर्माण कर रही कंपनी ने तीन दिन पहले खरखौदा और बिजौली सहित आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाले रास्ते पर मिट्टी डालकर उसे बंद करने का प्रयास किया। कस्बे से लोगों ने निर्माण कंपनी का विरोध करते हुए अंडरपास की मांग की थी। हालांकि निर्माण कंपनी ने एनएचएआई द्वारा स्वीकृत मानचित्र अनुसार ही काम करना बताया था तथा अंडरपास की मांग के लिए परियोजना निदेशक से मुलाकात करने के लिए कहा था। जिस पर किसान परियोजना निदेशक के पास पहुंचे थे। हालांकि परियोजना निदेशक ने किसानों की समस्या सुनने के बजाय एक अंडरपास की लागत आठ करोड़ रुपये बताकर बाईपास के दोनों ओर रैंप बनाने की बात कही थी। बाद में कस्बे के लोग अपनी मांग लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचे थे तथा समस्या का हल नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी।
विज्ञापन
कस्बे के सैकड़ों लोग बुधवार को नगर पंचायत अध्यक्ष रमेश ठेकेदार के नेतृत्व में खरखौदा-बिजौली मार्ग पर पहुंचे तथा अंडरपास की मांग को लेकर टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। काम बंद होने की सूचना पाकर निर्माण कंपनी के लाइजनिंग आफिसर सतीश चौरसिया मौके पर पहुंचे तो किसानों ने उन्हें बंधक बना लिया। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जिम्मेदार अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की। जिस पर एनएचएआई से अभियंता राहुल मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की मांगों का प्रस्ताव तैयार अधिकारियों तथा शासन को भेजने का आश्वासन दिया। आंदोलनकारियों ने बाईपास के साथ सर्विस रोड की, जंक्शन, 45 मीटर का रैंप यू टर्न की भी मांग की। इस मौके पर रामनिवास त्यागी, इंद्रमुनि त्यागी, प्रह्लाद त्यागी, प्रबोध शास्त्री, रामकुमार शर्मा, जगदेव त्यागी, अशोक त्यागी, सुनील त्यागी, महेश त्यागी, जयप्रकाश त्यागी, विष्णु दत्त स्वामी, दीपक त्यागी, रविंद्र प्रजापति, धर्मपाल त्यागी, संजय त्यागी, होतीलाल मुंडे, अब्दुल रहूप, अमरीश त्यागी, श्रीओम त्यागी, मूलराज त्यागी, अरविंद त्यागी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुख्य बातें
किसानों ने निर्माण कंपनी के अधिकारी को बंधक बनाया
एनएचएआई के अवर अभियंता के आश्वासन पर माने ग्रामीण