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सरकारी जमीन में बना है मेनका सिनेमा
Updated Tue, 10 Jul 2018 02:28 AM IST
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मेरठ। मेनका सिनेमा प्रकरण में अब नया खुलासा हुआ है। यह सिनेमा हॉल जिस जमीन पर बना है, वह जमीन सरकारी रिकार्ड में आज भी नजूल में दर्ज है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये होता है कि इस जमीन को किसने और कैसे बेचा और प्रशासन अब तक कहां सोता रहा। क्योंकि एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स गठित करने के साथ नजूल भूमि के भी रिकार्ड खंगाले जाने चाहिए थे, जो आज तक नहीं खंगाले गए हैं।
घंटाघर से रेलवे रोड की तरफ जाने वाले मार्ग पर बाई तरफ एसपी सिटी का ऑफिस है। इस ऑफिस से आगे डीएन कालेज तक खसरा नंबर 543,542, 544, 545, 546 और 547 हैं। इन खसरा नंबर की जमीन खतौनी में आज भी नजूल में दर्ज बतायी जाती है। जबकि मेनका सिनेमा खसरा नंबर 543 की जमीन का हिस्सा है। अब सवाल ये उठता है कि जब यह जमीन सरकारी है तो मेनका सिनेमा हॉल का निर्माण कैसे हो गया और उस समय क्यों नहीं रोका गया। क्योंकि सूत्रों के अनुसार मेनका सिनेमा का निर्माण वर्ष 1986 के आसपास हुआ था। ऐसे में इस जमीन का रिकॉर्ड उस समय क्यों नहीं खंगाला गया और बाद में यह जमीन किस हैसियत से बिकती चली गयी।
जानकारी नहीं अब कराएंगे जांच
इस पूरे मामले पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व तथा नजूल प्रभारी आनंद कुमार ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि उक्त जमीन नजूल में दर्ज है। लेकिन अब नजूल रिकॉर्ड से इसकी जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।
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खास बातें:
एसपी सिटी ऑफिस से डीएन कालेज तक की जमीन राजस्व रिकार्ड में नजूल में है दर्ज
- एडीएम ने जानकारी से किया इंकार, जांच की कही बात
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घंटाघर से रेलवे रोड की तरफ जाने वाले मार्ग पर बाई तरफ एसपी सिटी का ऑफिस है। इस ऑफिस से आगे डीएन कालेज तक खसरा नंबर 543,542, 544, 545, 546 और 547 हैं। इन खसरा नंबर की जमीन खतौनी में आज भी नजूल में दर्ज बतायी जाती है। जबकि मेनका सिनेमा खसरा नंबर 543 की जमीन का हिस्सा है। अब सवाल ये उठता है कि जब यह जमीन सरकारी है तो मेनका सिनेमा हॉल का निर्माण कैसे हो गया और उस समय क्यों नहीं रोका गया। क्योंकि सूत्रों के अनुसार मेनका सिनेमा का निर्माण वर्ष 1986 के आसपास हुआ था। ऐसे में इस जमीन का रिकॉर्ड उस समय क्यों नहीं खंगाला गया और बाद में यह जमीन किस हैसियत से बिकती चली गयी।
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जानकारी नहीं अब कराएंगे जांच
इस पूरे मामले पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व तथा नजूल प्रभारी आनंद कुमार ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि उक्त जमीन नजूल में दर्ज है। लेकिन अब नजूल रिकॉर्ड से इसकी जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।
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खास बातें:
एसपी सिटी ऑफिस से डीएन कालेज तक की जमीन राजस्व रिकार्ड में नजूल में है दर्ज
- एडीएम ने जानकारी से किया इंकार, जांच की कही बात