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सौर ऊर्जा से विवि बचाएगा सालाना 1.75 करोड़
Updated Tue, 10 Jul 2018 02:24 AM IST
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सौर ऊर्जा से विवि बचाएगा सालाना 1.75 करोड़
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय सौर ऊर्जा के जरिये सालाना करीब पौने दो करोड़ रुपये से ज्यादा बचा लेगा। कैंपस में लगे सौर ऊर्जा प्लांट की वजह से ये संभव होगा। 12 जुलाई को राज्यपाल और डिप्टी सीएम इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। सीसीएसयू की तरह दूसरे विभाग भी इससे सीख लें तो जिले में सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट लगाकर हर साल अरबों रुपयों की बिजली बचाई जा सकती है।
222 एकड़ जमीन में फैले सीसीएसयू परिसर में बिजली के दो कनेक्शन हैं। जून माह में इन दोनों कनेक्शन से चार लाख एक हजार एक यूनिट बिजली की खपत हुई है। 7.70 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से एक माह का बिल 3 लाख 8777 रुपये दिया गया। पूरे साल की बात करें तो विवि में करीब 48 लाख 12 हजार करीब बिजली यूनिट की खपत होती है। पूरे साल विश्वविद्यालय करीब 3.80 करोड़ रुपये का विद्युत बिल भरता है। ये खर्चा लगातार हर साल बढ़ता ही जा रहा है। विश्वविद्यालय ने इस खर्चे को कम करने के लिए सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट लगाने पर विचार किया। विवि ने इसके लिए कई कंपनियों से संपर्क करने के बाद एक कंपनी से करार कर लिया।
1.90 करोड़ रह जाएगा अब बिल
विश्वविद्यालय जहां विद्युत विभाग को प्रति यूनिट के 7.70 रुपये दे रहा था। वहीं, सौर ऊर्जा प्लांट के जरिए उसे अब महज 3.90 रुपये प्रति यूनिट पर बिजली मिलेगी। विश्वविद्यालय की क्षमता 1260 किलोवाट है। प्रथम फेज में 860 किलोवाट का सौर ऊर्जा प्लांट शुरू हो रहा है। सौर ऊर्जा प्लांट से विवि का बिजली बिल घटकर 1.90 करोड़ के करीब रह जाएगा। इससे विवि में सालाना करीब 1.90 करोड़ रुपये की बचत होगी। ये बजट दूसरी मदों में खर्च किया जा सकेगा।
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यहां लगे हैं सोलर पैनल
कैंपस में सौर ऊर्जा प्लांट में प्रशासनिक ब्लॉक समेत छह से ज्यादा भवनों में सोलर पैनल लगाए गए हैं। विवि अगर अपना प्लांट लगाता तो ज्यादा खर्च के साथ ही तीन साल में बैट्री बदलने का खर्च भी उसे वहन करना पड़ता। ऐसे में विवि ने सोलर कंपनी को सिर्फ अपनी जगह दी है। प्लांट पूरा कंपनी की तरफ से लगाया गया है। इसमें विवि का अलग से कोई खर्चा भी नहीं हुआ। इसके बावजूद वो सालाना 1.75 करोड़ रुपये बचा लेगा।
जून माह का खर्च
खर्च हुई यूनिट - 401010
पूरे माह का बिल गया - 308777 रुपये
अब तक दे रहे हैं बिजली विभाग को प्रति यूनिट - 7.70 रुपये
प्रोजेक्ट लगाने वाली कंपनी को जाएगा अब प्रति यूनिट - 3.90 रुपये
खास बातें:
3.80 करोड़ हर साल विद्युत बिल भर रहा सीसीएसयू प्रशासन
222 एकड़ में फैला है विवि परिसर, अब लगा सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट
12 जुलाई को राज्यपाल और डिप्टी सीएम करेंगे उद्घाटन
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय सौर ऊर्जा के जरिये सालाना करीब पौने दो करोड़ रुपये से ज्यादा बचा लेगा। कैंपस में लगे सौर ऊर्जा प्लांट की वजह से ये संभव होगा। 12 जुलाई को राज्यपाल और डिप्टी सीएम इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। सीसीएसयू की तरह दूसरे विभाग भी इससे सीख लें तो जिले में सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट लगाकर हर साल अरबों रुपयों की बिजली बचाई जा सकती है।
222 एकड़ जमीन में फैले सीसीएसयू परिसर में बिजली के दो कनेक्शन हैं। जून माह में इन दोनों कनेक्शन से चार लाख एक हजार एक यूनिट बिजली की खपत हुई है। 7.70 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से एक माह का बिल 3 लाख 8777 रुपये दिया गया। पूरे साल की बात करें तो विवि में करीब 48 लाख 12 हजार करीब बिजली यूनिट की खपत होती है। पूरे साल विश्वविद्यालय करीब 3.80 करोड़ रुपये का विद्युत बिल भरता है। ये खर्चा लगातार हर साल बढ़ता ही जा रहा है। विश्वविद्यालय ने इस खर्चे को कम करने के लिए सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट लगाने पर विचार किया। विवि ने इसके लिए कई कंपनियों से संपर्क करने के बाद एक कंपनी से करार कर लिया।
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1.90 करोड़ रह जाएगा अब बिल
विश्वविद्यालय जहां विद्युत विभाग को प्रति यूनिट के 7.70 रुपये दे रहा था। वहीं, सौर ऊर्जा प्लांट के जरिए उसे अब महज 3.90 रुपये प्रति यूनिट पर बिजली मिलेगी। विश्वविद्यालय की क्षमता 1260 किलोवाट है। प्रथम फेज में 860 किलोवाट का सौर ऊर्जा प्लांट शुरू हो रहा है। सौर ऊर्जा प्लांट से विवि का बिजली बिल घटकर 1.90 करोड़ के करीब रह जाएगा। इससे विवि में सालाना करीब 1.90 करोड़ रुपये की बचत होगी। ये बजट दूसरी मदों में खर्च किया जा सकेगा।
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यहां लगे हैं सोलर पैनल
कैंपस में सौर ऊर्जा प्लांट में प्रशासनिक ब्लॉक समेत छह से ज्यादा भवनों में सोलर पैनल लगाए गए हैं। विवि अगर अपना प्लांट लगाता तो ज्यादा खर्च के साथ ही तीन साल में बैट्री बदलने का खर्च भी उसे वहन करना पड़ता। ऐसे में विवि ने सोलर कंपनी को सिर्फ अपनी जगह दी है। प्लांट पूरा कंपनी की तरफ से लगाया गया है। इसमें विवि का अलग से कोई खर्चा भी नहीं हुआ। इसके बावजूद वो सालाना 1.75 करोड़ रुपये बचा लेगा।
जून माह का खर्च
खर्च हुई यूनिट - 401010
पूरे माह का बिल गया - 308777 रुपये
अब तक दे रहे हैं बिजली विभाग को प्रति यूनिट - 7.70 रुपये
प्रोजेक्ट लगाने वाली कंपनी को जाएगा अब प्रति यूनिट - 3.90 रुपये
खास बातें:
3.80 करोड़ हर साल विद्युत बिल भर रहा सीसीएसयू प्रशासन
222 एकड़ में फैला है विवि परिसर, अब लगा सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट
12 जुलाई को राज्यपाल और डिप्टी सीएम करेंगे उद्घाटन