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बागपत अड्डा से टैंक चौराहा तक कोई एलीवेटेड रोड का प्रस्ताव नहीं

Wed, 14 Mar 2018 01:28 AM IST
Updated Wed, 14 Mar 2018 01:28 AM IST
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बागपत अड्डा से टैंक चौराहा तक कोई एलीवेटेड रोड का प्रस्ताव नहीं
बागपत अड्डा-टैंक चौराहा, एलीवेटेड रोड का प्रस्ताव नहीं
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मेरठ। बागपत अड्डा से टैंक चौराहा तक एलीवेटेड रोड बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं हैं। एमडीए अधिकारियों का कहना है कि बेगमपुल से हापुड़ अड्डा चौराहा तक ही एलीवेटेड रोड बनाने का प्रोजेक्ट आसान नहीं है। ऐसे में पांच किमी लंबा नया एलीवेटेड रोड बनाना मुमकिन नहीं। हां, केवल रेलवे रोड चौराहे पर जाम के झाम से निपटने के लिए फ्लाईओवर बनाने की फिजिबिलिटी देखी जा रही है। यह प्रस्ताव सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट की टीम पहले ही प्रस्तावित कर चुकी है।
दिल्ली रोड पर जाम से बुरा हाल है। खासतौर पर रेलवे रोड चौराहे पर ज्यादा जाम रहता है। सीआरआरआई (सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट) की टीम ने दूसरे चरण में शहर के चार चौराहों पर सर्वे किया तो सुझाया था कि रेलवे रोड चौराहा पर लांग टर्म प्लान बनाया जा सकता है। यानी फ्लाईओवर यहां बनाएं तो समस्या से निजात मिल सकता है। एमडीए ने इस प्रस्ताव पर काम नहीं किया और शार्ट टर्म प्लान यानी केवल चौराहों पर हल्के सुधार पर ही काम किया। अब एमडीए फिर उसी प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
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आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने एमडीए अधिकारियों से कहा है कि इस चौराहे पर कुछ काम करें ताकि यहां यातायात सुगम हो जाए। नतीजा, एमडीए अधिकारियों ने इस बाबत सेतु निगम अधिकारियों से बात की और इस रोड पर फ्लाईओवर की फिजिबिलिटी देखी जा रही है। यहां एलीवेटेड फुटपाथ बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि यह प्लान भी पिछले साल बनाया गया था, जिस पर काम नहीं हो सका था।
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पांच किमी लंबी एलीवेटिड आसान नहीं
बागपत अड्डा से टैंक चौराहा तक एलीवेटेड रोड बनाना आसान नहीं। कैंट एरिया से होकर यदि इसे गुजारा गया तो तमाम अवरोध सामने आएंगे। अभी तो रैपिड और मेट्रो के इस क्षेत्र के एलाइनमेंट पर ही बार-बार सेना और कैंट अधिकारी मंथन कर रहे हैं। कई बार इस पर सवाल खड़े किए जा चुके हैं।
बेगमपुल से हापुड़ अड्डा तक ही छूट रहे पसीने
बेगमपुल और हापुड़ अड्डा पर फ्लाईओवर या एलीवेटेड रोड बनाने में ही स्थानीय अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। यहां लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन ने इस प्रोजेक्ट को मेट्रो की डीपीआर में समाहित करने की बात तो कह दी है। लेकिन खर्चा स्थानीय विभागों से ही उठाने के लिए कहा है। ऐसे में 250-300 सौ करोड़ रुपये का खर्च एमडीए, निगम और आवास विकास पर पड़ सकता है। इसी में सबके पसीने छूट रहे हैं।
तो बड़ी सफलता होगी
एमडीए के चीफ इंजीनियर दुर्गेश श्रीवास्तव का कहना है कि बागपत अड्डा से टैंक चौराहा तक एलीवेटेड रोड बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। केवल रेलवे रोड चौराहा पर फ्लाईओवर की फिजिबिलिटी देखने को कहा गया है। पांच किमी लंबी एलीवेटेड रोड यहां बनाना भला कैसे आसान है। फ्लाईओवर पर ही काम हो जाए तो बड़ी सफलता होगी।


रैपिड ट्रेन प्रोजेक्ट पर मंथन, निरीक्षण
मेरठ। रैपिड ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर सेना, कैंट और आरआरटीएस अधिकारियों ने मंगलवार को रुड़की रोड पर मौका मुआयना किया।
करीब एक घंटे तक टीम ने एलाइनमेंट और लेखानगर के पास बनने वाले स्टेशन को लेकर जमीन का निरीक्षण किया। पिछले सप्ताह भी प्रोजेक्ट को लेकर सब एरिया में अफसरों की बैठक हुई थी। इसमें प्रोजेक्ट अधिकारियों से ड्राइंग और लैंड रिक्वायरमेंट बनाकर देने की बात कही गई थी। एलाइनमेंट पर अधिकारियों का सकारात्मक रुख सामने आया। हालांकि सैन्य अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान रखा जाए।
रुड़की रोड एलाइनमेंट पर बेगमपुल से सोफीपुर तक जो जमीन है वो कैंट, रक्षा संपदा तथा सेना की ए वन लैंड भी है। इसका लैंड यूज चेंज करने के लिए रक्षा मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी। ऐसे में गांधी बाग से लेकर सोफीपुर तक की जमीन को लेकर पेच फंस रहा था। सुरक्षा कारणों की भी बात कही जा रही थी। इसको लेकर कई बार हुई बैठक के बाद सेना और कैंट ने जमीन देने पर हां कर दी थी।
मंगलवार को एडम कमांडेंट कर्नल रोहित पंत, कर्नल देवगन, कैंट छावनी अधिशासी अभियंता अनुज सिंह, रक्षा संपदा विभाग से मनीष और आरआरटीएस के मुख्य परियोजना प्रबंधक राकेश कुमार हुस्तू, उप मुख्य अभियंता सलिल श्रीवास्तव, सीआरपीसी सुधीर कुमार शर्मा ने मीटिंग के बाद रुड़की रोड पर रैपिड ट्रेन एलाइनमेंट को लेकर गांधी बाग चौराहे से सोफीपुर तक का निरीक्षण किया। रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के अधिकारियों ने सैन्य अधिकारियों को स्टेशन और एलाइनमेंट आदि के बारे में जानकारी दी कि कहां पर कितनी जमीन की जरूरत पड़ेगी। अब आरआरटीएस अधिकारी जल्द ही इसकी ड्राइंग देंगे।
बेगमपुल के बाद रैपिड ट्रेन का स्टेशन एमईएस कालोनी बनेगा। इसके बाद मेरठ नार्थ स्टेशन होगा। यहां ट्रेन अंडरग्राउंड और एलवेटिड ही चलेगी। ऐसे में मुख्यत: जमीन स्टेशन केलिए चाहिए। खासतौर पर प्रवेश और निकासी के लिए जमीन की आवश्यकता है।

यह हैं रैपिड के स्टेशन
परतापुर, रिठानी, ब्रहमपुरी, बेगमपुल, एमईएस कालोनी तथा डौरली ऐसे छह स्टेशन हैं जो इस रूट में नए शामिल किए गए हैं। दिल्ली से लेकर मेरठ तक अब रैपिड के स्टेशन सराय कालेखां, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगनर, मोदीनगर, मेरठ साउथ, शताब्दीनगर, मेरठ सेंट्रल, बेगमुपल, मेरठ नार्थ और मोदीपुरम पहले ही प्रस्तावित किए गए थे।

खास बातें:
केवल रेलवे रोड चौराहे पर फ्लाईओवर का प्रस्ताव
सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट की टीम कर चुकी है सिफारिश
एलीवेटिड फुटपाथ बनाने की भी देखी जा रही फिजिबिलिटी



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