फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   प्रतिबंधित वाहनों पर कसा शिकंजा, 60 वाहन सीज

प्रतिबंधित वाहनों पर कसा शिकंजा, 60 वाहन सीज

Fri, 10 Nov 2017 08:26 PM IST
Updated Fri, 10 Nov 2017 08:26 PM IST
विज्ञापन
प्रतिबंधित वाहनों पर कसा शिकंजा, 60 वाहन सीज
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

मेरठ।
एनजीटी द्वारा प्रतिबंधित किए गए 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने वाहनों के खिलाफ शासन से आदेश मिलते ही आरटीओ ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। मंडलायुक्त के निर्देश के बाद शुक्रवार को आरटीओ की चार टीमें सड़क पर उतर गई और शाम तक 60 प्रतिबंधित वाहनों को सीज कर दिया।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने गत 7 अप्रैल 2015 को दिल्ली सहित एनसीआर में शामिल जनपदों में 10 साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों का संचालन प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बाद देश के तमाम ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल का विरोध जताते हुए केंद्र सरकार से मामले में दखल देने की अपील की थी। इस पर केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की ओर से ट्रिब्यूनल में अपील कर राहत देने की प्रार्थना की गई थी, लेकिन एनजीटी ने मांग नहीं मानते हुए आदेश को बरकरार रखा था। इसके बाद काफी वाहन स्वामियों ने तो प्रभावित जिलों से एनओसी लेकर गाड़ियों को बाहरी जिलों में बेच दिया, लेकिन काफी लोगों के पास अभी तक ये वाहन चल रहे हैं। दिल्ली में प्रदूषण को लेकर फिर से मचे बवाल के बाद एक बार फिर से इस आदेश पर सख्ती शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार ने एनसीआर में शामिल मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, नोएडा, हापुड़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली में चल रहे पुराने वाहनों को सीज करने का आदेश जारी किया था। इसकी जिम्मेदारी शासन ने मंडलायुक्तों को दी है। मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने आरटीओ डॉ. विजय कुमार को सुबह तलब कर प्रतिबंधित वाहनों को सीज करने के निर्देश दिए। इसके बाद आरटीओ का प्रवर्तन अमला सड़क पर उतर गया। चार टीमों ने बागपत रोड, गढ़ रोड, मवाना रोड और दिल्ली रोड पर सघन अभियान चलाते हुए शाम तक 60 वाहनों को पकड़कर सीज कर दिया। इन वाहनों में एनसीआर जिलों के प्रतिबंधित वाहनों के अलावा हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड राज्यों के भी पुराने वाहन पकड़े गए हैं। शाम को आरटीओ डॉ. विजय कुमार ने मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार के पास पहुंचकर कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट सौंपी। मंडलायुक्त ने अभियान जारी रखने को कहा है।
विज्ञापन

ये वाहन आएंगे जद में, होंगे सीज
आरटीओ डॉ. विजय कुमार ने बताया कि जिले में रजिस्टर्ड यूपी 15एटी-0750 से पहले के नंबर और सीरीज वाले 10 साल पुराने सभी डीजल वाहन प्रतिबंधित है। वहीं 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों में यूपी 15 एन 6050 नंबर से पहले के सभी पेट्रोल वाहन प्रतिबंधित हैं। ये सभी वाहन एनजीटी के आदेश के दायरे में आ रहे हैं। ये चलते पाए गए तो इन्हें पुलिस भी विदाउट लिस्ट बंद कर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


खास बातें
- शासन ने दिए एनजीटी के आदेश का पालन करने के निर्देश
-10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल चलित वाहनों का संचालन है प्रतिबंधित
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed