{"_id":"5a354d404f1c1b8e698c226c","slug":"151344276815-mawana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपजिलाधिकारी के आदेश के बाद भी अलाव जलाने शुरु नहीं कराए गए।","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपजिलाधिकारी के आदेश के बाद भी अलाव जलाने शुरु नहीं कराए गए।
Updated Sat, 16 Dec 2017 10:13 PM IST
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उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को कड़ाके की सर्दी के मद्देनजर नगर में अलाव जलाने का आदेश दिया। इसके बावजूद अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की गई है। हालांकि रैन बसेरों की शुरुआत कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि चार दिन पहले हुई बारिश ने अचानक मौसम में तब्दीली ला दी। इससे सर्दी का अहसास होना शुरू हो गया है। बीते दो दिन से हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। अलाव जलवाने के लिए तहसील में 50 हजार रुपये का बजट आए चार दिन व्यतीत हो चुके हैं। हालांकि अभी तक नगर पालिका और तहसील प्रशासन की ओर से अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की गई है। उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने नगर पालिका ईओ को फोन करके नगर में अलाव जलाने की व्यवस्था करने के लिए कहा है। नगर में अलाव नहीं जलने की वजह से गरीब लोग सड़क किनारे मूंगफली वालों की लगी भट्ठियों के आसपास बैठकर सर्दी दूर कर रहे हैं। वहीं, नगर पालिका द्वारा सामुदायिक अंबेडकर भवन में रैन बसेरे की शुरूआत कर दी है। वहां पर गद्दे और लिहाफ की व्यवस्था की गई है। वहां पर तैनात नगर पालिका कर्मचारी ने बताया कि वह रात में 10 बजे तक इंतजार करता है। रैन बसेरे को शुरू हुए तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी किसी ने इस ओर रुख नहीं किया है। वहीं, जानकारी के अभाव में गरीब बेसहारा लोग ठंड में रात काटने को मजबूर हैं। इस संबंध में उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव का कहना है कि वह इस मामले को दिखवाएंगे।
मुख्य बातें
तहसील एवं नगर पालिका प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था नहीं की गई
तीन दिन से खोले गए रैन बसेरों की तरफ किसी ने नहीं किया रुख
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उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को कड़ाके की सर्दी के मद्देनजर नगर में अलाव जलाने का आदेश दिया। इसके बावजूद अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की गई है। हालांकि रैन बसेरों की शुरुआत कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि चार दिन पहले हुई बारिश ने अचानक मौसम में तब्दीली ला दी। इससे सर्दी का अहसास होना शुरू हो गया है। बीते दो दिन से हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। अलाव जलवाने के लिए तहसील में 50 हजार रुपये का बजट आए चार दिन व्यतीत हो चुके हैं। हालांकि अभी तक नगर पालिका और तहसील प्रशासन की ओर से अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की गई है। उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने नगर पालिका ईओ को फोन करके नगर में अलाव जलाने की व्यवस्था करने के लिए कहा है। नगर में अलाव नहीं जलने की वजह से गरीब लोग सड़क किनारे मूंगफली वालों की लगी भट्ठियों के आसपास बैठकर सर्दी दूर कर रहे हैं। वहीं, नगर पालिका द्वारा सामुदायिक अंबेडकर भवन में रैन बसेरे की शुरूआत कर दी है। वहां पर गद्दे और लिहाफ की व्यवस्था की गई है। वहां पर तैनात नगर पालिका कर्मचारी ने बताया कि वह रात में 10 बजे तक इंतजार करता है। रैन बसेरे को शुरू हुए तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी किसी ने इस ओर रुख नहीं किया है। वहीं, जानकारी के अभाव में गरीब बेसहारा लोग ठंड में रात काटने को मजबूर हैं। इस संबंध में उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव का कहना है कि वह इस मामले को दिखवाएंगे।
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मुख्य बातें
तहसील एवं नगर पालिका प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था नहीं की गई
तीन दिन से खोले गए रैन बसेरों की तरफ किसी ने नहीं किया रुख