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संविधान में प्रत्येक विषय का स्पष्ट वर्णन: चंद्रा
Updated Sun, 26 Nov 2017 02:02 AM IST
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मेरठ। अधिवक्ता परिषद उत्तर प्रदेश की जिला शाखा द्वारा संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर भारतीय संविधान भाषा विषय पर शनिवार को गोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति राजेश चंद्रा ने कहा कि संविधान सर्वोपरि है। हम संविधान के प्रावधानों को ग्रहण कर उन्हीं के अनुसार कार्य करते है। संविधान में प्रत्येक विषय का स्पष्ट वर्णन है।
पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता नवीन कौशिक ने मांग करते हुए कहा कि अदालती निर्णय राज्य या हिंदी भाषा में होने चाहिए ताकि वादकारी उसको आसानी से समझ सकें। देश में 22 भाषाओं को राज्य भाषा का दर्जा दिया गया है। लेकिन इसके बावजूद भी अधिकांश कार्य अंग्रेजी भाषा में ही होते हैं। जर्मनी और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में भी सभी कार्य अपनी भाषा में किए जाते हैं और वे लोग अंग्रेजी को अनसुना करते हैं। कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 में हिंदी को राज्य भाषा कहते हुए आगामी 15 वर्षों तक अंग्रेजी में कार्य करने की छूट दी गयी थी।
इससे पूर्व परिषद के संरक्षक चौ. ब्रह्मपाल सिंह व प्रदेश महामंत्री चरण सिंह त्यागी ने अधिवक्ता परिषद के उद्देश्य एवं गठन के विषय पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष नरोत्तम गर्ग, संचालन उपाध्यक्ष विवेक कोचर ने किया। इस अवसर पर अधिवक्ता अर्चना शर्मा, संगठन मंत्री विशाल राणा, कोषाध्यक्ष झम्मन सिंह वर्मा, जितेंद्र सिंह चिकारा, प्रमोद त्यागी, राजीव शर्मा, मनोज गुप्ता, सुदेश त्यागी, पद्म सिंह, ओमकार तोमर, सुभाष दत्त शर्मा, शुची शर्मा, लक्ष्य कुमार सिंह, अजय सिरोही, मोहित गुप्ता, सचिन देव त्यागी, अनुराधा जैन, संगीता सिंह, निशा तायल आदि मौजूद रहे।
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- अधिवक्ता परिषद ने आयोजित की संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर गोष्ठी
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पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता नवीन कौशिक ने मांग करते हुए कहा कि अदालती निर्णय राज्य या हिंदी भाषा में होने चाहिए ताकि वादकारी उसको आसानी से समझ सकें। देश में 22 भाषाओं को राज्य भाषा का दर्जा दिया गया है। लेकिन इसके बावजूद भी अधिकांश कार्य अंग्रेजी भाषा में ही होते हैं। जर्मनी और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में भी सभी कार्य अपनी भाषा में किए जाते हैं और वे लोग अंग्रेजी को अनसुना करते हैं। कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 में हिंदी को राज्य भाषा कहते हुए आगामी 15 वर्षों तक अंग्रेजी में कार्य करने की छूट दी गयी थी।
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इससे पूर्व परिषद के संरक्षक चौ. ब्रह्मपाल सिंह व प्रदेश महामंत्री चरण सिंह त्यागी ने अधिवक्ता परिषद के उद्देश्य एवं गठन के विषय पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष नरोत्तम गर्ग, संचालन उपाध्यक्ष विवेक कोचर ने किया। इस अवसर पर अधिवक्ता अर्चना शर्मा, संगठन मंत्री विशाल राणा, कोषाध्यक्ष झम्मन सिंह वर्मा, जितेंद्र सिंह चिकारा, प्रमोद त्यागी, राजीव शर्मा, मनोज गुप्ता, सुदेश त्यागी, पद्म सिंह, ओमकार तोमर, सुभाष दत्त शर्मा, शुची शर्मा, लक्ष्य कुमार सिंह, अजय सिरोही, मोहित गुप्ता, सचिन देव त्यागी, अनुराधा जैन, संगीता सिंह, निशा तायल आदि मौजूद रहे।
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- अधिवक्ता परिषद ने आयोजित की संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर गोष्ठी