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एक प्राईमरी स्कूल पर टिकी हर्रा के शिक्षा की बुनियाद
Updated Sun, 19 Nov 2017 08:38 PM IST
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सरूरपुर।
एक बार फिर पंचायत चुनाव आने पर कस्बा खिवाई के बाशिंदे विकास के सपने आंखों में संजोए बैठे हैं। चुनाव के दौरान उम्मीदवार वोटों के बदले विकास के आश्वासन की गठरी मतदाताओं के सिर पर रख जाते हैं। यह अगले चुनाव के आने तक ज्यों की त्यों रखी मिलती हैं। अबकी बार हर्रा को नगर पंचायत का दर्जा तो मिल गया। इसके बावजूद यहां शिक्षा आज भी एक प्राइमरी स्कूल के सहारे चल रही है।
हर्रा में शिक्षा आजादी से प्राइमरी स्कूल के सहारे है। लगभग 35 हजार की आबादी वाले इस कस्बे के मरीजों को इलाज के लिए आठ किलोमीटर दूर सीएचसी पर जाना पड़ता है। जनपद मेरठ के विकास खंड सरूरपुर के कस्बा हर्रा बागपत जिले की सीमा से जुड़ा है। हर्रा को गांव से कस्बा बनने पर भी विडंबना कहा जा सकता है। यहां आजादी के इतने लंबे समय के बाद भी एक प्राइमरी स्कूल है। जनप्रतिनिधियों से विकास के नाम पर लोगों को सिर्फ आश्वासन मिले हैं। सरधना-बिनौली मार्ग स्थित हर्रा में मौजूद जच्चा-बच्चा केन्द्र और पशु चिकित्सालय एवं उप स्वास्थ केन्द्र जर्जर हाल में हैं। पशु चिकित्सालय एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र पर आज तक चिकित्सक मयस्सर नहीं हो पाए हैं। पिछले कई सालों से हर्रा में दस हजार से अधिक वोट हैं। वहीं, अब नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद भी करीब 12 हजार से अधिक वोट हैं। हर्रा में सरकारी स्कूल के लिए आला अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से गुहार लगा चुके हैं, मगर हर बार आश्वासन की गठरी ग्रामीणों के सर पर रख दी जाती है।
मुख्य बातें
35 हजार की आबादी पर सिर्फ एक प्राथमिक विद्यालय
हर चुनाव में मिलता है सिर्फ आश्वासन
कल से थम जाएगा चुनाव प्रचार
सरूरपुर।
निकाय चुनाव के मद्देनजर 20 नवंबर की शाम पांच बजे से प्रचार बंद हो जाएगा। इसके बाद किसी भी प्रत्याशी की जनसभाएं, नुक्कड़ और रैली नहीं हो सकेगी। दूसरे स्थान के स्टार प्रचारकों को जिला छोड़कर जाना होगा। सोमवार शाम के बाद 21 की रात तक प्रत्याशी और उनके समर्थकों को घर-घर जाकर जनसंपर्क करने की छूट रहेगी। मतदान से पहले अंतिम 48 घंटे में कोई प्रत्याशी या समर्थक वोटरों को नहीं लुभा सकेंगे। इसीलिए नगर पंचायतों में प्रशासन की सीधी नजर रहेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी जोनल, सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट के साथ उड़ाका दल को सक्रिय करते हुए निरंतर भ्रमण कर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। हर्रा, खिवाई और करनावल में नगर पंचायत अध्यक्ष और सदस्य पद के लिए प्रत्याशियों ने अपने पक्ष में वोट करने के लिए प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है।
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एक बार फिर पंचायत चुनाव आने पर कस्बा खिवाई के बाशिंदे विकास के सपने आंखों में संजोए बैठे हैं। चुनाव के दौरान उम्मीदवार वोटों के बदले विकास के आश्वासन की गठरी मतदाताओं के सिर पर रख जाते हैं। यह अगले चुनाव के आने तक ज्यों की त्यों रखी मिलती हैं। अबकी बार हर्रा को नगर पंचायत का दर्जा तो मिल गया। इसके बावजूद यहां शिक्षा आज भी एक प्राइमरी स्कूल के सहारे चल रही है।
हर्रा में शिक्षा आजादी से प्राइमरी स्कूल के सहारे है। लगभग 35 हजार की आबादी वाले इस कस्बे के मरीजों को इलाज के लिए आठ किलोमीटर दूर सीएचसी पर जाना पड़ता है। जनपद मेरठ के विकास खंड सरूरपुर के कस्बा हर्रा बागपत जिले की सीमा से जुड़ा है। हर्रा को गांव से कस्बा बनने पर भी विडंबना कहा जा सकता है। यहां आजादी के इतने लंबे समय के बाद भी एक प्राइमरी स्कूल है। जनप्रतिनिधियों से विकास के नाम पर लोगों को सिर्फ आश्वासन मिले हैं। सरधना-बिनौली मार्ग स्थित हर्रा में मौजूद जच्चा-बच्चा केन्द्र और पशु चिकित्सालय एवं उप स्वास्थ केन्द्र जर्जर हाल में हैं। पशु चिकित्सालय एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र पर आज तक चिकित्सक मयस्सर नहीं हो पाए हैं। पिछले कई सालों से हर्रा में दस हजार से अधिक वोट हैं। वहीं, अब नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद भी करीब 12 हजार से अधिक वोट हैं। हर्रा में सरकारी स्कूल के लिए आला अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से गुहार लगा चुके हैं, मगर हर बार आश्वासन की गठरी ग्रामीणों के सर पर रख दी जाती है।
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35 हजार की आबादी पर सिर्फ एक प्राथमिक विद्यालय
हर चुनाव में मिलता है सिर्फ आश्वासन
कल से थम जाएगा चुनाव प्रचार
सरूरपुर।
निकाय चुनाव के मद्देनजर 20 नवंबर की शाम पांच बजे से प्रचार बंद हो जाएगा। इसके बाद किसी भी प्रत्याशी की जनसभाएं, नुक्कड़ और रैली नहीं हो सकेगी। दूसरे स्थान के स्टार प्रचारकों को जिला छोड़कर जाना होगा। सोमवार शाम के बाद 21 की रात तक प्रत्याशी और उनके समर्थकों को घर-घर जाकर जनसंपर्क करने की छूट रहेगी। मतदान से पहले अंतिम 48 घंटे में कोई प्रत्याशी या समर्थक वोटरों को नहीं लुभा सकेंगे। इसीलिए नगर पंचायतों में प्रशासन की सीधी नजर रहेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी जोनल, सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट के साथ उड़ाका दल को सक्रिय करते हुए निरंतर भ्रमण कर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। हर्रा, खिवाई और करनावल में नगर पंचायत अध्यक्ष और सदस्य पद के लिए प्रत्याशियों ने अपने पक्ष में वोट करने के लिए प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है।
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