फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   कोल्हूओं के साथ मावे की भट्टियों से निकल रहा धूंआ,वायू को कर रहा प्रदूषित

कोल्हूओं के साथ मावे की भट्टियों से निकल रहा धूंआ,वायू को कर रहा प्रदूषित

Sun, 12 Nov 2017 09:46 PM IST
Updated Sun, 12 Nov 2017 09:46 PM IST
विज्ञापन
कोल्हूओं के साथ मावे की भट्टियों से निकल रहा धूंआ,वायू को कर रहा प्रदूषित
सरधना।
विज्ञापन

नगर और देहात क्षेत्र में वायु प्रदूषण के लिए कोल्हुओं और मावे की भट्ठियों से निकलने वाला धुआं जिम्मेदार है। कई गांवों में कोल्हू और मावे की भट्ठियां संचालित की जा रही हैं। उनकी वजह से लोग खासे परेशान हैं। क्षेत्र में गत वर्षों की अपेक्षा कोल्हुओं की संख्या में कुछ कमी जरूर आई है परंतु मावे की भट्ठियों की संख्या में इजाफा हुआ है। कोल्हू संचालक ईंधन के रूप में खोई के बजाय गन्ने की पत्ती और पेड़ों की लकड़ी आदि प्रयोग कर रहे हैं। वहीं, मावा भट्ठी संचालक गैस सिलेंडर का प्रयोग न करके उपले एवं अन्य ईंधन का प्रयोग कर रहे हैं।

क्षेत्र में एक समय करीब चार से पांच सौ कोल्हू संचालित होते थे। इनकी संख्या में कई वर्षों से लगातार कमी आ रही है। गुड़ मंडी के आढ़ती राजीव और नरेश जैन के अनुसार कोल्हुओं की संख्या पचास से भी कम रह गई है। अधिकतर संचालकों ने मध्यप्रदेश और अन्य जगह कोल्हुओं को शिफ्ट कर दिया है। कोल्हूओं की संख्या में भले ही कमी आई हो, लेकिन सरधना नगर और देहात क्षेत्र में मावे की भट्ठियों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। नगर और देहात क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या से अधिक मावे की भट्ठियां धधक रही हैं। ये हर रोज धुआं उगल रही हैं। नगर में एक भी कोल्हू संचालित नहीं है। गंगनहर पटरी के निकट कोल्हू अवश्य संचालित किया जा रहा है। हालांकि पूर्व में नगर में तीन क्रेशर एवं आधा दर्जन से अधिक कोल्हू संचालित होते थे। वहीं, देहात में मिलक, अलीपुर, कुलंजन, अक्खेपुर, भामौरी, अटेरना, कपसाड़, नवादा, कालंद, कालंदी गांवाें में एक-दो कोल्हुओं का संचालन किया जा रहा है। मुल्हैड़ा गांव में दर्जनभर से अधिक मावे की भट्ठी संचालित की जा रही हैं। ऐसा ही कालंद, कालंदी, नवादा पिठलोकर आदि में चल रहा है। नगर में भी कई दर्जन मावे की भट्ठी चलाई जा रही हैं। ये हर रोज वायु प्रदूषित बढ़ा रही हैं। खाद्य विभाग भी नकली मावे की धरपकड़ के लिए कार्रवाई अवश्य करता है, लेकिन वायु प्रदूषित की रोकथाम के लिए कोल्हू और मावे की भट्ठियों पर आज तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। जिससे क्षेत्र में वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन

मुख्य बातें
कोल्हुओं की संख्या में निरंतर आ रही है कमी, मावे की भट्ठियों में बेहताश बढ़ोतरी
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों का इस ओर नहीं ध्यान
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed