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कार्तिक पूर्णिमा पर मखदूमपुर गंगा में लाखों श्रद्घालुओं ने लगाई डुबकी।
Updated Sat, 04 Nov 2017 07:42 PM IST
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कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मखदूमपुर गंगा घाट पर लाखों श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ डुबकी लगाई। शुक्रवार रात 12 बजे से ही श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान करना शुरू कर दिया। शनिवार शाम तक श्रद्धालु गंगा पर पहुंचकर स्नान करते रहे। इसके साथ गंगा मेला शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।
कार्तिक मास की पूर्णिमा को आयोजित मुख्य गंगा स्नान के उपलक्ष्य में जिला पंचायत द्वारा मखदूमपुर गंगा घाट पर प्रतिवर्ष मेले का आयोजन किया जाता है। इस बार जिला पंचायत द्वारा आयोजित मेले का उद्घाटन 31 अक्तूबर को जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह तथा सीडीओ ने फीता काटकर एवं गंगा पूजन करके किया था। उद्घाटन के दिन से ही गंगा घाट पर श्रद्धालु भैंसा-बुग्गी तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचने लगे थे। शुक्रवार को तो पूरे दिन गंगा मेले में जाने वाले श्रद्धालुओं की मवाना से मखदूमपुर तक लाइन लगी रही। वहीं, शुक्रवार रात 12 बजे से ही कार्तिक पूर्णिमा का स्नान शुरू हो गया। लोग 12 बजते ही जय गंगा मैया, हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ गंगा घाट पर उमड़ पडे़ तथा स्नान शुरू कर दिया। रात में ही स्नान कर लोग अपने तंबू उखाड़कर ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा भैंसा-बुग्गियों में सवार होकर घरों को लौटने लगे। शनिवार को दिन निकलने पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। शनिवार को शाम तक गंगा पर श्रद्धालु पहुंचते रहे तथा डुबकी लगाते रहे। इस अवसर पर लोगों ने गंगा में फूल प्रसाद चढ़ाकर आशीर्वाद लिया। शनिवार शाम तक मखदूमपुर गंगा घाट पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। वहीं, सैकड़ों तंबुओं में डीजे की धुन पर युवा रात भर थिरकते रहे। शनिवार शाम तक ट्रैक्टर-ट्रालियों तथा भैंसा-बुग्गियों में सवार होकर लोग अपने घरों की ओर लौटते रहे।
मेले में डीएम, एसएसपी भी नहीं पहुंचे
मखदूमपुर जिले का एकमात्र गंगा स्नान मेला होने के बाद भी जिलाधिकारी एवं एसएसपी मुख्य स्नान पर भी नहीं पहुंचे। इस बार उद्घाटन के मौके पर भी दोनों अधिकारी नहीं पहुंचे थे। रात को एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश पटेल, एसपी देहात राजेश कुमार, एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव, सीओ यूएन मिश्र रात को मेले में कैंप किए रहे।
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मेले की सुरक्षा रही रामभरोसे
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा में लगाए पुलिसकर्मी इस बार बड़ी संख्या में नदारद रहे। वे पुलिसकर्मी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। जिस कारण मेले की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे रही।
गंगा को गंदा किया और चल दिए
मखदूमपुर मेले में जिला पंचायत के सफाई संबंधी दावे हवाई साबित हुए। जिला पंचायत ने इस बार गंगा को साफ सुथरा रखने का दावा किया था। लेकिन शनिवार सुबह गंगा घाट पर चारों ओर पॉलीथिन एवं अन्य कूड़ा फैला हुआ था। उसे साफ करने वाला कोई नहीं था। पतित पावनी गंगा में स्नान करने आए लोग इसे गंदा करने से बाज नहीं आए।
पेट की खातिर फूल बेचते बच्चे
शुक्रवार और शनिवार को जहां लाखों लोग गंगा में पूर्णिमा के अवसर पर डुबकी लगाकर आशीर्वाद ले रहे थे। वहीं, दर्जनों ऐसे गरीब बच्चे भी गंगा घाट पर थे। जिन्हें गंगा में नहाने से कोई मतलब नहीं था। वे तो चंद रुपयों का प्रबंध करने में जुटे थे। जहां गंगा घाट पर दर्जनों मासूम गरीब बच्चे फूल, प्रसाद और जल केन आदि बेचकर रुपये कमाने का प्रयास कर रहे थे। वहीं, कई बच्चे ऐसे भी थे, जो गंगा में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए सिक्कों को चुंबक के माध्यम से तलाश रहे थे। इनके लिए गंगा स्नान का यही मायने है।
रेत खनन के लिए लांघी सीमा
गंगा मेले में आए श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाने के साथ ही खुलकर रेत खनन किया। प्रदेश सरकार द्वारा गंगा तथा नहरों से रेत खनन करना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद गंगा मेले में आए श्रद्धालुओं ने प्रतिबंध को दरकिनार कर खुलकर खनन किया। इस समय बाजार में रेत की ट्रॉली करीब 7-8 हजार रुपये में बिक रही है। जिस कारण मेले में आने वाले अधिकतर लोग भैंसा-बुग्गी और ट्रैक्टर-ट्रॉली में रेत भरकर ले गए। शुक्रवार सुबह से ही गंगा का दोहन श्रद्धालुओं के साथ माफिया ने भी किया था। इस बार अवैध खनन की सभी सीमा लांघ दी गई। शायद ही कभी गंगा पर इतना अवैध खनन हुआ है। पुलिस ने भी किसी को रोकना जरूरी नहीं समझा। वहीं, उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव का कहना है कि तीन ट्रॉली उन्होंने सीओ के साथ मिलकर खाली करा दी थी। हालांकि खनन करने वालों की संख्या अधिक होने के कारण उन पर रोक नहीं लगाई जा सकी।
जाम से लोग रहे परेशान
शनिवार को गंगा स्नान के अवसर पर मखदूमपुर जाने और आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। जिस कारण पूरे दिन नगर में मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। नगर के मुख्य मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को पूरे दिन जाम का सामना करना पड़ा। वहीं, मखदूमपुर मार्ग पर भी दिनभर जाम के हालात बने रहे।
बिना अनुमति रागनी कार्यक्रम का आयोजन
मेले में बिना अनुमति के रागनी कार्यक्रम आयोजित हुआ। गनीमत रही कि ज्यादा हंगामा नहीं हुआ। अधिकारियों के पहुंचने पर रागिनी कार्यक्रम समाप्त हो गया। इस संबंध में उपजिलाधिकारी का कहना था कि जब वे पहुंचे तो उस समय देशभक्ति भजन चल रहा था। जिसके बाद कार्यक्रम समाप्त हो गया।
मुख्य बातें
शुक्रवार रात बारह बजते ही लोगों ने शुरू कर दिया था स्नान, दिनभर चलता रहा इसका सिलसिला
अव्यवस्था के चलते महिला श्रद्धालुओं को परेशानियों से होना पड़ा दो-चार
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कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मखदूमपुर गंगा घाट पर लाखों श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ डुबकी लगाई। शुक्रवार रात 12 बजे से ही श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान करना शुरू कर दिया। शनिवार शाम तक श्रद्धालु गंगा पर पहुंचकर स्नान करते रहे। इसके साथ गंगा मेला शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।
कार्तिक मास की पूर्णिमा को आयोजित मुख्य गंगा स्नान के उपलक्ष्य में जिला पंचायत द्वारा मखदूमपुर गंगा घाट पर प्रतिवर्ष मेले का आयोजन किया जाता है। इस बार जिला पंचायत द्वारा आयोजित मेले का उद्घाटन 31 अक्तूबर को जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह तथा सीडीओ ने फीता काटकर एवं गंगा पूजन करके किया था। उद्घाटन के दिन से ही गंगा घाट पर श्रद्धालु भैंसा-बुग्गी तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचने लगे थे। शुक्रवार को तो पूरे दिन गंगा मेले में जाने वाले श्रद्धालुओं की मवाना से मखदूमपुर तक लाइन लगी रही। वहीं, शुक्रवार रात 12 बजे से ही कार्तिक पूर्णिमा का स्नान शुरू हो गया। लोग 12 बजते ही जय गंगा मैया, हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ गंगा घाट पर उमड़ पडे़ तथा स्नान शुरू कर दिया। रात में ही स्नान कर लोग अपने तंबू उखाड़कर ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा भैंसा-बुग्गियों में सवार होकर घरों को लौटने लगे। शनिवार को दिन निकलने पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। शनिवार को शाम तक गंगा पर श्रद्धालु पहुंचते रहे तथा डुबकी लगाते रहे। इस अवसर पर लोगों ने गंगा में फूल प्रसाद चढ़ाकर आशीर्वाद लिया। शनिवार शाम तक मखदूमपुर गंगा घाट पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। वहीं, सैकड़ों तंबुओं में डीजे की धुन पर युवा रात भर थिरकते रहे। शनिवार शाम तक ट्रैक्टर-ट्रालियों तथा भैंसा-बुग्गियों में सवार होकर लोग अपने घरों की ओर लौटते रहे।
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मेले में डीएम, एसएसपी भी नहीं पहुंचे
मखदूमपुर जिले का एकमात्र गंगा स्नान मेला होने के बाद भी जिलाधिकारी एवं एसएसपी मुख्य स्नान पर भी नहीं पहुंचे। इस बार उद्घाटन के मौके पर भी दोनों अधिकारी नहीं पहुंचे थे। रात को एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश पटेल, एसपी देहात राजेश कुमार, एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव, सीओ यूएन मिश्र रात को मेले में कैंप किए रहे।
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मेले की सुरक्षा रही रामभरोसे
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा में लगाए पुलिसकर्मी इस बार बड़ी संख्या में नदारद रहे। वे पुलिसकर्मी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। जिस कारण मेले की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे रही।
गंगा को गंदा किया और चल दिए
मखदूमपुर मेले में जिला पंचायत के सफाई संबंधी दावे हवाई साबित हुए। जिला पंचायत ने इस बार गंगा को साफ सुथरा रखने का दावा किया था। लेकिन शनिवार सुबह गंगा घाट पर चारों ओर पॉलीथिन एवं अन्य कूड़ा फैला हुआ था। उसे साफ करने वाला कोई नहीं था। पतित पावनी गंगा में स्नान करने आए लोग इसे गंदा करने से बाज नहीं आए।
पेट की खातिर फूल बेचते बच्चे
शुक्रवार और शनिवार को जहां लाखों लोग गंगा में पूर्णिमा के अवसर पर डुबकी लगाकर आशीर्वाद ले रहे थे। वहीं, दर्जनों ऐसे गरीब बच्चे भी गंगा घाट पर थे। जिन्हें गंगा में नहाने से कोई मतलब नहीं था। वे तो चंद रुपयों का प्रबंध करने में जुटे थे। जहां गंगा घाट पर दर्जनों मासूम गरीब बच्चे फूल, प्रसाद और जल केन आदि बेचकर रुपये कमाने का प्रयास कर रहे थे। वहीं, कई बच्चे ऐसे भी थे, जो गंगा में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए सिक्कों को चुंबक के माध्यम से तलाश रहे थे। इनके लिए गंगा स्नान का यही मायने है।
रेत खनन के लिए लांघी सीमा
गंगा मेले में आए श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाने के साथ ही खुलकर रेत खनन किया। प्रदेश सरकार द्वारा गंगा तथा नहरों से रेत खनन करना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद गंगा मेले में आए श्रद्धालुओं ने प्रतिबंध को दरकिनार कर खुलकर खनन किया। इस समय बाजार में रेत की ट्रॉली करीब 7-8 हजार रुपये में बिक रही है। जिस कारण मेले में आने वाले अधिकतर लोग भैंसा-बुग्गी और ट्रैक्टर-ट्रॉली में रेत भरकर ले गए। शुक्रवार सुबह से ही गंगा का दोहन श्रद्धालुओं के साथ माफिया ने भी किया था। इस बार अवैध खनन की सभी सीमा लांघ दी गई। शायद ही कभी गंगा पर इतना अवैध खनन हुआ है। पुलिस ने भी किसी को रोकना जरूरी नहीं समझा। वहीं, उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव का कहना है कि तीन ट्रॉली उन्होंने सीओ के साथ मिलकर खाली करा दी थी। हालांकि खनन करने वालों की संख्या अधिक होने के कारण उन पर रोक नहीं लगाई जा सकी।
जाम से लोग रहे परेशान
शनिवार को गंगा स्नान के अवसर पर मखदूमपुर जाने और आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। जिस कारण पूरे दिन नगर में मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। नगर के मुख्य मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को पूरे दिन जाम का सामना करना पड़ा। वहीं, मखदूमपुर मार्ग पर भी दिनभर जाम के हालात बने रहे।
बिना अनुमति रागनी कार्यक्रम का आयोजन
मेले में बिना अनुमति के रागनी कार्यक्रम आयोजित हुआ। गनीमत रही कि ज्यादा हंगामा नहीं हुआ। अधिकारियों के पहुंचने पर रागिनी कार्यक्रम समाप्त हो गया। इस संबंध में उपजिलाधिकारी का कहना था कि जब वे पहुंचे तो उस समय देशभक्ति भजन चल रहा था। जिसके बाद कार्यक्रम समाप्त हो गया।
मुख्य बातें
शुक्रवार रात बारह बजते ही लोगों ने शुरू कर दिया था स्नान, दिनभर चलता रहा इसका सिलसिला
अव्यवस्था के चलते महिला श्रद्धालुओं को परेशानियों से होना पड़ा दो-चार