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अक्तूबर माह के अंतिम सप्ताह में शुरु हो सकती है मवाना शुगर मिल।
Updated Sun, 10 Sep 2017 06:55 PM IST
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मवाना।
मवाना शुगर मिल का पेराई सत्र अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में शुरू हो सकता है। वहीं, सेंटरों के संबंध में लखनऊ में सोमवार को होने वाली बैठक में विचार किया जाएगा। बीते वर्ष के बकाया भुगतान के संबंध में मिल के गन्ना महाप्रबंधक प्रमोद बालियान का कहना है कि तितावी शुगर मिल का पैसा बकाया है जो अक्तूबर के प्रथम सप्ताह मिलेगा। इसके बाद किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा।
मवाना शुगर मिल का पेराई सत्र अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में शुरू हो सकता है। मिल के गन्ना प्रबंधक प्रमोद बालियान ने बताया कि पेराई सत्र की तैयारियां शुरू कर दी हैं। 30 सितंबर तक मिल के मेंटिनेंस का कार्य पूर्ण हो जाएगा। कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। वहीं, किसानों के बकाया भुगतान के संबंध में प्रमोद बालियान ने बताया कि किसानों का 93 प्रतिशत भुगतान अभी तक कर दिया है।
किसानों के लगभग 36 करोड़ रुपये बकाया हैं। तितावी चीनी मिल बिकी थी उसका भुगतान अभी बकाया है। उसके अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में मिलने की उम्मीद है। उसको मिलते ही किसानों का बकाया भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही किसानों का समस्त भुगतान कर दिया जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया कि मिल के 150 गन्ना क्रय केंद्रों को लगाए जाने का कार्य अक्तूबर के शुरूआत में ही शुरू कर दिया जाएगा। वहीं, गन्ना समिति सचिव अनिल कुमार ने बताया कि मिल के क्रय केंद्रों की संख्या बीते वर्ष की अपेक्षा में कम या अधिक तो नहीं हुई है। उनका कहना है कि सोमवार को इस संबंध में मेरठ मंडल की बैठक लखनऊ में होनी है। जिसमें निर्णय होगा। सिंतबर के अंत तक सूचना आ सकेगी, इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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मवाना।
चेयरमैन की धमकी का भी असर नहीं
गन्ना समिति के चेयरमैन विनोद कुमार भाटी ने समिति की बोर्ड बैठक में जिस प्रकार कड़ा रुख दिखाते हुए घोषणा की थी कि यदि मिल 15 दिन में भुगतान नहीं करेगा तो डायरेक्टरों के साथ मिल परिसर में ही धरना देकर बैठ जाएंगे। चेतावनी के अनुसार समय समाप्त होने के बाद भी इस संबंध में चेयरमैन द्वारा कुछ नहीं किया गया। इस बाबत उनका कहना है कि राम रहीम के मामले क्षेत्र में धारा 144 लगी होने हुई है। इस बहाने वे धरने की चेतावनी से पल्ला झाड़ गए।
मुख्य बातें
शुगर मिल प्रबंधन का तैयारियां शुरू कर देने का दावा
मिल पर गन्ना किसानों को 36 करोड़ का भुगतान बकाया
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मवाना शुगर मिल का पेराई सत्र अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में शुरू हो सकता है। वहीं, सेंटरों के संबंध में लखनऊ में सोमवार को होने वाली बैठक में विचार किया जाएगा। बीते वर्ष के बकाया भुगतान के संबंध में मिल के गन्ना महाप्रबंधक प्रमोद बालियान का कहना है कि तितावी शुगर मिल का पैसा बकाया है जो अक्तूबर के प्रथम सप्ताह मिलेगा। इसके बाद किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा।
मवाना शुगर मिल का पेराई सत्र अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में शुरू हो सकता है। मिल के गन्ना प्रबंधक प्रमोद बालियान ने बताया कि पेराई सत्र की तैयारियां शुरू कर दी हैं। 30 सितंबर तक मिल के मेंटिनेंस का कार्य पूर्ण हो जाएगा। कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। वहीं, किसानों के बकाया भुगतान के संबंध में प्रमोद बालियान ने बताया कि किसानों का 93 प्रतिशत भुगतान अभी तक कर दिया है।
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किसानों के लगभग 36 करोड़ रुपये बकाया हैं। तितावी चीनी मिल बिकी थी उसका भुगतान अभी बकाया है। उसके अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में मिलने की उम्मीद है। उसको मिलते ही किसानों का बकाया भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही किसानों का समस्त भुगतान कर दिया जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया कि मिल के 150 गन्ना क्रय केंद्रों को लगाए जाने का कार्य अक्तूबर के शुरूआत में ही शुरू कर दिया जाएगा। वहीं, गन्ना समिति सचिव अनिल कुमार ने बताया कि मिल के क्रय केंद्रों की संख्या बीते वर्ष की अपेक्षा में कम या अधिक तो नहीं हुई है। उनका कहना है कि सोमवार को इस संबंध में मेरठ मंडल की बैठक लखनऊ में होनी है। जिसमें निर्णय होगा। सिंतबर के अंत तक सूचना आ सकेगी, इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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चेयरमैन की धमकी का भी असर नहीं
गन्ना समिति के चेयरमैन विनोद कुमार भाटी ने समिति की बोर्ड बैठक में जिस प्रकार कड़ा रुख दिखाते हुए घोषणा की थी कि यदि मिल 15 दिन में भुगतान नहीं करेगा तो डायरेक्टरों के साथ मिल परिसर में ही धरना देकर बैठ जाएंगे। चेतावनी के अनुसार समय समाप्त होने के बाद भी इस संबंध में चेयरमैन द्वारा कुछ नहीं किया गया। इस बाबत उनका कहना है कि राम रहीम के मामले क्षेत्र में धारा 144 लगी होने हुई है। इस बहाने वे धरने की चेतावनी से पल्ला झाड़ गए।
मुख्य बातें
शुगर मिल प्रबंधन का तैयारियां शुरू कर देने का दावा
मिल पर गन्ना किसानों को 36 करोड़ का भुगतान बकाया