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रोशनी के शहरों मे रोशनी नही मिलती ।
Updated Thu, 17 Aug 2017 11:36 PM IST
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बौंद्रा। कस्बे के रोज गार्डन में मुशायरे का आयोजन किया गया। यहां मुख्य अतिथि पूर्व विधायक हाजी गुलाम मोहम्मद रहे। मुशायरे कीअध्यक्षता अजहर एनायती ने की एवं संचालन एमआरकासिम ने किया।
मुशायरे का शमां रोशन किठौर के चेयरमैन मतलूब गौड एवं डा. हकीम सिराजुद्दीन ने की। सबसे पहले वारिस वारसी ने नआत ए शरीफ पढ़ी। इसके बाद शायर अजहर एनायती ने अपने अशआर में कुछ इस तरह कहा, इस रास्ते में जब कोई साया न पाएगा, ये आखिरी दरख्त बहुत याद आयेगा। बिजनौर से तशरीफ से लाए मशहूर शायर शकील जमाली ने कहा कि गजल अस्मत बचाए फिर रही है, कई शायर पीछे हैं। एमआर कासमी ने कहा बेक सुनी बातें बेसुरी सरगम, रोशनी के शहरों में रोशनी नहीं मिलती। शायर अभय कुमार ने कहा कि ये तय समझ कि तेरे गम से जीत सकते थे, ये और बात है कि तेरी खुशी से हार गए। यूनुस गाजी ने कहा कि सबसे पहले मेरा पहुंचे उन शहीदों को सलाम, सीखिये बांकपन की बातें, जोक की बाते करें। किठौर के शायर असरार ने कहा कि वफा खुलूस है दौलत मेरी फरजंग आलूदा किसी बाजार में सिक्के ये चल जाते तो अच्छा था। शायरों ने खूब वाहवाही लूटी ।इस मुशायरे मे अजहर इनायती व शकील जमाली को प्रतीक चिन्ह देकर व शाल उढाकर सम्मानित किया ।
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मुशायरे का शमां रोशन किठौर के चेयरमैन मतलूब गौड एवं डा. हकीम सिराजुद्दीन ने की। सबसे पहले वारिस वारसी ने नआत ए शरीफ पढ़ी। इसके बाद शायर अजहर एनायती ने अपने अशआर में कुछ इस तरह कहा, इस रास्ते में जब कोई साया न पाएगा, ये आखिरी दरख्त बहुत याद आयेगा। बिजनौर से तशरीफ से लाए मशहूर शायर शकील जमाली ने कहा कि गजल अस्मत बचाए फिर रही है, कई शायर पीछे हैं। एमआर कासमी ने कहा बेक सुनी बातें बेसुरी सरगम, रोशनी के शहरों में रोशनी नहीं मिलती। शायर अभय कुमार ने कहा कि ये तय समझ कि तेरे गम से जीत सकते थे, ये और बात है कि तेरी खुशी से हार गए। यूनुस गाजी ने कहा कि सबसे पहले मेरा पहुंचे उन शहीदों को सलाम, सीखिये बांकपन की बातें, जोक की बाते करें। किठौर के शायर असरार ने कहा कि वफा खुलूस है दौलत मेरी फरजंग आलूदा किसी बाजार में सिक्के ये चल जाते तो अच्छा था। शायरों ने खूब वाहवाही लूटी ।इस मुशायरे मे अजहर इनायती व शकील जमाली को प्रतीक चिन्ह देकर व शाल उढाकर सम्मानित किया ।
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