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दौराला में छह दिवसिय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ
Updated Sat, 12 Aug 2017 08:15 PM IST
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कथा के पहले दिन महिलाओं ने कस्बे में निकाली कलश यात्रा
फोटो समाचार
अमर उजाला ब्यूरो
दौराला।
कस्बे में शनिवार से छह दिवसीय श्रीमद भागवत महापुराण का शुभारंभ किया गया। इससे पूर्व कस्बे में महिलाओं ने धूमधाम से कलश यात्रा निकाली। इसका जगह-जगह जोरदार स्वागत किया गया।
दौराला स्थित श्री पवनसुत पैलेस में आयोजित छह दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिन्दरपाल सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। कथा व्यास डा. रामप्रकाश शास्त्री ने कहा कि दुख की चरम अवस्था पर सुख का प्रारंभ होता है। रामायण शिक्षाप्रद ग्रंथ है तो भागवत उद्धारक। भगवान श्रीराम मर्यादा पालक तो भगवान श्रीकृष्ण लीला पुरुषोत्तम है। इन दोनों अवतारों के द्वारा माता-पिता की जो सेवा की गई है वह अवर्णनीय है। उन्होंने सभी से माता-पिता की सेवा करने की अपील की। कथा से पूर्व कस्बे की सैकड़ों महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। इस दौरान यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर जोरदार स्वागत किया गया। कथा में मुख्य रूप से राधेश्याम अग्रवाल, प्रदीप भारद्वाज, अमन सिंह, जितेंद्र कांबोज, महेंद्र शर्मा, नारायण सिंह आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
दौराला।
कस्बे में शनिवार से छह दिवसीय श्रीमद भागवत महापुराण का शुभारंभ किया गया। इससे पूर्व कस्बे में महिलाओं ने धूमधाम से कलश यात्रा निकाली। इसका जगह-जगह जोरदार स्वागत किया गया।
दौराला स्थित श्री पवनसुत पैलेस में आयोजित छह दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिन्दरपाल सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। कथा व्यास डा. रामप्रकाश शास्त्री ने कहा कि दुख की चरम अवस्था पर सुख का प्रारंभ होता है। रामायण शिक्षाप्रद ग्रंथ है तो भागवत उद्धारक। भगवान श्रीराम मर्यादा पालक तो भगवान श्रीकृष्ण लीला पुरुषोत्तम है। इन दोनों अवतारों के द्वारा माता-पिता की जो सेवा की गई है वह अवर्णनीय है। उन्होंने सभी से माता-पिता की सेवा करने की अपील की। कथा से पूर्व कस्बे की सैकड़ों महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। इस दौरान यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर जोरदार स्वागत किया गया। कथा में मुख्य रूप से राधेश्याम अग्रवाल, प्रदीप भारद्वाज, अमन सिंह, जितेंद्र कांबोज, महेंद्र शर्मा, नारायण सिंह आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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