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आखिरकार फिर पूर्वी यमन नहर से गायब हुए पानी
Updated Mon, 05 Jun 2017 12:55 AM IST
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पूूर्वी यमन नहर में पानी नहीं, संकट में किसान
बड़ौत (बागपत)। पूर्वी यमन नहर में पानी की एक बूंद न होने के चलते पांच जिलों के हजारों किसानों की लहराती फसलों पर संकट के बादल छाए गए है। आलम यह है कि क्षेत्रवासियों की बार-बार शिकायत के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी मुकदर्शक बने हुए है। इसको लेकर क्षेत्रवासियों में विभागीय अफसरों के प्रति आक्रोश पनपता जा रहा है और वे आंदोलन शुरू करने का मन बना रहे है।
प्रदेश मेें भले ही सत्ता परिर्वतन हो गया हो, लेकिन अभी तक किसानों की दुर्दशा नहीं बदली है। एक तो पहले से ही किसानों का क्षेत्र की चीनी मिलें करोड़ो रूपये बकाया गन्ना भुगतान दबाएं बैठी है, ऊपर से जब भी किसानों को पानी की आवश्यकता होती है, पूर्वी यमन नहर से पानी गायब हो जाता है। अब अगर बात वर्तमान की करें तो पिछलें दस दिनों से पूर्वी यमन नहर में पानी की एक बूंद तक नहीं है, जिस कारण इस नहर से जुडे सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत व गाजियाबाद जनपद के हजारों किसानों की गेंहू, ईख व अन्य मुख्य फसलें सूखकर बर्बाद हो रही है।
नहर मेें पानी छुड़वाए जाने को लेकर लगातार किसान सिंचाई विभाग के अफसरों से शिकायत कर रहे है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्राम प्रधान छछरपुर अनिल कुमार एडवोकेट, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सुधीर दांगी, राजपाल प्रधान, प्रताप, जोगेन्द्र, सूरज, अमित, प्रवीण यशवीर सिंह आदि का कहना है कि भीषण गर्मी के चलते इस समय फसलों को पानी की बहुत आवश्यकता है, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी किसानों की समस्याओं के लिए मुकदर्शक बने हुए है। उन्होंने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। जब इस संबंध में सिंचाई विभाग के एसडीओ संजीव वर्मा व जेई वीरपाल पंवार से बातचीत की गयी तो उनका कहना था कि अभी ऊपर से पानी नहीं मिल रहा है। पानी आते ही छोड़ दिया जाएगा।
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बड़ौत (बागपत)। पूर्वी यमन नहर में पानी की एक बूंद न होने के चलते पांच जिलों के हजारों किसानों की लहराती फसलों पर संकट के बादल छाए गए है। आलम यह है कि क्षेत्रवासियों की बार-बार शिकायत के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी मुकदर्शक बने हुए है। इसको लेकर क्षेत्रवासियों में विभागीय अफसरों के प्रति आक्रोश पनपता जा रहा है और वे आंदोलन शुरू करने का मन बना रहे है।
प्रदेश मेें भले ही सत्ता परिर्वतन हो गया हो, लेकिन अभी तक किसानों की दुर्दशा नहीं बदली है। एक तो पहले से ही किसानों का क्षेत्र की चीनी मिलें करोड़ो रूपये बकाया गन्ना भुगतान दबाएं बैठी है, ऊपर से जब भी किसानों को पानी की आवश्यकता होती है, पूर्वी यमन नहर से पानी गायब हो जाता है। अब अगर बात वर्तमान की करें तो पिछलें दस दिनों से पूर्वी यमन नहर में पानी की एक बूंद तक नहीं है, जिस कारण इस नहर से जुडे सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत व गाजियाबाद जनपद के हजारों किसानों की गेंहू, ईख व अन्य मुख्य फसलें सूखकर बर्बाद हो रही है।
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नहर मेें पानी छुड़वाए जाने को लेकर लगातार किसान सिंचाई विभाग के अफसरों से शिकायत कर रहे है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्राम प्रधान छछरपुर अनिल कुमार एडवोकेट, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सुधीर दांगी, राजपाल प्रधान, प्रताप, जोगेन्द्र, सूरज, अमित, प्रवीण यशवीर सिंह आदि का कहना है कि भीषण गर्मी के चलते इस समय फसलों को पानी की बहुत आवश्यकता है, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी किसानों की समस्याओं के लिए मुकदर्शक बने हुए है। उन्होंने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। जब इस संबंध में सिंचाई विभाग के एसडीओ संजीव वर्मा व जेई वीरपाल पंवार से बातचीत की गयी तो उनका कहना था कि अभी ऊपर से पानी नहीं मिल रहा है। पानी आते ही छोड़ दिया जाएगा।
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