मेधावियों को चाहिए मार्क्स, अन्य को ग्रेड

Meerut Bureau Updated Sat, 03 Jun 2017 08:11 PM IST
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मेरठ। सीबीएसई इस सत्र से ग्रेडिंग सिस्टम खत्म कर बोर्ड एग्जाम सिस्टम लागू करने जा रहा है। अब छात्रों को नए सत्र से ग्रेड नहीं, बल्कि नंबर मिलेंगे। होम एग्जाम का विकल्प भी सीबीएसई खत्म कर रहा है। पुरानी प्रक्रिया पुन: लागू होने से मेधावियों को खुशी है। लेकिन पढ़ाई में औसत छात्रों के लिए यह परेशानी का सबब बन सकता है। दसवीं की परीक्षा में सफल होने वाले विद्यार्थी ग्रेडिंग और मार्क्स सिस्टम को अपनी नजर से देखते हैं। मेधावियों ने नंबर सिस्टम को सही बताया, तो औसत छात्रों का झुकाव ग्रेडिंग की ओर अधिक था।
ग्रेडिंग सिस्टम अच्छा
ग्रेडिंग सिस्टम अच्छा है, क्योंकि ग्रेड मिलने से कोई टॉपर नहीं रह जाता। सभी छात्र समान रैंक पर रहते हैं। - शुभा कृति, एमपीजीएस

नंबर ही मिलें
ग्रेडिंग से अच्छा मार्क्स सिस्टम है। इससे पता तो चलता है कि हमारी पढ़ाई का स्तर क्या है। जो छात्र दसवीं में 10 सीजीपीए लाते हैं वो 11वीं में डाउन हो जाते हैं। - मुस्कान, एमपीजीएस

पढ़ाई अच्छी होती है
नंबर सिस्टम अच्छा है। सभी पढ़ाई में मेहनत करते हैं। बोर्ड एग्जाम की तैयारी भी हो जाती है। क्योंकि 12वीं में तो बोर्ड परीक्षा ही देना है। - रितिका, एमपीजीएस

दोनों ही ठीक हैं
ग्रेडिंग सिस्टम में भी छात्रों को उतना ही ग्रेड मिलता है जितनी वो पढ़ाई करते हैं। इसलिए ग्रेडिंग हो या नंबर सिस्टम दोनों ही ठीक हैं। - दिव्या, एमपीजीएस

कोई टॉपर नहीं रहता
ग्रेडिंग सिस्टम में कोई टॉपर नहीं रहता। एफए के नंबर भी फाइनल रिजल्ट में जुड़ते हैं। इसलिए रिजल्ट अच्छा आता है। - तनिषा, एमपीजीएस

पढ़ाई नहीं हो पाती
ग्रेडिंग सिस्टम से नुकसान छात्रों का ही है। स्कूल तो अपना रिजल्ट अच्छा दिखाने के लिए होम एग्जाम करा देते हैं, लेकिन स्टूडेंट्स की पढ़ाई कमजोर होती है। - प्रांजल, एमपीजीएस

टॉपर बन जाते हैं
स्कूल में ज्यादातर स्टूडेंट्स का 10 सीजीपीए आता है, जबकि मार्क्स मिलें तो कोई एक टॉपर बनता है। इसलिए मार्क्स सिस्टम अच्छा है। - वंश राणा, केएल

प्रतियोगिता खत्म होती है
जब कोई टॉपर नहीं तो आपस में प्रतियोगिता नहीं। इसलिए होम एग्जाम की बजाय बोर्ड एग्जाम अच्छा है, इसलिए बोर्ड का यह कदम बहुत अच्छा है। - तुषार वर्मा, केएल

गंभीर नहीं होते छात्र
ग्रेडिंग सिस्टम में छात्र कभी गंभीर होकर पढ़ाई नहीं करते। पास तो हो ही जाएंगे, ए वन ग्रेड भी मिल जाएगा। बहुत कम छात्र हैं जिन्हें बी वन ग्रेड मिलता है। - साहिल यादव, केएल

बोर्ड की तैयारी नहीं होती
पढ़ो या न पढ़ो, पास तो हो जाओगे। इसी भ्रम में स्टूडेंट्स 10वीं में पढ़ाई नहीं करते। लेकिन जब 12वीं में बोर्ड परीक्षा से सामना होता है तो कोई तैयारी नहंी होती। - तान्या केएल

दोनों ही कठिन हैं
होम एग्जाम हो या बोर्ड एग्जाम दोेनों के पेपर टफ होते हैं। बोर्ड एग्जाम देने से भविष्य में दूसरे शहरों में जाने पर बोर्ड चेंज करने में समस्या नहीं होती, लेकिन होम एग्जाम में समस्या आती है। - श्रेया, केएल

छात्रों के लिए नंबर ठीक
स्कूल के अनुसार सीजीपीए मिलना ठीक है। स्कूल का रिजल्ट अच्छा रहता है। लेकिन छात्रों के लिए तो नंबर आना और बोर्ड एग्जाम ही जरूरी है। - नंदिनी, केएल

तनाव नहीं रहता
सीजीपीए सिस्टम ही अच्छा है, इससे छात्रों के पास होने का स्तर बढ़ा है। छात्रों में सफलता का जो तनाव होता है वो भी कम हुआ है। - लक्ष्य, केएल

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