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गुलजार और उसके गुरु की कुंडली खंगालने में जुटी जांच एजेंसिया
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गुलजार और उसके गुरु की कुंडली खंगालने में जुटी जांच एजेंसिया
गुलजार से बरामद मोबाइल में रिकार्ड है उर्दू व अरबी में हुई बातचीत
गुलजार का ब्रेन वॉश कर फिदायीन बनाने की भी आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
शामली/मेरठ। मेरठ समेत सात शहरों में रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी भरी ईमेल भेजने के बाद जहां शामली पुलिस ने कंकरखेड़ा निवासी गुलजार और उसके भाई को गिरफ्तार किया था। वहीं आतंकी गतिविधियों से जुड़ रहे तार को देखते हुए एसटीएस ने लिसाड़ीगेट में निगरानी बढ़ा दी है। गुलजार का गुरु लिसाड़ीगेट का रहने वाला है। एटीएस उससे पूछताछ कर चुकी है। बताया गया कि एटीएस की टीम गोपनीय ढंग से जांच में जुटी है। पुलिस अफसरों का कहना है कि एटीएस जल्द ही किसी की गिरफ्तारी कर सकती है। मेरठ, हापुड़ और शामली में एटीएस के साथ कई जांच एजेंसी लगी हैं। यह भी सामने आ रहा है कि गुलजार का गुरु कई बार दूसरे शहरों में पहुंचा। ऐसे में पुलिस और जांच एजेंसी पता लगा रही हैं कि गुलजार और उसका गुरु पूर्व में कहीं बाहर तो नहीं गये।
एसपी अजय कुमार के अनुसार गुलजार से बरामद मोबाइल में जो बातचीत रिकार्ड है। इसमें बेहद आपत्तिजनक बातें हैं। अधिकांश बातचीत में उर्दू और अरबी के शब्दों प्रयोग किया गया है। इसमें मौत तो हक है, मगर कभी कभी डर भी लगता है जैसी बातचीत भी है। इसी तरह की गई गंभीर बातचीत का होना किसी गहरे षड्यंत्र की ओर इशारा करती हैं। इन बातों से लगता है कि ये फिदायीन बनाने का भी मामला हो सकता है। संभावना है कि फोन पर बात करने वाला दूसरा व्यक्ति गुलजार का ब्रेन वॉश कर रहा हो। इस तरह की बातें सुरक्षा के लिहाजा से गंभीर हैं, इसलिए इस मामले में एटीएस का भी सहयोग लिया जा रहा है। वह भी अपने स्तर से वर्क कर रही है।
10 दिन का मांगा पुलिस कस्टडी रिमांड
एसपी अजय कुमार ने बताया कि गुलजार के मोबाइल में मौजूद बातचीत को कागजों में दर्ज किया गया है। मजबूत आधार तैयार करने के बाद ही गुलजार के पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए शनिवार को अर्जी कोर्ट में लगाई गई है। इसमें कोर्ट से 10 दिन के रिमांड का अनुरोध किया गया है। संभवत: सोमवार को इस पर सुनवाई हो सकती है और पुलिस को उसका रिमांड मिल सकता है।
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मेल करने के बाद हुई बातचीत
एसपी के अनुसार मोबाइल में जो बातचीत दर्ज है। ये बातचीत गुलजार के मेल करने के बाद की और गिरफ्तारी से एक दिन पहले की हैं। इससे इस बात की भी पूरी संभावना है कि ये गुलजार के गुरु को मेल के बारे में पता हो।
गुरुओं की निगरानी से नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस ने वह दोनों व्यक्ति भी ट्रेस कर लिए हैं, जिनसे फोन पर गुलजार की बात हुई है। ये दोनों मेरठ के लिसाडी गेट और मोदीनगर क्षेत्र के हैं। पहले पुलिस का इरादा इनकी गिरफ्तारी का था, लेेकिन पुलिस के पास केवल बातचीत की रिकॉडिंग के अलावा उनकी गिरफ्तारी का कोई ठोस सबूत नहीं है। रिकॉडिंग में भी ये साफ नहीं हो पा रहा कि ये किस मसले पर बातचीत कर रहे हैं। ऐसे में फिलहाल पुलिस ने कुछ दिन इनकी गिरफ्तारी का इरादा बदल लिया है। पुलिस को लगता है कि यदि इनकी गिरफ्तारी कर ली गई तो ये आसानी से मुंह नहीं खोलेंगे ,बार बार बयान बदलेंगे और गुत्थी उलझ जाएगी अब इन पर निगरानी रख रही है। सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है उक्त दोनों किससे बात करते हैं किससे संपर्क हैं इसी तरह उनका पूरा नेटवर्क मिल सकेगा। इन तमाम बातों की जानकारी जुटाने के बाद पुलिस पुख्ता सबूत के साथ ही इन पर हाथ डालना चाहती है। ताकि गिरफ्तारी पर भी कोई बखेड़ा ना हो।
कोट
गुलजार के मोबाइल में जो बातचीत है उससे प्रथम दृष्टया लग रहा है कि इस पूरे मामले के पीछे कोई गहरी साजिश या षड्यंत्र हो सकता है। संभव है कि गुलजार के गुरु उसका ब्रेन वॉश कर फिदायीन बनाने का प्रयास कर रहे हों । इसी कारण एटीएस भी इस मामले में लगी है। जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। गुुलजार के गुरु और इनसे जुड़े लोगों पर फिलहाल नजर रखी जा रही है।
अजय कुमार एसपी शामली
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गुलजार से बरामद मोबाइल में रिकार्ड है उर्दू व अरबी में हुई बातचीत
गुलजार का ब्रेन वॉश कर फिदायीन बनाने की भी आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
शामली/मेरठ। मेरठ समेत सात शहरों में रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी भरी ईमेल भेजने के बाद जहां शामली पुलिस ने कंकरखेड़ा निवासी गुलजार और उसके भाई को गिरफ्तार किया था। वहीं आतंकी गतिविधियों से जुड़ रहे तार को देखते हुए एसटीएस ने लिसाड़ीगेट में निगरानी बढ़ा दी है। गुलजार का गुरु लिसाड़ीगेट का रहने वाला है। एटीएस उससे पूछताछ कर चुकी है। बताया गया कि एटीएस की टीम गोपनीय ढंग से जांच में जुटी है। पुलिस अफसरों का कहना है कि एटीएस जल्द ही किसी की गिरफ्तारी कर सकती है। मेरठ, हापुड़ और शामली में एटीएस के साथ कई जांच एजेंसी लगी हैं। यह भी सामने आ रहा है कि गुलजार का गुरु कई बार दूसरे शहरों में पहुंचा। ऐसे में पुलिस और जांच एजेंसी पता लगा रही हैं कि गुलजार और उसका गुरु पूर्व में कहीं बाहर तो नहीं गये।
एसपी अजय कुमार के अनुसार गुलजार से बरामद मोबाइल में जो बातचीत रिकार्ड है। इसमें बेहद आपत्तिजनक बातें हैं। अधिकांश बातचीत में उर्दू और अरबी के शब्दों प्रयोग किया गया है। इसमें मौत तो हक है, मगर कभी कभी डर भी लगता है जैसी बातचीत भी है। इसी तरह की गई गंभीर बातचीत का होना किसी गहरे षड्यंत्र की ओर इशारा करती हैं। इन बातों से लगता है कि ये फिदायीन बनाने का भी मामला हो सकता है। संभावना है कि फोन पर बात करने वाला दूसरा व्यक्ति गुलजार का ब्रेन वॉश कर रहा हो। इस तरह की बातें सुरक्षा के लिहाजा से गंभीर हैं, इसलिए इस मामले में एटीएस का भी सहयोग लिया जा रहा है। वह भी अपने स्तर से वर्क कर रही है।
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10 दिन का मांगा पुलिस कस्टडी रिमांड
एसपी अजय कुमार ने बताया कि गुलजार के मोबाइल में मौजूद बातचीत को कागजों में दर्ज किया गया है। मजबूत आधार तैयार करने के बाद ही गुलजार के पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए शनिवार को अर्जी कोर्ट में लगाई गई है। इसमें कोर्ट से 10 दिन के रिमांड का अनुरोध किया गया है। संभवत: सोमवार को इस पर सुनवाई हो सकती है और पुलिस को उसका रिमांड मिल सकता है।
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मेल करने के बाद हुई बातचीत
एसपी के अनुसार मोबाइल में जो बातचीत दर्ज है। ये बातचीत गुलजार के मेल करने के बाद की और गिरफ्तारी से एक दिन पहले की हैं। इससे इस बात की भी पूरी संभावना है कि ये गुलजार के गुरु को मेल के बारे में पता हो।
गुरुओं की निगरानी से नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस ने वह दोनों व्यक्ति भी ट्रेस कर लिए हैं, जिनसे फोन पर गुलजार की बात हुई है। ये दोनों मेरठ के लिसाडी गेट और मोदीनगर क्षेत्र के हैं। पहले पुलिस का इरादा इनकी गिरफ्तारी का था, लेेकिन पुलिस के पास केवल बातचीत की रिकॉडिंग के अलावा उनकी गिरफ्तारी का कोई ठोस सबूत नहीं है। रिकॉडिंग में भी ये साफ नहीं हो पा रहा कि ये किस मसले पर बातचीत कर रहे हैं। ऐसे में फिलहाल पुलिस ने कुछ दिन इनकी गिरफ्तारी का इरादा बदल लिया है। पुलिस को लगता है कि यदि इनकी गिरफ्तारी कर ली गई तो ये आसानी से मुंह नहीं खोलेंगे ,बार बार बयान बदलेंगे और गुत्थी उलझ जाएगी अब इन पर निगरानी रख रही है। सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है उक्त दोनों किससे बात करते हैं किससे संपर्क हैं इसी तरह उनका पूरा नेटवर्क मिल सकेगा। इन तमाम बातों की जानकारी जुटाने के बाद पुलिस पुख्ता सबूत के साथ ही इन पर हाथ डालना चाहती है। ताकि गिरफ्तारी पर भी कोई बखेड़ा ना हो।
कोट
गुलजार के मोबाइल में जो बातचीत है उससे प्रथम दृष्टया लग रहा है कि इस पूरे मामले के पीछे कोई गहरी साजिश या षड्यंत्र हो सकता है। संभव है कि गुलजार के गुरु उसका ब्रेन वॉश कर फिदायीन बनाने का प्रयास कर रहे हों । इसी कारण एटीएस भी इस मामले में लगी है। जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। गुुलजार के गुरु और इनसे जुड़े लोगों पर फिलहाल नजर रखी जा रही है।
अजय कुमार एसपी शामली