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आगरा के दूध की मेरठ में कालाबाजारी
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आगरा के दूध की मेरठ में कालाबाजारी
- पराग डेयरी से आगरा के लिए रोज निकलता है चार हजार लीटर दूध
- वाहन चालक दो हजार लीटर दूध वापस लाकर बेचता था मेरठ में
- अलीगढ़ के जीएम ने छापामारी कर पकड़ी दूध की अवैध बिक्री
- छह घंटे बाद भी दुग्ध संघ अधिकारियों ने थाने में नहीं दी तहरीर
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
पराग डेयरी गगोल से आगरा भेजे जाने वाले दूध की कालाबाजारी सामने आई है। दुग्ध संघ के अधिकारी और ट्रांसपोटर्स की मिलीभगत से रोज करीब दो हजार लीटर आगरा की जगह मेरठ में बेचा जा रहा था। बुधवार को अलीगढ़ पराग डेयरी के महाप्रबंधक ने मेरठ में छापामारी करके इसका खुलासा किया। कालाबाजारी के आरोप में मेरठ के कुंडा निवासी वाहन चालक प्रमोद को दूध के साथ परतापुर पुलिस ने पकड़ा है। हालांकि छह घंटे बाद भी मामले में पुलिस को तहरीर नहीं मिली। उधर पराग दुग्ध संघ गगोल के जीएम ने अपने स्तर से जांच बैठा दी है। प्रमुख सचिव दुग्ध विकास को भी सूचना दे गई।
पराग दुग्ध संघ गगोल परतापुर से आगरा, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर को दूध की आपूर्ति होती है। मेरठ में जिस पराग दूध के रेट 49.50 रुपये प्रति किलो हैं, वही पराग का दूध दूसरे जिलों को 42 रुपये में दिया जा रहा है। पराग दुग्ध संघ के जीएम विकास बालियान की माने तो आगरा को रोज चार हजार लीटर दूध की आपूर्ति होती है।
हर जिले का अलग बार कोड
पराग दुग्ध की कालाबाजारी और मिलावट पर रोक के लिए दूध की थैली पर बार कोड लगाया जाता है। ताकि एक शहर का दूध दूसरे शहर में न बेचा जा सके। बुधवार को भी छापामारी के दौरान दूध की थैली पर बार कोड चेक किया गया। उसमें बार कोड आगरा पराग दुग्ध संघ का पाया गया।
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पहले भी होता रहा है खेल
पराग दुग्ध संघ में गाड़ी लगाने को लेकर ट्रांसपोर्टर्स राजनीति का सहारा लेते हैं। पहले भी ट्रांसपोर्टर्स को लेकर पराग दुग्ध संघ के बोर्ड द्वारा आरोप लगाए जाते रहे हैं। दूध की कालाबाजारी और उसमें पानी की मिलावट के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। यह मामला भी ट्रांसपोर्टर्स से जुड़ा माना जा रहा है। क्योंकि जिस वाहन में आगरा का दूध पकड़ा गया है, उसके चालक ने उस ट्रांसपोर्टर्स की गाड़ी से दूध लिया हैं, जो गगोल प्लांट से दूध लेकर आगरा के लिए निकलती है। वहीं सूचना पाकर थाने पहुंचे गगोल दुग्ध उत्पादक संघ के चेयरमैन योगेंद्र सिंह ने कहा कि जांच कराई जा रही है। दोषियों को सजा मिलेगी।
पराग डेयरी ट्रांसपोर्टर्स भिड़े
पकड़े गए दुग्ध वाहन व चालक के पक्ष में कुछ लोग थाना परतापुर में ही दुग्ध संघ के अफसरों से भिड़ गए। काफी देर तक हंगामा हुआ। उधर हिरासत में लिए गए गाड़ी चालक प्रमोद ने बताया कि वह इधर से अलीगढ़, आगरा माल लेकर जाता है। वहां पराग का दूध सस्ता मिलता है, तो हम खरीद कर मेरठ बेच देते हैं।
आगरा का बार कोड मिला
अलीगढ़ के दूध को मेरठ में बेचे जाने के आरोप लग रहे थे। इसी के चलते छापामारी की गई। गांव कुंडा से एक दुग्ध वाहन पकड़ा गया है। दूध की थैलियों पर आगरा का बार कोड है। चालक ने भी आगरा जाने वाली गाड़ी चालक से पराग दूध लेना और मेरठ में बेचना स्वीकार किया है। -सीपी सिंह, जीएम, पराग दुग्ध संघ अलीगढ़।
प्रमुख सचिव को दी सूचना
बाहर का दूध मेरठ में बिकने की शिकायत मिल रही थी। पकड़ी गई गाड़ी आगरा की है। चालक से कुछ जानकारी मिली है। पूरी जानकारी प्रमुख सचिव दुग्ध विकास को दी गई है। अपने स्तर पर भी जांच कराई जाएगी। थाने पर तहरीर दी जा रही है। -विकास बालियान, जीएम, पराग दुग्ध संघ गगोल।
नहीं मिली तहरीर
पराग वालों की सूचना पर कुंडा गांव से पराग दूध की थैलियों से भरी पिकअप पकड़ी गई है। चालक को हिरासत में लिया गया है। अभी तक मामले में तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
तपेश्वर सागर, इंस्पेक्टर परतापुर।
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- पराग डेयरी से आगरा के लिए रोज निकलता है चार हजार लीटर दूध
- वाहन चालक दो हजार लीटर दूध वापस लाकर बेचता था मेरठ में
- अलीगढ़ के जीएम ने छापामारी कर पकड़ी दूध की अवैध बिक्री
- छह घंटे बाद भी दुग्ध संघ अधिकारियों ने थाने में नहीं दी तहरीर
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
पराग डेयरी गगोल से आगरा भेजे जाने वाले दूध की कालाबाजारी सामने आई है। दुग्ध संघ के अधिकारी और ट्रांसपोटर्स की मिलीभगत से रोज करीब दो हजार लीटर आगरा की जगह मेरठ में बेचा जा रहा था। बुधवार को अलीगढ़ पराग डेयरी के महाप्रबंधक ने मेरठ में छापामारी करके इसका खुलासा किया। कालाबाजारी के आरोप में मेरठ के कुंडा निवासी वाहन चालक प्रमोद को दूध के साथ परतापुर पुलिस ने पकड़ा है। हालांकि छह घंटे बाद भी मामले में पुलिस को तहरीर नहीं मिली। उधर पराग दुग्ध संघ गगोल के जीएम ने अपने स्तर से जांच बैठा दी है। प्रमुख सचिव दुग्ध विकास को भी सूचना दे गई।
पराग दुग्ध संघ गगोल परतापुर से आगरा, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर को दूध की आपूर्ति होती है। मेरठ में जिस पराग दूध के रेट 49.50 रुपये प्रति किलो हैं, वही पराग का दूध दूसरे जिलों को 42 रुपये में दिया जा रहा है। पराग दुग्ध संघ के जीएम विकास बालियान की माने तो आगरा को रोज चार हजार लीटर दूध की आपूर्ति होती है।
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हर जिले का अलग बार कोड
पराग दुग्ध की कालाबाजारी और मिलावट पर रोक के लिए दूध की थैली पर बार कोड लगाया जाता है। ताकि एक शहर का दूध दूसरे शहर में न बेचा जा सके। बुधवार को भी छापामारी के दौरान दूध की थैली पर बार कोड चेक किया गया। उसमें बार कोड आगरा पराग दुग्ध संघ का पाया गया।
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पराग दुग्ध संघ में गाड़ी लगाने को लेकर ट्रांसपोर्टर्स राजनीति का सहारा लेते हैं। पहले भी ट्रांसपोर्टर्स को लेकर पराग दुग्ध संघ के बोर्ड द्वारा आरोप लगाए जाते रहे हैं। दूध की कालाबाजारी और उसमें पानी की मिलावट के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। यह मामला भी ट्रांसपोर्टर्स से जुड़ा माना जा रहा है। क्योंकि जिस वाहन में आगरा का दूध पकड़ा गया है, उसके चालक ने उस ट्रांसपोर्टर्स की गाड़ी से दूध लिया हैं, जो गगोल प्लांट से दूध लेकर आगरा के लिए निकलती है। वहीं सूचना पाकर थाने पहुंचे गगोल दुग्ध उत्पादक संघ के चेयरमैन योगेंद्र सिंह ने कहा कि जांच कराई जा रही है। दोषियों को सजा मिलेगी।
पराग डेयरी ट्रांसपोर्टर्स भिड़े
पकड़े गए दुग्ध वाहन व चालक के पक्ष में कुछ लोग थाना परतापुर में ही दुग्ध संघ के अफसरों से भिड़ गए। काफी देर तक हंगामा हुआ। उधर हिरासत में लिए गए गाड़ी चालक प्रमोद ने बताया कि वह इधर से अलीगढ़, आगरा माल लेकर जाता है। वहां पराग का दूध सस्ता मिलता है, तो हम खरीद कर मेरठ बेच देते हैं।
आगरा का बार कोड मिला
अलीगढ़ के दूध को मेरठ में बेचे जाने के आरोप लग रहे थे। इसी के चलते छापामारी की गई। गांव कुंडा से एक दुग्ध वाहन पकड़ा गया है। दूध की थैलियों पर आगरा का बार कोड है। चालक ने भी आगरा जाने वाली गाड़ी चालक से पराग दूध लेना और मेरठ में बेचना स्वीकार किया है। -सीपी सिंह, जीएम, पराग दुग्ध संघ अलीगढ़।
प्रमुख सचिव को दी सूचना
बाहर का दूध मेरठ में बिकने की शिकायत मिल रही थी। पकड़ी गई गाड़ी आगरा की है। चालक से कुछ जानकारी मिली है। पूरी जानकारी प्रमुख सचिव दुग्ध विकास को दी गई है। अपने स्तर पर भी जांच कराई जाएगी। थाने पर तहरीर दी जा रही है। -विकास बालियान, जीएम, पराग दुग्ध संघ गगोल।
नहीं मिली तहरीर
पराग वालों की सूचना पर कुंडा गांव से पराग दूध की थैलियों से भरी पिकअप पकड़ी गई है। चालक को हिरासत में लिया गया है। अभी तक मामले में तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
तपेश्वर सागर, इंस्पेक्टर परतापुर।