{"_id":"5c59fb69bdec22737c291216","slug":"141549400937-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोकसभा चुनाव के लिए रालोद का मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकसभा चुनाव के लिए रालोद का मंथन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव फतह के लिए विधानसभा क्षेत्रों पर रालोद का मंथन
राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह और उपाध्यक्ष जयंत चौधरी की सभाओं का कार्यक्रम जारी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। लोकसभा चुनाव 2019 में जीत हासिल करने के लिए रालोद ने गठबंधन में मिलने वाली संभावित सीटोें पर मंथन शुरू कर दिया है। पार्टी प्रबंधन ने इस महीने चौधरी अजित सिंह और जयंत चौधरी के कार्यक्रम तय कर दिए हैं। इन्हें सफल बनाने के लिए नेताओं ने पूरा जोर लगा दिया है। पार्टी की रणनीति अपने बेस वोटर को फिर से अपने पाले में लाने की है। इसके लिए पार्टी सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह पिछले एक साल से भाईचारा कायम करने के लिए जनसंवाद कार्यक्रम कर रहे हैं।
रालोद के सपा-बसपा गठबंधन में रहने की पूरी संभावना नजर आ रही है। हालांकि तीन सीट मिलने के बाद भी पार्टी अभी भी दो सीट और झटकने के लिए जोर लगा रही है। पार्टी की तरफ से पश्चिमी यूपी के समीकरणों का हवाला भी दिया जा रहा है। चौधरी अजित सिंह और उनके बेटे व पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के कार्यक्रम तय हो गए हैं। बुधवार को जयंत चौधरी शामली जिले के ऊन झिंझाना में जनसभा करेंगे। इस जनसभा पर सभी दलों की नजर लगी है। 7 और 8 फरवरी को जयंत अपनी पुरानी लोकसभा सीट मथुरा में पड़ाव डालेंगे और कई जनसभाएं करेंगे। वहीं चौधरी अजित सिंह 11 फरवरी को मुजफ्फरनगर के शाहपुर में, 13 फरवरी को बागपत लोकसभा सीट के सिवालखास और 16 फरवरी को मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट के फलावदा में जनसभा करेंगे। प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान ने बताया कि इन सभी कार्यक्रमों की तैयारी कर ली है। भाजपा की करनी से किसान और नौजवान परेशान हैं। बजट में किसानों को 6 हजार रुपये देने का सपना दिखाया गया है, जबकि गन्ना बकाया भुगतान मांगने पर किसानों को पुलिस से पिटवाया जा रहा है। नौजवानों को हर साल दो करोड़ रोजगार नहीं मिल सके और लोगों के खातों में 15-15 लाख रुपये भी नहीं पहुंचे। जनता ने मोदी सरकार को हटाने का मन बना लिया है। किसान रालोद की तरफ देख रहा है।
विज्ञापन
राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह और उपाध्यक्ष जयंत चौधरी की सभाओं का कार्यक्रम जारी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। लोकसभा चुनाव 2019 में जीत हासिल करने के लिए रालोद ने गठबंधन में मिलने वाली संभावित सीटोें पर मंथन शुरू कर दिया है। पार्टी प्रबंधन ने इस महीने चौधरी अजित सिंह और जयंत चौधरी के कार्यक्रम तय कर दिए हैं। इन्हें सफल बनाने के लिए नेताओं ने पूरा जोर लगा दिया है। पार्टी की रणनीति अपने बेस वोटर को फिर से अपने पाले में लाने की है। इसके लिए पार्टी सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह पिछले एक साल से भाईचारा कायम करने के लिए जनसंवाद कार्यक्रम कर रहे हैं।
रालोद के सपा-बसपा गठबंधन में रहने की पूरी संभावना नजर आ रही है। हालांकि तीन सीट मिलने के बाद भी पार्टी अभी भी दो सीट और झटकने के लिए जोर लगा रही है। पार्टी की तरफ से पश्चिमी यूपी के समीकरणों का हवाला भी दिया जा रहा है। चौधरी अजित सिंह और उनके बेटे व पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के कार्यक्रम तय हो गए हैं। बुधवार को जयंत चौधरी शामली जिले के ऊन झिंझाना में जनसभा करेंगे। इस जनसभा पर सभी दलों की नजर लगी है। 7 और 8 फरवरी को जयंत अपनी पुरानी लोकसभा सीट मथुरा में पड़ाव डालेंगे और कई जनसभाएं करेंगे। वहीं चौधरी अजित सिंह 11 फरवरी को मुजफ्फरनगर के शाहपुर में, 13 फरवरी को बागपत लोकसभा सीट के सिवालखास और 16 फरवरी को मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट के फलावदा में जनसभा करेंगे। प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान ने बताया कि इन सभी कार्यक्रमों की तैयारी कर ली है। भाजपा की करनी से किसान और नौजवान परेशान हैं। बजट में किसानों को 6 हजार रुपये देने का सपना दिखाया गया है, जबकि गन्ना बकाया भुगतान मांगने पर किसानों को पुलिस से पिटवाया जा रहा है। नौजवानों को हर साल दो करोड़ रोजगार नहीं मिल सके और लोगों के खातों में 15-15 लाख रुपये भी नहीं पहुंचे। जनता ने मोदी सरकार को हटाने का मन बना लिया है। किसान रालोद की तरफ देख रहा है।
विज्ञापन