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हाउस टैक्स और निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार पर बरपा हंगामा
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हाउस टैक्स और निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार पर बरपा हंगामा
मेरठ। नगर निगम की बोर्ड बैठक हमेशा की तरह हंगामेदार रही। शहर के विकास, सफाई, हाउस टैक्स में भ्रष्टाचार, होर्डिंग और स्ट्रीट लाइटों के मुद्दों पर पार्षदों ने खूब सवाल उठाए, लेकिन अधिकारी एक का भी जवाब नहीं दे पाए। इस पर पार्षद भड़क गए और कई बार अफसरों को खरी-खोटी सुनाई। एक पार्षद ने गालियां दीं, तो भाजपा पार्षदों ने उसके खिलाफ हंगामा कर दिया। खूब धक्कामुक्की हुई और मारपीट तक की नौबत आ गई। इसी गहमागहमी के बीच कई प्रस्ताव पास हो गए। वहीं, आउट सोर्सिंग पर सफाई कार्य करने वाले कर्मचारियों के वेतन और तैनाती पर पार्षद दो फाड़ नजर आए।
तिलक हॉल में बुधवार को बोर्ड बैठक वंदेमातरम से शुरू हुई। सदस्यों ने जनपद को कुष्ट रोग से मुक्त बनाने की शपथ ली। महापौर सुनीता वर्मा का निर्देश मिलने के बाद पार्षद पंकज गोयल ने प्रत्येक वार्ड में आकस्मिक कार्यों के लिए 10-10 लाख रुपये का प्रस्ताव रखा, जो पास हो गया। इकरामुद्दीन ने सभी वार्ड सुपरवाइजरों को मोबाइल देने और जाकिर कालोनी के बाहर पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के नाम से द्वार बनाने का प्रस्ताव रखा। विपिन जिंदल ने सभी पार्षदों को 1500 रुपये मासिक भत्ता देने का प्रस्ताव रखा, जिसका नीरज ठाकुर ने विरोध किया। नीरज ठाकुर ने शहर से कुत्ते और बंदर पकड़ने का प्रस्ताव रखा। सविता गुर्जर ने मलवेदारी पर भी हाउस टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा। कर निर्धारण अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने राजस्व विभाग से भूमि की जांच कराने के बाद ही टैक्स लगाए जाने की बात कही।
सविता गुर्जर ने कहा कि कुछ वार्डों में 100 से अधिक सफाई कर्मचारी हैं, तो कुछ में एक भी नहीं है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. गजेन्द्र ने इस आरोप को खारिज किया। साथ ही कहा कि प्रत्येक वार्ड में जनसंख्या के अनुसार 28 या इससे अधिक कर्मचारी बढ़ाए जाएंगे। वीआईपी वार्डोँ में अन्य वार्डों के अनुरूप 10 सफाई कर्मचारी अतिरिक्त रखे जाएंगे। इस पर महापौर ने कहा कि हर वार्ड में बराबर सफाई कर्मचारी लगाएं। इसी दौरान सविता गुर्जर ने नाराजगी में माइक को जमीन पर दे मारा। अकेले सिविल क्षेत्र के वार्ड में 122 सफाई कर्मचारियों की तैनाती पर नाराजगी जताई।
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पार्षद संजय सैनी ने जलकल के एक कर्मचारी पर उगाही के आरोप लगाए। पार्षद नाजरीन शाहिद ने शकूरनगर बस्ती में ढलावघर में भरे कूड़े का फोटो लहराते हुए हटाने, टाउन हॉल पार्क का सुंदरीकरण कराने, ओपन जिम और स्वीमिंग पुल बनवाने, मरीजों के लिए हर वार्ड को एक-एक एंबुलेंस देने की मांग की।
ललित नागदेव ने पुनरीक्षित और मूल बजट समय पर न होने के बाद भी निगम बोर्ड फंड से भुगतान होने पर निगम अधिकारियों से जवाब मांगा। कहा कि हाउस टैक्स विभाग में जनता से अवैध वसूली हो रही है। अवस्थापना निधि और 14वें वित्त आयोग के खजाने से होने वाले विकास कार्यों के प्रस्तावों में हेराफेरी हो रही है। आउट सोर्सिंग पर काम करने वाले बच्चों की शिक्षा पर निगम बोर्ड फंड से खर्च होना चाहिए। राजीव काले ने निगम के कंप्यूटर आपरेटरों का वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, जिस पर सभी ने सहमति दी। गफ्फार ने निगम को हाउस टैक्स बढ़ाने के लिए काम करने और सभी भवनों पर नंबर प्लेट लगाने की सलाह दी। निगम की खाली भूमि पर दुकानें बनाने का प्रस्ताव रखा। मौहम्मद कासिम ने अंसल टाउन से एक अरब 20 करोड़ रुपये की बकाया राशि वसूलने का प्रस्ताव रखा। शिखा ने वार्ड से हाउस टैक्स के रूप में होने वाली आय का 75 प्रतिशत उसी वार्ड के विकास पर खर्च करने का प्रस्ताव रखा, जो पास हो गया। पार्कों में 30-30 लाख रुपये से सोलर लाइट लगेंगी। इनके अलावा सुनीता प्रजापति, महेन्द्र भारती आदि ने भी प्रस्ताव रखे।
नगर निगम नहीं पकड़ेगा बंदर और कुत्ते
सदन में पार्षद अहसान अंसारी ने कुत्ते का काटे का निशान दिखाया, जिस पर सभी पार्षदों ने कुत्ते और बंदरों को शहर से बाहर करने का प्रस्ताव रखा। जिस पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. गजेन्द्र सिंह ने एक भी कुत्ते या बंदर को पकड़कर बाहर करने से हाथ खड़े कर दिए। साथ ही भारत सरकार और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का हवाला देते हुए कहा कि इनकी नसबंदी ही की जा सकती है। पशुपालन चिकित्सा अधिकारी से बात हो चुकी है।
अवैध होर्डिंग पर 10 से 50 हजार प्रतिदिन जुर्माना
पार्षद धर्मवीर ने कहा कि अवैध होर्डिंग पर लगाम की जिम्मेदारी अपर नगरायुक्त को दी जानी चाहिए। पार्षदों की समिति गठित की जाए, जो निगम अधिकारियों के साथ मिलकर अवैध होर्डिंग को काटने का काम करेंगे। अवैध होर्डिंग पर जुर्माना लगाया जाए। इस पर बोर्ड ने प्रत्येक अवैध यूनिपोल, होर्डिंग पर 10 हजार से 50 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाने का प्रस्ताव पास किया। शासन द्वारा भेजे गए सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी, निगम कर्मचारी और पुलिस व पार्षदों को लेकर अवैध होर्डिंग के खिलाफ अभियान चलाने पर सहमति बनी।
पाल होटल का मामला उठा, जांच बैठी
घंटाघर के बराबर में पाल होटल को बेचे जाने का मामला फिर सदन में गूंजा। पार्षद धर्मवीर ने कहा कि अधिकारी निगम की सरकारी संपत्ति को मिलीभगत करके बेच रहे हैं। अरबों रुपये की संपत्ति को कौड़ी के भाव बेचा जा रहा है। संपत्ति का स्वरूप तक बदल दिया। नगर निगम की दुकानों को 100 रुपये के स्टांप पेपर पर बेचा जा रहा है। ऐसी सभी दुकानों की किराएदारी खत्म की जाए। दोबारा से दुकानों की बोली लगाकर किराए पर दिया जाए। पार्षदों के सवालों का जवाब किसी भी अधिकारी के पास नहीं मिला। लिपिक लोकेश शर्मा ने सदन को बताया कि पूर्व नगरायुक्त अब्दुल समद और देवेन्द्र कुशवाहा ने पाल होटल की दुकानों को नियमित किया, जिस पर नगरायुक्त ने अपर नगरायुक्त को जांच करने के निर्देश दिए।
पार्षद ने गालियां दी, धक्कामुक्की
बोर्ड बैठक में पहले बोलने को लेकर पार्षद जुबेर अहमद ने अपने प्रस्तावों के कागज फाड़ने शुरू कर दिए, वहीं भद्दी गालियां भी दीं। इसके विरोध में भाजपा पार्षदों ने हंगामा कर दिया। दोनों पक्षों में मारपीट की नौबत आ गई। जमकर धक्कामुक्की हुई।
घंटाघर का होगा सौंदर्यीकरण, लगेंगी लाइटें
घंटाघर का सौंदर्यीकरण करने और लाइटें लगवाने का प्रस्ताव सदन में पास हो गया। निगम बोर्ड फंड से इस काम पर 30 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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मेरठ। नगर निगम की बोर्ड बैठक हमेशा की तरह हंगामेदार रही। शहर के विकास, सफाई, हाउस टैक्स में भ्रष्टाचार, होर्डिंग और स्ट्रीट लाइटों के मुद्दों पर पार्षदों ने खूब सवाल उठाए, लेकिन अधिकारी एक का भी जवाब नहीं दे पाए। इस पर पार्षद भड़क गए और कई बार अफसरों को खरी-खोटी सुनाई। एक पार्षद ने गालियां दीं, तो भाजपा पार्षदों ने उसके खिलाफ हंगामा कर दिया। खूब धक्कामुक्की हुई और मारपीट तक की नौबत आ गई। इसी गहमागहमी के बीच कई प्रस्ताव पास हो गए। वहीं, आउट सोर्सिंग पर सफाई कार्य करने वाले कर्मचारियों के वेतन और तैनाती पर पार्षद दो फाड़ नजर आए।
तिलक हॉल में बुधवार को बोर्ड बैठक वंदेमातरम से शुरू हुई। सदस्यों ने जनपद को कुष्ट रोग से मुक्त बनाने की शपथ ली। महापौर सुनीता वर्मा का निर्देश मिलने के बाद पार्षद पंकज गोयल ने प्रत्येक वार्ड में आकस्मिक कार्यों के लिए 10-10 लाख रुपये का प्रस्ताव रखा, जो पास हो गया। इकरामुद्दीन ने सभी वार्ड सुपरवाइजरों को मोबाइल देने और जाकिर कालोनी के बाहर पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के नाम से द्वार बनाने का प्रस्ताव रखा। विपिन जिंदल ने सभी पार्षदों को 1500 रुपये मासिक भत्ता देने का प्रस्ताव रखा, जिसका नीरज ठाकुर ने विरोध किया। नीरज ठाकुर ने शहर से कुत्ते और बंदर पकड़ने का प्रस्ताव रखा। सविता गुर्जर ने मलवेदारी पर भी हाउस टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा। कर निर्धारण अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने राजस्व विभाग से भूमि की जांच कराने के बाद ही टैक्स लगाए जाने की बात कही।
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सविता गुर्जर ने कहा कि कुछ वार्डों में 100 से अधिक सफाई कर्मचारी हैं, तो कुछ में एक भी नहीं है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. गजेन्द्र ने इस आरोप को खारिज किया। साथ ही कहा कि प्रत्येक वार्ड में जनसंख्या के अनुसार 28 या इससे अधिक कर्मचारी बढ़ाए जाएंगे। वीआईपी वार्डोँ में अन्य वार्डों के अनुरूप 10 सफाई कर्मचारी अतिरिक्त रखे जाएंगे। इस पर महापौर ने कहा कि हर वार्ड में बराबर सफाई कर्मचारी लगाएं। इसी दौरान सविता गुर्जर ने नाराजगी में माइक को जमीन पर दे मारा। अकेले सिविल क्षेत्र के वार्ड में 122 सफाई कर्मचारियों की तैनाती पर नाराजगी जताई।
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पार्षद संजय सैनी ने जलकल के एक कर्मचारी पर उगाही के आरोप लगाए। पार्षद नाजरीन शाहिद ने शकूरनगर बस्ती में ढलावघर में भरे कूड़े का फोटो लहराते हुए हटाने, टाउन हॉल पार्क का सुंदरीकरण कराने, ओपन जिम और स्वीमिंग पुल बनवाने, मरीजों के लिए हर वार्ड को एक-एक एंबुलेंस देने की मांग की।
ललित नागदेव ने पुनरीक्षित और मूल बजट समय पर न होने के बाद भी निगम बोर्ड फंड से भुगतान होने पर निगम अधिकारियों से जवाब मांगा। कहा कि हाउस टैक्स विभाग में जनता से अवैध वसूली हो रही है। अवस्थापना निधि और 14वें वित्त आयोग के खजाने से होने वाले विकास कार्यों के प्रस्तावों में हेराफेरी हो रही है। आउट सोर्सिंग पर काम करने वाले बच्चों की शिक्षा पर निगम बोर्ड फंड से खर्च होना चाहिए। राजीव काले ने निगम के कंप्यूटर आपरेटरों का वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, जिस पर सभी ने सहमति दी। गफ्फार ने निगम को हाउस टैक्स बढ़ाने के लिए काम करने और सभी भवनों पर नंबर प्लेट लगाने की सलाह दी। निगम की खाली भूमि पर दुकानें बनाने का प्रस्ताव रखा। मौहम्मद कासिम ने अंसल टाउन से एक अरब 20 करोड़ रुपये की बकाया राशि वसूलने का प्रस्ताव रखा। शिखा ने वार्ड से हाउस टैक्स के रूप में होने वाली आय का 75 प्रतिशत उसी वार्ड के विकास पर खर्च करने का प्रस्ताव रखा, जो पास हो गया। पार्कों में 30-30 लाख रुपये से सोलर लाइट लगेंगी। इनके अलावा सुनीता प्रजापति, महेन्द्र भारती आदि ने भी प्रस्ताव रखे।
नगर निगम नहीं पकड़ेगा बंदर और कुत्ते
सदन में पार्षद अहसान अंसारी ने कुत्ते का काटे का निशान दिखाया, जिस पर सभी पार्षदों ने कुत्ते और बंदरों को शहर से बाहर करने का प्रस्ताव रखा। जिस पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. गजेन्द्र सिंह ने एक भी कुत्ते या बंदर को पकड़कर बाहर करने से हाथ खड़े कर दिए। साथ ही भारत सरकार और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का हवाला देते हुए कहा कि इनकी नसबंदी ही की जा सकती है। पशुपालन चिकित्सा अधिकारी से बात हो चुकी है।
अवैध होर्डिंग पर 10 से 50 हजार प्रतिदिन जुर्माना
पार्षद धर्मवीर ने कहा कि अवैध होर्डिंग पर लगाम की जिम्मेदारी अपर नगरायुक्त को दी जानी चाहिए। पार्षदों की समिति गठित की जाए, जो निगम अधिकारियों के साथ मिलकर अवैध होर्डिंग को काटने का काम करेंगे। अवैध होर्डिंग पर जुर्माना लगाया जाए। इस पर बोर्ड ने प्रत्येक अवैध यूनिपोल, होर्डिंग पर 10 हजार से 50 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाने का प्रस्ताव पास किया। शासन द्वारा भेजे गए सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी, निगम कर्मचारी और पुलिस व पार्षदों को लेकर अवैध होर्डिंग के खिलाफ अभियान चलाने पर सहमति बनी।
पाल होटल का मामला उठा, जांच बैठी
घंटाघर के बराबर में पाल होटल को बेचे जाने का मामला फिर सदन में गूंजा। पार्षद धर्मवीर ने कहा कि अधिकारी निगम की सरकारी संपत्ति को मिलीभगत करके बेच रहे हैं। अरबों रुपये की संपत्ति को कौड़ी के भाव बेचा जा रहा है। संपत्ति का स्वरूप तक बदल दिया। नगर निगम की दुकानों को 100 रुपये के स्टांप पेपर पर बेचा जा रहा है। ऐसी सभी दुकानों की किराएदारी खत्म की जाए। दोबारा से दुकानों की बोली लगाकर किराए पर दिया जाए। पार्षदों के सवालों का जवाब किसी भी अधिकारी के पास नहीं मिला। लिपिक लोकेश शर्मा ने सदन को बताया कि पूर्व नगरायुक्त अब्दुल समद और देवेन्द्र कुशवाहा ने पाल होटल की दुकानों को नियमित किया, जिस पर नगरायुक्त ने अपर नगरायुक्त को जांच करने के निर्देश दिए।
पार्षद ने गालियां दी, धक्कामुक्की
बोर्ड बैठक में पहले बोलने को लेकर पार्षद जुबेर अहमद ने अपने प्रस्तावों के कागज फाड़ने शुरू कर दिए, वहीं भद्दी गालियां भी दीं। इसके विरोध में भाजपा पार्षदों ने हंगामा कर दिया। दोनों पक्षों में मारपीट की नौबत आ गई। जमकर धक्कामुक्की हुई।
घंटाघर का होगा सौंदर्यीकरण, लगेंगी लाइटें
घंटाघर का सौंदर्यीकरण करने और लाइटें लगवाने का प्रस्ताव सदन में पास हो गया। निगम बोर्ड फंड से इस काम पर 30 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।