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चिकित्सक
Updated Sat, 19 May 2018 02:36 AM IST
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इलाज में लापरवाही पर डॉक्टर को देने होंगे एक लाख रुपये
मेरठ। जिला उपभोक्ता फोरम ने चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. एसके गुप्ता को इलाज में लापरवाही व गलती का दोषी मानते हुए पीड़ित को एक लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के साथ देने के आदेश दिए हैं।
जिला उपभोक्ता फोरम में बलवीर नगर शाहदरा दिल्ली निवासी एमके जैन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने खुद को मेरठ में चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. एसके गुप्ता को दिखाया था। डॉक्टर ने उसे कौढ़ व हड्डी की टीबी की बीमारी बताई थी। साथ ही दवा लिखकर दी थी और एक गोली खाली पेट लेने को कहा था। दवा खाने के बाद 26 फरवरी 2012 को उसके मुंह में छाले हो गए और पेशाब व मल के रास्ते से खून आने लगा। इस पर उन्होंने डॉक्टर को दोबारा दिखाया। डॉक्टर ने अपने द्वारा लिखी गई दवाइयों को काटकर अन्य दवाई लिखकर खाने को दी। जब उन्होंने दूसरे चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने बताया कि जो दवाइयां लिखी गई हैं वह बीमारी उन्हें है ही नहीं। जिला उपभोक्ता फोरम मेरठ में शिकायत के बाद फोरम के अध्यक्ष डीबी जैन व महिला सदस्य इंदू चौधरी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि डॉ. एसके गुप्ता द्वारा गलत दवाई दी गई। इससे शिकायतकर्ता को काफी मानसिक व शारीरिक कष्ट झेलना पड़ा। इसके लिए डॉ एसके गुप्ता को एक लाख रुपये नौ प्रतिशत की ब्याज की दर से 2012 से आज तक अदा करने के आदेश दिया है। साथ ही 10 हजार रुपये मुकदमे का खर्चा भी देने होगा।
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मेरठ। जिला उपभोक्ता फोरम ने चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. एसके गुप्ता को इलाज में लापरवाही व गलती का दोषी मानते हुए पीड़ित को एक लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के साथ देने के आदेश दिए हैं।
जिला उपभोक्ता फोरम में बलवीर नगर शाहदरा दिल्ली निवासी एमके जैन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने खुद को मेरठ में चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. एसके गुप्ता को दिखाया था। डॉक्टर ने उसे कौढ़ व हड्डी की टीबी की बीमारी बताई थी। साथ ही दवा लिखकर दी थी और एक गोली खाली पेट लेने को कहा था। दवा खाने के बाद 26 फरवरी 2012 को उसके मुंह में छाले हो गए और पेशाब व मल के रास्ते से खून आने लगा। इस पर उन्होंने डॉक्टर को दोबारा दिखाया। डॉक्टर ने अपने द्वारा लिखी गई दवाइयों को काटकर अन्य दवाई लिखकर खाने को दी। जब उन्होंने दूसरे चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने बताया कि जो दवाइयां लिखी गई हैं वह बीमारी उन्हें है ही नहीं। जिला उपभोक्ता फोरम मेरठ में शिकायत के बाद फोरम के अध्यक्ष डीबी जैन व महिला सदस्य इंदू चौधरी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि डॉ. एसके गुप्ता द्वारा गलत दवाई दी गई। इससे शिकायतकर्ता को काफी मानसिक व शारीरिक कष्ट झेलना पड़ा। इसके लिए डॉ एसके गुप्ता को एक लाख रुपये नौ प्रतिशत की ब्याज की दर से 2012 से आज तक अदा करने के आदेश दिया है। साथ ही 10 हजार रुपये मुकदमे का खर्चा भी देने होगा।
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