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कांता कर्दम
Updated Sun, 05 Nov 2017 02:06 AM IST
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मेरठ। भारतीय जनता पार्टी ने महापौर पद पर प्रदेश उपाध्यक्ष कांता कर्दम को प्रत्याशी घोषित किया है। हालांकि आरक्षण सूचना जारी होते ही कांता कर्दम का नाम सभी की जुबान पर था, लेकिन पार्टी हाईकमान ने अधिकारिक घोषणा शनिवार देर रात की।
महापौर पद पर बसपा, सपा और कांग्रेस प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। बसपा से दलित बिरादरी की सुनीता वर्मा प्रत्याशी हैं तो सपा और कांग्रेस से वाल्मीकि बिरादरी की दीपू मनोठिया और ममता सूद प्रत्याशी हैं। अब भाजपा ने भी दलित बिरादरी की कांता कर्दम को प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं राष्ट्रीय सेविका परिषद से जुड़ीं वाल्मीकि बिरादरी से शिक्षिका सविता आंबोज भी दावेदारी कर रही थी। महानगर से गये पैनल में भी मुख्य मुकाबला इन्हीं दोनों के बीच था। लेकिन प्रांतीय नेतृत्व ने शनिवार को कांता कर्दम के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी।
कांता कर्दम का राजनीतिक परिचय
कांता कर्दम 1989 से राजनीति में सक्रिय हुईं और 1990 में महिला मोर्चा की वार्ड अध्यक्ष से शुरुआत की। इसके बाद शास्त्रीनगर मंडल की पदाधिकारी रहीं। महिला मोर्चा में महानगर महामंत्री, जिला मेरठ, बागपत की प्रबुद्ध प्रकोष्ठ में वरिष्ठ उपाध्यक्ष, युवा मोर्चा में सदस्य के रूप में सक्रिय रहीं। इसके अलावा आरएसएस की महिला विंग सेवा भारती में लंबे समय तक काम किया। प्रदेश में अनुसूचित मोर्चा की सदस्य रहीं और उत्तरांचल के साथ ही पश्चिमी क्षेत्र की प्रभारी रहीं। इसके बाद प्रदेश में भाजपा कार्यकारिणी की सदस्य रहीं। 15 साल राष्ट्रीय परिषद की सदस्य, महिला मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा में प्रदेश मंत्री रहीं और इस समय भाजपा में प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त हैं। कांता कर्दम के पति वीर सिंह कर्दम भी इस समय महानगर भाजपा में महामंत्री हैं।
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खास बात
नाम शुरू से चर्चा में लेकिन घोषणा में हुई देरी, सविता आंबोज भी कर रही थीं दावेदारी
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महापौर पद पर बसपा, सपा और कांग्रेस प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। बसपा से दलित बिरादरी की सुनीता वर्मा प्रत्याशी हैं तो सपा और कांग्रेस से वाल्मीकि बिरादरी की दीपू मनोठिया और ममता सूद प्रत्याशी हैं। अब भाजपा ने भी दलित बिरादरी की कांता कर्दम को प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं राष्ट्रीय सेविका परिषद से जुड़ीं वाल्मीकि बिरादरी से शिक्षिका सविता आंबोज भी दावेदारी कर रही थी। महानगर से गये पैनल में भी मुख्य मुकाबला इन्हीं दोनों के बीच था। लेकिन प्रांतीय नेतृत्व ने शनिवार को कांता कर्दम के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी।
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कांता कर्दम का राजनीतिक परिचय
कांता कर्दम 1989 से राजनीति में सक्रिय हुईं और 1990 में महिला मोर्चा की वार्ड अध्यक्ष से शुरुआत की। इसके बाद शास्त्रीनगर मंडल की पदाधिकारी रहीं। महिला मोर्चा में महानगर महामंत्री, जिला मेरठ, बागपत की प्रबुद्ध प्रकोष्ठ में वरिष्ठ उपाध्यक्ष, युवा मोर्चा में सदस्य के रूप में सक्रिय रहीं। इसके अलावा आरएसएस की महिला विंग सेवा भारती में लंबे समय तक काम किया। प्रदेश में अनुसूचित मोर्चा की सदस्य रहीं और उत्तरांचल के साथ ही पश्चिमी क्षेत्र की प्रभारी रहीं। इसके बाद प्रदेश में भाजपा कार्यकारिणी की सदस्य रहीं। 15 साल राष्ट्रीय परिषद की सदस्य, महिला मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा में प्रदेश मंत्री रहीं और इस समय भाजपा में प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त हैं। कांता कर्दम के पति वीर सिंह कर्दम भी इस समय महानगर भाजपा में महामंत्री हैं।
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खास बात
नाम शुरू से चर्चा में लेकिन घोषणा में हुई देरी, सविता आंबोज भी कर रही थीं दावेदारी