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14 लोगों का धर्म परिवर्तन कराता पादरी दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jun 2018 01:21 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुल्हैडा चर्च का पादरी 14 लोगों का धर्म परिवर्तन कराते समय सोमवार को सरधना तहसील में पकड़ा गया। वह फर्जी तरीके से शपथ पत्र तैयार कर रहा था। वहां पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पादरी की जमकर धुनाई की। पुलिस ने आरोपी पादरी को जेल भेज दिया है।
सरधना थानाक्षेत्र के मुल्हैडा स्थित सेंट थामस चर्च के पादरी दीपेंद्र प्रकाश मालेवार पांच वर्ष से मुल्हैडा चर्च की देखरेख करते हैं। पुलिस के अनुसार पादरी दीपेंद्र सोमवार को सरधना तहसील में एक अधिवक्ता के पास पहुंचे थे। बताया गया कि पादरी मंसूरपुर, मुजफ्फरनगर के हिंदू धर्म के 14 लोगों के शपथ पत्र तैयार करा रहे थे। इसकी जानकारी पर बजरंग दल के विभाग संयोजक मिलन सोम कार्यकर्ताओं को लेकर तहसील में पहुंचे।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को पादरी के पास से फर्जी शपथ पत्र मिले। पूछने पर पादरी ने बताया कि 14 हिंदू लोग स्वेच्छा से ईसाई धर्म अपनाना चाहते है। बजरंग दल ने लोगों के उनके बारे में पूछा तो वह पादरी चुप हो गए। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पादरी को वकील के चैंबर में पीटा। इसकी सूचना पर इंस्पेक्टर सरधना धर्मेंद्र राठौर भी फोर्स लेकर तहसील में पहुंचे। बाद में मिलन सोम की तरफ से पादरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। दर्ज मुकदमे के मुताबिक आरोप है कि शपथ पत्रों के बारे में पूछने पर पादरी व उनके कुछ साथियों ने मिलन सोम और उनके साथी अभिषेक चौहान के साथ मारपीट कर दी। पुलिस ने पादरी का शांतिभंग में चालान किया है। जिसमें एसडीएम कोर्ट ने पादरी को 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया।
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चेंबर में मारपीट, हंगामा
पादरी एक अधिवक्ता के चैंबर में बैठा था। जहां पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पादरी को पकड़कर धुनाई की। आरोप है कि अधिवक्ता का मुंशी शपथ पत्र तैयार करा रहा था। पादरी से मारपीट होते ही मुंशी वहां से निकल गया। इसको लेकर हंगामा हो गया। तहसील में गहमागहमी का माहौल हो गया था। बजरंग दल ने नारेबाजी शुरू कर दी कि जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। सीनियर अधिवक्ता भी मौके पर पहुंच गए। जैसे तैसे कर पुलिस ने स्थिति को कंट्रोल में किया।
शपथ पत्रों में झोल बताया
सीओ सरधना संतोष कुमार और एसडीएम राकेश कुमार ने भी शपथ पत्रों की जांच की। एक भी शपथ कर्ता के मौके पर नहीं मिलने पर सवाल उठा कि क्या सभी शपथपत्र फर्जी तरीके से तैयार किये गए हैं। इस मामले में शपथपत्र को सत्यापित करने को लेकर पुलिस ने पूछताछ के लिये एक अधिवक्ता को थाने बुलवाया। पूछताछ के बाद अधिवक्ता को क्लीन चिट दी गई।
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सरधना थानाक्षेत्र के मुल्हैडा स्थित सेंट थामस चर्च के पादरी दीपेंद्र प्रकाश मालेवार पांच वर्ष से मुल्हैडा चर्च की देखरेख करते हैं। पुलिस के अनुसार पादरी दीपेंद्र सोमवार को सरधना तहसील में एक अधिवक्ता के पास पहुंचे थे। बताया गया कि पादरी मंसूरपुर, मुजफ्फरनगर के हिंदू धर्म के 14 लोगों के शपथ पत्र तैयार करा रहे थे। इसकी जानकारी पर बजरंग दल के विभाग संयोजक मिलन सोम कार्यकर्ताओं को लेकर तहसील में पहुंचे।
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बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को पादरी के पास से फर्जी शपथ पत्र मिले। पूछने पर पादरी ने बताया कि 14 हिंदू लोग स्वेच्छा से ईसाई धर्म अपनाना चाहते है। बजरंग दल ने लोगों के उनके बारे में पूछा तो वह पादरी चुप हो गए। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पादरी को वकील के चैंबर में पीटा। इसकी सूचना पर इंस्पेक्टर सरधना धर्मेंद्र राठौर भी फोर्स लेकर तहसील में पहुंचे। बाद में मिलन सोम की तरफ से पादरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। दर्ज मुकदमे के मुताबिक आरोप है कि शपथ पत्रों के बारे में पूछने पर पादरी व उनके कुछ साथियों ने मिलन सोम और उनके साथी अभिषेक चौहान के साथ मारपीट कर दी। पुलिस ने पादरी का शांतिभंग में चालान किया है। जिसमें एसडीएम कोर्ट ने पादरी को 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया।
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चेंबर में मारपीट, हंगामा
पादरी एक अधिवक्ता के चैंबर में बैठा था। जहां पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पादरी को पकड़कर धुनाई की। आरोप है कि अधिवक्ता का मुंशी शपथ पत्र तैयार करा रहा था। पादरी से मारपीट होते ही मुंशी वहां से निकल गया। इसको लेकर हंगामा हो गया। तहसील में गहमागहमी का माहौल हो गया था। बजरंग दल ने नारेबाजी शुरू कर दी कि जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। सीनियर अधिवक्ता भी मौके पर पहुंच गए। जैसे तैसे कर पुलिस ने स्थिति को कंट्रोल में किया।
शपथ पत्रों में झोल बताया
सीओ सरधना संतोष कुमार और एसडीएम राकेश कुमार ने भी शपथ पत्रों की जांच की। एक भी शपथ कर्ता के मौके पर नहीं मिलने पर सवाल उठा कि क्या सभी शपथपत्र फर्जी तरीके से तैयार किये गए हैं। इस मामले में शपथपत्र को सत्यापित करने को लेकर पुलिस ने पूछताछ के लिये एक अधिवक्ता को थाने बुलवाया। पूछताछ के बाद अधिवक्ता को क्लीन चिट दी गई।