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सीसीएसयू में लाएंगे ऑनलाइन सिस्टम में बड़ा बदलाव: कुलपति
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सीसीएसयू में लाएंगे ऑनलाइन सिस्टम में बड़ा बदलाव: कुलपति
- अमर उजाला से बातचीत में बोले वीसी प्रो. एनके तनेजा, पैसे मांगने वालों को भिजवाएंगे जेल
- आईआईटी और दूसरी एजेंसी के इंजीनियर्स से चल रही बात, जल्द लाएंगे एडवांस ग्रीवांस सेल
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। सीसीएसयू में डिग्री-प्रमाण पत्र बनाने में दलाली उजागर होने के बाद कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने जहां दोषी कर्र्मचारियों को सस्पेंड किया है तो ऑनलाइन सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। अमर उजाला से बातचीत में कुलपति ने बताया कि यूनिवर्सिटी में भ्रष्टाचार करने वालों पर आगे और भी सख्त कार्रवाई होगी।
सवाल : कैंपस में इस तरह से प्रमाण पत्र बनाने में खेल चल रहा था। इसके बाद भी यह सब पकड़ा क्यों नहीं गया?
कुलपति: इसमें यूनिवर्सिटी के कर्मचारी ही नहीं अधिकारी भी दोषी हैं। इस मामले में कार्यवाहक रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार और दूसरे जिम्मेदार पदों पर बैठे सभी अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने रोजाना का रिकॉर्ड चेक क्यों नहीं किया। इस प्रकरण में जांच के बाद सख्त कार्रवाई होगी।
सवाल: ग्रीवांस सेल सिस्टम पटरी पर नहीं आया। ऐसे में ऑनलाइन व्यवस्था कैसे बदलेगी?
कुलपति : ग्रीवांस सेल सिस्टम चलता रहेगा। लेकिन हम अलग से एक नया ग्रीवांस सेल शुरू कराने जा रहे हैं। इसके लिए आईआईटी और दूसरी नामचीन एजेंसी के इंजीनियर्स से बात चल रही हैं। चाहे कुछ भी हो हम बहुत जल्द एडवांस ग्रीवांस सेल शुरू करेंगे। उसका सारा सिस्टम हमारे ऑफिस से रहेगा। जो भी प्रमाण पत्र बनेंगे उनका पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेगा। यह बहुत जल्द ही अमल में लाया जाएगा।
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सवाल : प्रमाण पत्र और इस तरह के कार्यों संबंधी गलती पर रजिस्ट्रार या डिप्टी रजिस्ट्रार जवाबदेह क्यों नहीं हैं?
जवाब: रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक अभी आए नहीं हैं। अब इन कार्यों के लिए हर अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। किसी को भी कोई मौका नहीं मिलेगा। लापरवाही की एक हद होती है। जिम्मेदार पदों पर बैठे अफसरों को ऐसी गलतियों पर स्पष्टीकरण देना होगा।
सवाल: इस तरह का अनैतिक कार्य फिर से शुरू हो गया तो क्या करेंगे?
जवाब: जिन छात्र-छात्राओं को किसी कारणवश जल्द प्रमाण पत्रों की आवश्यकता होती है, वे हमारे ऑफिस में आकर संपर्क करते रहे हैं। छात्र-छात्राओं को अगर कोई प्रमाण पत्र बनाने में परेशान करता है या काम के लिए टालता है तो ऐसे में उस कर्मचारी की शिकायत करें। यूनिवर्सिटी छात्र-छात्राओं के कार्यों के लिए ही है। ऐसे में अगर उनको कोई टालता है या पैसे मांगता है तो उसको बख्शा नहीं जाएगा। अगर कोई किसी काम के पैसे मांगे तो सीधे हमारे ऑफिस में शिकायत करें। ऐसे लोगों को जेल भी भिजवाएंगे।
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- अमर उजाला से बातचीत में बोले वीसी प्रो. एनके तनेजा, पैसे मांगने वालों को भिजवाएंगे जेल
- आईआईटी और दूसरी एजेंसी के इंजीनियर्स से चल रही बात, जल्द लाएंगे एडवांस ग्रीवांस सेल
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। सीसीएसयू में डिग्री-प्रमाण पत्र बनाने में दलाली उजागर होने के बाद कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने जहां दोषी कर्र्मचारियों को सस्पेंड किया है तो ऑनलाइन सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। अमर उजाला से बातचीत में कुलपति ने बताया कि यूनिवर्सिटी में भ्रष्टाचार करने वालों पर आगे और भी सख्त कार्रवाई होगी।
सवाल : कैंपस में इस तरह से प्रमाण पत्र बनाने में खेल चल रहा था। इसके बाद भी यह सब पकड़ा क्यों नहीं गया?
कुलपति: इसमें यूनिवर्सिटी के कर्मचारी ही नहीं अधिकारी भी दोषी हैं। इस मामले में कार्यवाहक रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार और दूसरे जिम्मेदार पदों पर बैठे सभी अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने रोजाना का रिकॉर्ड चेक क्यों नहीं किया। इस प्रकरण में जांच के बाद सख्त कार्रवाई होगी।
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सवाल: ग्रीवांस सेल सिस्टम पटरी पर नहीं आया। ऐसे में ऑनलाइन व्यवस्था कैसे बदलेगी?
कुलपति : ग्रीवांस सेल सिस्टम चलता रहेगा। लेकिन हम अलग से एक नया ग्रीवांस सेल शुरू कराने जा रहे हैं। इसके लिए आईआईटी और दूसरी नामचीन एजेंसी के इंजीनियर्स से बात चल रही हैं। चाहे कुछ भी हो हम बहुत जल्द एडवांस ग्रीवांस सेल शुरू करेंगे। उसका सारा सिस्टम हमारे ऑफिस से रहेगा। जो भी प्रमाण पत्र बनेंगे उनका पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेगा। यह बहुत जल्द ही अमल में लाया जाएगा।
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सवाल : प्रमाण पत्र और इस तरह के कार्यों संबंधी गलती पर रजिस्ट्रार या डिप्टी रजिस्ट्रार जवाबदेह क्यों नहीं हैं?
जवाब: रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक अभी आए नहीं हैं। अब इन कार्यों के लिए हर अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। किसी को भी कोई मौका नहीं मिलेगा। लापरवाही की एक हद होती है। जिम्मेदार पदों पर बैठे अफसरों को ऐसी गलतियों पर स्पष्टीकरण देना होगा।
सवाल: इस तरह का अनैतिक कार्य फिर से शुरू हो गया तो क्या करेंगे?
जवाब: जिन छात्र-छात्राओं को किसी कारणवश जल्द प्रमाण पत्रों की आवश्यकता होती है, वे हमारे ऑफिस में आकर संपर्क करते रहे हैं। छात्र-छात्राओं को अगर कोई प्रमाण पत्र बनाने में परेशान करता है या काम के लिए टालता है तो ऐसे में उस कर्मचारी की शिकायत करें। यूनिवर्सिटी छात्र-छात्राओं के कार्यों के लिए ही है। ऐसे में अगर उनको कोई टालता है या पैसे मांगता है तो उसको बख्शा नहीं जाएगा। अगर कोई किसी काम के पैसे मांगे तो सीधे हमारे ऑफिस में शिकायत करें। ऐसे लोगों को जेल भी भिजवाएंगे।